ब्लू व्हेल चैलेंज 2016 में रूस से शुरू हुआ एक खतरनाक ऑनलाइन गेम था, जिसे फिलिप बुदे-Kin ने बनाया। इसमें 50 दिनों तक 50 टास्क पूरे करने होते थे, जो धीरे-धीरे सेल्फ-हार्म और आखिर में आत्महत्या तक पहुंचाते थे। शुरुआती टास्क सरल लगते थे जैसे रात 4 बजे जागना, डरावनी फिल्म देखना या कलाई पर नीला व्हेल का चित्र बनाना। लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ते, टास्क खतरनाक होते गए – छत पर चढ़ना, ट्रेन के आगे लेटना या तेज चाकू से कट लगाना।

भारत में इस चैलेंज ने 2017 में पहली बड़ी तबाही मचाई। मुंबई के अंधेरी में 14 साल का मनीक शहाणे इस गेम का शिकार बना। वह 7वीं मंजिल से कूद पड़ा और मौके पर ही मौत हो गई। उसके फोन में एडमिन के मैसेज मिले, जो टास्क पूरा न करने पर धमकी देते थे। उसके बाद देशभर में 100 से ज्यादा मामले सामने आए, जिनमें युवा खुदकुशी कर रहे थे। पुलिस ने कई ऐप्स बैन किए, लेकिन चैलेंज टेलीग्राम और फेसबुक ग्रुप्स में छिपकर फैला।

यह चैलेंज क्यों इतना घातक था? क्योंकि एडमिन पीड़ितों को mentलly blackmail करते थे। वे निजी जानकारी चुराकर ब्लैकमेल करते और वीडियो लीक करने की धमकी देते। भारत सरकार ने साइबर सेल को अलर्ट किया और स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाए। फिर भी, 2018 तक दर्जनों मौतें हुईं।

कोरियन लवर गेम: गाजियाबाद की त्रासदी

फरवरी 2026 में गाजियाबाद के भारत सिटी में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। 16, 14 और 12 साल की तीन बहनें – प्रachi (बीच वाली), बड़ी और छोटी – 9वीं मंजिल से कूद पड़ीं। कारण? ‘कोरियन लवर’ नाम का वायरल गेम, जो ब्लू व्हेल से मिलता-जुलता है। यह एक AI-बेस्ड ऐप है, जहां वर्चुअल कोरियन प्रेमी टास्क देता है। शुरुआत में रोमांटिक चैट, गिफ्ट्स और सरल काम जैसे फोटो शेयरिंग। लेकिन 50वें टास्क पर ‘डेथ कमांड’ – आत्महत्या।

14 साल की प्राची ‘डेथ कमांडर’ बनी, जिसका मतलब गेम में दूसरों को टास्क देने वाली। बहनों ने सुसाइड नोट में लिखा, “सॉरी मम्मी-पापा, आखिरी टास्क पूरा करना था।” मोबाइल में वीडियो मिला, जहां वे आखिरी टास्क रिकॉर्ड कर रही थीं। पुलिस जांच में पता चला कि यह गेम TikTok और Instagram Reels पर वायरल हो रहा था, जहां #KoreanLoverChallenge ट्रेंड कर रहा था।

यह घटना ब्लू व्हेल की याद दिलाती है। दोनों में ग्रेजुअल एस्केलेशन है – हानिरहित से घातक। विशेषज्ञों का कहना है कि AI चैटबॉट्स भावनात्मक रूप से जोड़ते हैं, जिससे बच्चे हकीकत भूल जाते हैं। गाजियाबाद पुलिस ने ऐप डेवलपर्स की तलाश शुरू की है, लेकिन यह विदेशी सर्वर पर होस्टेड लगता है।

अन्य खतरनाक ऑनलाइन चैलेंजेस का खौफ

ऑनलाइन चैलेंज सिर्फ ब्लू व्हेल या कोरियन लवर तक सीमित नहीं। कई और वायरल ट्रेंड्स जानलेवा साबित हुए:

  • मोमो चैलेंज: 2018 में व्हाट्सएप पर भयानक मोमो की तस्वीर वायरल हुई। राजस्थान के अजमेर में 15 साल की छात्रा ने नस काटी और फांसी लगा ली। यह होक्स था, लेकिन डर ने कई को फंसाया।
  • फायर चैलेंज: शरीर पर पेट्रोल या स्प्रे लगाकर आग लगाना। अमेरिका में सैकड़ों जलन के मामले, भारत में भी युवा कॉपी कर रहे।
  • टाइड पॉड चैलेंज: डिटर्जेंट पॉड खाना, जो जहर बन जाता। YouTube पर वीडियो बैन हुए।
  • सॉल्ट एंड आइस चैलेंज: नमक-बर्फ मिक्स से त्वचा जला देना, जो गंभीर चोट पहुंचाता।
  • PUBG और रम्मी ऐप्स: गेमिंग लत से सुसाइड। कर्नाटक में 31 महीनों में 32 मौतें।

ये चैलेंज TikTok, Instagram, YouTube Shorts पर वायरल होते हैं। एल्गोरिदम व्यूज के लिए प्रमोट करता है, बिना खतरे चेक किए।

क्यों बन जाते हैं चैलेंज घातक? मनोवैज्ञानिक कारण

ऑनलाइन चैलेंज आकर्षक क्यों लगते हैं? मनोवैज्ञानिकों के अनुसार:

  1. एड्रेनालिन रश: खतरा एक्साइटमेंट देता है, जैसे स्काईडाइविंग।
  2. पीयर प्रेशर: दोस्तों के वीडियो देखकर FOMO (Fear of Missing Out) होता है।
  3. वैलिडेशन: लाइक्स, कमेंट्स से डोपामाइन रिलीज।
  4. ग्रेजुअल एस्केलेशन: फ्रॉग इन बॉयलिंग वॉटर थ्योरी – धीरे-धीरे खतरा बढ़ता है, पता नहीं चलता।
  5. मेंटल हेल्थ इश्यू: डिप्रेशन वाले युवा आसानी फंसते। भारत में 15-29 साल के 30% युवा डिप्रेशन से जूझ रहे।

साइबर क्रिमिनल्स डार्क वेब से ऐप्स बनाते, जो लोकेशन ट्रैक कर ब्लैकमेल करते।

भारत में बढ़ते खतरे और आंकड़े

भारत में ऑनलाइन गेमिंग मार्केट 2025 तक $5 बिलियन का हो गया। लेकिन NCRB डेटा कहता है, साइबर बुलिंग से सुसाइड 20% बढ़े। 2026 में कोरियन लवर से पहली ट्रिपल सुसाइड। PUBG बैन के बाद भी 50+ ऐप्स आए।

राज्यवार आंकड़े:

राज्यसुसाइड केस (2020-2025)मुख्य चैलेंज
महाराष्ट्र150+ब्लू व्हेल
कर्नाटक32 (31 महीने)गेमिंग लत
उत्तर प्रदेश50+कोरियन लवर
राजस्थान20+मोमो

सरकार और पुलिस की कार्रवाई

  • ब्लू व्हेल पर: 2017 में IT एक्ट के तहत बैन, साइबर सेल हेल्पलाइन 1930।
  • PUBG बैन: 2020 में 118 ऐप्स बैन।
  • नया कदम: 2026 में MeitY ने AI गेम्स रेगुलेट करने का प्रस्ताव। TikTok जैसी ऐप्स पर सख्ती।

पुलिस कहती है, रिपोर्टिंग बढ़ाएं। NCPCR स्कूलों में वर्कशॉप करा रही।

माता-पिता और स्कूल कैसे बचाएं बच्चों को?

  1. स्क्रीन टाइम लिमिट: 2 घंटे/दिन, पैरेंटल कंट्रोल यूज करें (Google Family Link)।
  2. ओपन कम्युनिकेशन: बच्चे के फोन चेक करें, व्यवहार नोटिस करें – चिड़चिड़ापन, रात जागना।
  3. डिजिटल लिटरेसी: स्कूलों में साइबर सेफ्टी क्लास।
  4. ऐप ब्लॉक: Qustodio या Norton Family यूज करें।
  5. हेल्पलाइन: Childline 1098 या साइबर सेल।

विशेषज्ञ सलाह: अगर बच्चा व्हेल ड्रॉइंग बनाए या अजनबी से चैट करे, तुरंत एक्शन लें।

भविष्य में खतरा: AI और मेटावर्स

AI चैटबॉट्स जैसे Grok या ChatGPT से मिलते गेम्स आ रहे। मेटावर्स में वर्चुअल रियलिटी चैलेंज। विशेषज्ञ चेताते हैं, VR में खतरा रियल लगेगा। भारत को सख्त लॉ बनाना होगा।

जागरूकता ही बचाव

ब्लू व्हेल से कोरियन लवर तक, ऑनलाइन चैलेंज मनोरंजन से मौत बन जाते। माता-पिता, स्कूल और सरकार मिलकर लड़ें। बच्चे डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहें, यही लक्ष्य। शेयर करें, जागरूक बनाएं!
  यह भी पढ़ें:

https://thedbnews.in/wp-content/uploads/2026/02/KORIAN_GAME-DAILY-0001.jpghttps://thedbnews.in/wp-content/uploads/2026/02/KORIAN_GAME-DAILY-0001-150x150.jpgThe Daily Briefingअपराधराय / संपादकीयराष्ट्रीय समाचारलाइफस्टाइलBlueWhaleChallenge,Breaking News,Breaking News in Hindi,Breaking News Live,HIndi News,Hindi News Live,Latest News in Hindi,News in Hindi,OnlineChallenge,PUBG बैन,The Daily Briefing,The DB News,आंकड़े,आसान उपाय,कोरियन लवर गेम,खौफनाक चेहरा,ताज़ा हिंदी समाचार,ब्लू व्हेल चैलेंज,वायरल चैलेंज,सुसाइड,हिंदी समाचारब्लू व्हेल चैलेंज 2016 में रूस से शुरू हुआ एक खतरनाक ऑनलाइन गेम था, जिसे फिलिप बुदे-Kin ने बनाया। इसमें 50 दिनों तक 50 टास्क पूरे करने होते थे, जो धीरे-धीरे सेल्फ-हार्म और आखिर में आत्महत्या तक पहुंचाते थे। शुरुआती टास्क सरल लगते थे जैसे रात 4 बजे जागना,...For Daily Quick Briefing