पश्चिमी यूपी में 15 हजार क्षमता का डिटेंशन सेंटर मॉडल तैयार

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठियों और रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए 15 हजार लोगों की क्षमता वाला डिटेंशन सेंटर का पहला मॉडल तैयार कर लिया गया है। मंडलायुक्त ने इस मॉडल को सरकार को भेज दिया है, जहां गृह विभाग इसकी बारीकी से समीक्षा कर रहा है। यह कदम राज्य में अवैध प्रवासियों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

मजबूत सुरक्षा व्यवस्था
सेंटर में त्रिस्तरीय सुरक्षा कवच होगा, जिसमें बायोमेट्रिक सिस्टम जैसे फेस रिकग्निशन और थंब इंप्रेशन शामिल हैं। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रहेगी और प्रवेश द्वार पर कंट्रोल रूम से ग्रीन सिग्नल के बिना कोई अंदर नहीं जा सकेगा। मंडलायुक्त ने केंद्रीय सुरक्षा बल के 50 कर्मियों की स्थायी तैनाती की सिफारिश भी की है।
क्षमता और आधुनिक सुविधाएं
यह डिटेंशन सेंटर 15,000 लोगों को समायोजित करने की क्षमता रखता है, जिसमें पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग ब्लॉक होंगे लेकिन एक ही परिसर में। मॉडल में आधुनिक तकनीकी सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया है ताकि सुरक्षा और प्रबंधन आसान हो।
भविष्य की योजनाएं
गृह विभाग से मंजूरी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश के 17 नगर निकायों में ऐसे सेंटर स्थापित किए जाएंगे। जहां घुसपैठियों की संख्या अधिक होगी, वहां एक ही स्थान पर अतिरिक्त सेंटर भी बनाए जा सकेंगे। इससे अवैध प्रवासियों पर नकेल कसी जाएगी और राज्य की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होगी।

