दलाल स्ट्रीट को बड़ा झटका: एक़्विटास के फाउंडर सिद्धार्थ भैया का 47 वर्ष की उम्र में निधन

शेयर बाजार और निवेश जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। दलाल स्ट्रीट के जाने-माने स्मॉलकैप निवेशक और Aequitas Investment Advisors के संस्थापक व मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ भैया का 31 दिसंबर 2025 को निधन हो गया। वह 47 वर्ष के थे। बताया जा रहा है कि न्यूज़ीलैंड में पारिवारिक छुट्टियों के दौरान उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

निवेश जगत में शोक की लहर
सिद्धार्थ भैया के अचानक निधन से निवेशकों, फंड मैनेजर्स और शेयर बाजार से जुड़े पेशेवरों में शोक की लहर है। Aequitas Investment Advisors ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह उनके लिए अपूरणीय क्षति है। कंपनी ने बताया कि सिद्धार्थ भैया न केवल एक दूरदर्शी निवेशक थे, बल्कि एक मजबूत संस्थान निर्माता भी थे, जो अनुशासित और ईमानदार निवेश दर्शन में विश्वास रखते थे।
कौन थे सिद्धार्थ भैया?
सिद्धार्थ भैया पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री से की थी और लगभग सात वर्षों तक निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड में फंड मैनेजर के रूप में काम किया। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2012 में Aequitas Investment Advisors की स्थापना की।
धीरे-धीरे Aequitas ने खुद को एक भरोसेमंद PMS (Portfolio Management Services) और AIF (Alternative Investment Fund) प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित किया।
स्मॉलकैप निवेश में बनाई खास पहचान
सिद्धार्थ भैया को भारतीय शेयर बाजार में स्मॉलकैप और मिडकैप स्टॉक्स की शुरुआती पहचान के लिए जाना जाता था। उनका मानना था कि लंबी अवधि में सही बिज़नेस चुनना ही असली निवेश है।
उनका प्रमुख फंड India Opportunities PMS बीते 13 वर्षों में लगभग 33% की CAGR देने में सफल रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फंड ने करीब 3700% का कुल रिटर्न दिया, जो इसे दलाल स्ट्रीट की सबसे सफल निवेश रणनीतियों में शामिल करता है।
भीड़ से अलग सोच रखने वाले निवेशक
सिद्धार्थ भैया को एक कॉन्ट्रेरियन इन्वेस्टर माना जाता था। वे भीड़ के पीछे भागने की बजाय वैल्यू और ग्रोथ के संतुलन पर विश्वास करते थे। जब बाजार में अत्यधिक तेजी और ऊंचे वैल्यूएशन दिखते थे, तो वे निवेश से पीछे हटने में भी नहीं हिचकते थे।साल 2025 में उन्होंने अपने पोर्टफोलियो का लगभग 80% हिस्सा कैश में रखा था। उनका मानना था कि महंगे वैल्यूएशन पर निवेश करना समझदारी नहीं है।
“बुल मार्केट नहीं, यह एक बड़ा बुलबुला है”
हाल के महीनों में सिद्धार्थ भैया भारतीय शेयर बाजार को लेकर काफी सतर्क नजर आ रहे थे। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उन्होंने मौजूदा बाजार स्थिति को “एपिक प्रपोर्शन का बुलबुला” बताया था। इसी सोच के तहत Aequitas ने अपने निवेश का कुछ हिस्सा गोल्ड ETF और विदेशी बाजारों में भी डायवर्ट किया।
Aequitas की आगे की रणनीति
कंपनी ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि Aequitas अपने संस्थापक के निवेश सिद्धांतों और दीर्घकालिक सोच के साथ आगे बढ़ती रहेगी। टीम ने कहा कि सिद्धार्थ भैया की सोच और विज़न ही आने वाले समय में कंपनी की दिशा तय करेगा।
निवेश जगत ने दी श्रद्धांजलि
सोशल मीडिया और निवेश मंचों पर कई दिग्गज निवेशकों, एनालिस्ट्स और मार्केट एक्सपर्ट्स ने सिद्धार्थ भैया को श्रद्धांजलि दी है। उन्हें एक ऐसे निवेशक के रूप में याद किया जा रहा है जिसने धैर्य, अनुशासन और स्वतंत्र सोच को हमेशा प्राथमिकता दी।
सिद्धार्थ भैया का असमय निधन भारतीय शेयर बाजार के लिए एक बड़ी क्षति है। उनका निवेश दर्शन और दीर्घकालिक सोच आने वाले निवेशकों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।

