तालिबान के विदेश मंत्री के दिल्ली आते ही पहली बार काबुल पर पाकिस्तान ने क्यों किया हमला, पैनिक में PAK

भारत में अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी के पहले उच्च-स्तरीय दौरे के दौरान पाकिस्तान ने काबुल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। यह हमला काबुल में TTP प्रमुख नूर वली महसूद को निशाना बनाकर किया गया था, हालांकि महसूद ने खुद को सुरक्षित बताकर इन मौत की रिपोर्ट को खारिज किया है। यह घटना पाकिस्तान की अफगानिस्तान में भारत की बढ़ती कूटनीतिक नजदीकियों से बेचैनी का संकेत है, खासकर तालिबान के विदेश मंत्री के भारत दौरे के समय हुई है। पाकिस्तान ने लंबे समय से आरोप लगाया है कि तालिबान TTP को समर्थन दे रहा है, और इस एयर स्ट्राइक के जरिए उसने स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है। इस हमले के बाद काबुल में दहशत फैली और क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है।

अफगान विदेश मंत्री मुत्तकी भारत में हैं और उनका यह दौरा भारत-अफगानिस्तान संबंधों को मजबूत करने तथा अफगानिस्तान की नई सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत ने तालिबान शासन को अभी आधिकारिक मान्यता नहीं दी है, लेकिन इस यात्रा को कूटनीतिक महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
संक्षेप में, पाकिस्तान ने अफगान विदेश मंत्री के भारत दौरे के दौरान काबुल पर एयर स्ट्राइक कर क्षेत्रीय तनाव बढ़ाया है, जो भारत-अफगानिस्तान बढ़ती नजदीकियों पर पाकिस्तान की असंतोष और पैनिक की राजनीतिक अभिव्यक्ति है।
TTP प्रमुख नूर वली महसूद की वर्तमान स्थिति
TTP प्रमुख नूर वली महसूद की वर्तमान स्थिति स्पष्ट रूप से यह है कि पाकिस्तान की काबुल में एयर स्ट्राइक के बावजूद वे जीवित और सुरक्षित हैं। पाकिस्तान ने दावा किया था कि नूर वली महसूद को उन एयर स्ट्राइक में निशाना बनाया गया था, लेकिन नूर वली महसूद ने एक ऑडियो संदेश जारी कर इन मौत की खबरों का खंडन किया है और कहा है कि वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। तालिबान के प्रवक्ता ने भी इन हमलों की पुष्टि की है और जांच कराने की बात कही है, लेकिन किसी भी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं आई है।
नूर वली महसूद टीटीपी के प्रमुख हैं और उन्हें पाकिस्तान का सबसे Wanted आतंकवादी माना जाता है। वे दक्षिण वजीरिस्तान के महसूद जनजाति से आते हैं और 2018 से टीटीपी के नेता हैं। उनका आतंकवादी संगठन पाकिस्तान में कई बड़े हमलों का जिम्मेदार है। हाल में जारी घटनाओं में, उनके जीवित होने और सुरक्षित होने की पुष्टि एक महत्वपूर्ण तथ्य है जो क्षेत्रीय तनाव को और भी बढ़ाता है।

