वाराणसी में एक युवती को पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया गया और उसके अचेत होने पर अंशुल केसरी, शिव केसरी, विधान चंद्र आर्या, दर्शन दास गुप्ता व कृष्ण कुमार चौरसिया ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

इस मामले में थाने पर शिकायत के बाद पुलिस ने मुख्य न्यायालय के आदेश पर मामला दर्ज कर तीन आरोपितों अंशुल केसरी, शिव केसरी और विधान चंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि दो अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि एक चिट फंड कंपनी के एजेंटों ने उसे निवेश के बहाने धोखा दिया और फिर दुष्कर्म किया। घटना रामनगर थाना क्षेत्र की है और मामला मार्च 2025 का बताया गया है। पीड़िता ने इस दौरान यह भी बताया कि नशीला पदार्थ पिलाने के बाद उसका दुष्कर्म किया गया और बाद में वह घर जाकर अपने परिजनों को यह बात बताई। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है.

यह मामला पिछले साल मई 2023 की एक दूसरी सामूहिक दुष्कर्म की घटना से अलग है, जिसमें भी वाराणसी में युवती से दुष्कर्म हुआ था और दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा, वाराणसी में एक अन्य मामले में सात दिनों तक 23 युवकों द्वारा एक युवती से लगातार दुष्कर्म किए जाने की सूचना भी हाल ही में आई है, जिसके आरोपियों में से कई गिरफ्तार हो चुके हैं और मामले की जांच चल रही है.

संक्षेप में, ताज़ा मामला मार्च 2025 का है जिसमें नशीला पदार्थ खिलाकर युवती के साथ दुष्कर्म हुआ और तीन आरोपित गिरफ्तार हैं, दो अन्य की गिरफ्तारी जारी है।

पीड़िता की मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट

वाराणसी में नशीला पदार्थ खिलाकर युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पीड़िता की मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट का हाल कुछ इस प्रकार है:

  • पीड़िता का मेडिकल परीक्षण पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में हुआ, जहां शुरुआत में उसने स्वेच्छा से पूरी मेडिकल जांच कराने से मना किया। बाद में पुलिस और महिला चिकित्सक के समझाने पर विधिवत जांच कराई गई।
  • फोरेंसिक जांच रिपोर्ट में देरी हुई, जिसके चलते एसआईटी ने रिमाइंडर भेजा है। जांच में आरोपितों के ब्लड सैंपल द्वारा डीएनए मिलान किया जाना है, लेकिन अब तक फोरेंसिक रिपोर्ट पूरी तरह प्राप्त नहीं हुई है।
  • मेडिकल रिपोर्ट में यह पाया गया कि महिला हेपेटाइटिस बी से संक्रमित है, जिससे पता चलता है कि उसे गंभीर बीमारी हुई है। साथ ही उसे जॉन्डिस (पीलिया) भी था और ब्लड काउंट कम पाया गया। उसका स्वास्थ्य गंभीर माना गया।
  • हालांकि फोरेंसिक रिपोर्ट में शरीर में नशीला पदार्थ पाए जाने के कोई ठोस संकेत नहीं मिले हैं। एसआईटी के अनुसार, पीड़िता के बयान, मोबाइल डाटा, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की गई है।
  • एसआईटी ने दावा किया कि पीड़िता के कई बयान में विरोधाभास पाए गए हैं और जांच जारी है। कुछ आरोपियों के परिवारों ने भी वीडियो और फोटो के माध्यम से पुलिस को सबूत प्रदान किए हैं, जो पीड़िता के शुरुआती आरोपों को चुनौती देते हैं।
  • पूरे मामले में कोर्ट में पीड़िता के बयान और फोरेंसिक रिपोर्ट मिलान के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
  • इस मामले में एसआईटी ने कई लोगों के बयान लिए हैं और जांच प्रक्रिया चल रही है।

इसलिए, मेडिकल रिपोर्ट से पता चलता है कि पीड़िता को गंभीर बीमारी हुई है, लेकिन नशीले पदार्थ के ठोस प्रमाण फोरेंसिक रिपोर्ट में अभी तक स्पष्ट नहीं हुए हैं। एसआईटी जांच जारी रखते हुए सभी साक्ष्यों का मिलान कर रही है ताकि न्याय संगत निर्णय लिया जा सके.

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