Ankita Bhandari Murder Case: मां बोलीं– तीन साल बाद भी ‘VIP’ पर चुप क्यों है सिस्टम?

उत्तराखंड की बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्या मामला (Ankita Bhandari Murder Case) एक बार फिर चर्चा में है। नए खुलासों ने इस दर्दनाक केस को फिर से देशभर में चर्चा का विषय बना दिया है। तीन साल बीत जाने के बावजूद, पीड़िता के परिवार को अब तक न्याय न मिलने से लोगों में गुस्सा है।

इस केस का सबसे बड़ा सवाल आज भी वही है — आखिर वह “VIP” कौन था, जिसकी वजह से यह पूरा मामला सामने आया था?
क्या था पूरा मामला
सितंबर 2022 में ऋषिकेश के पास बने वंतरा रिसॉर्ट में 19 वर्षीय अंकिता भंडारी रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, जो एक पूर्व भाजपा नेता और पूर्व राज्य मंत्री विनोद आर्य का बेटा है, उस समय अपने दो कर्मचारियों के साथ वहां मौजूद था।
अंकिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ दिनों बाद मामला हत्या में तब्दील हो गया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अंकिता को कथित रूप से एक “VIP गेस्ट” को खुश करने का दबाव डाला गया था, लेकिन उसने विरोध किया। इसी बात पर बहस हुई और बाद में आरोपियों ने उसे चित्तगंगा नहर में धक्का देकर मार डाला।
अब फिर चर्चाओं में आया ‘VIP एंगल’
हालिया जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि कथित “VIP” का जिक्र रिसॉर्ट के चैट और कॉल रिकॉर्ड्स में मौजूद था। सोशल मीडिया पर इस “VIP एंगल” को लेकर जबरदस्त बहस छिड़ गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर जांच ईमानदारी से हुई होती तो अब तक उस व्यक्ति की पहचान क्यों नहीं बताई गई?
कई स्थानीय सामाजिक संगठनों और उत्तराखंड के लोगों ने मांग की है कि केस की जांच CBI या हाई-लेवल स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) से कराई जाए, ताकि किसी भी तरह का राजनीतिक दबाव या प्रभाव सामने न आए।
अंकिता की मां ने सरकार पर उठाए गंभीर सवाल
अंकिता की मां ने एक ताज़ा इंटरव्यू में कहा — “हमें तीन साल हो गए, लेकिन हमारी बेटी के कातिलों को सजा नहीं मिली। जिस VIP को लेकर यह सब हुआ, उसका नाम क्यों छिपाया जा रहा है? अगर सरकार पर भरोसा नहीं रह गया तो हम सड़क पर उतरकर भी आवाज़ उठाएंगे।”
मां के इन शब्दों ने लोगों को फिर भावुक कर दिया है। कई जन संगठनों ने परिजनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने का ऐलान किया है।
सोशल मीडिया पर भड़का गुस्सा
ट्विटर (X), फेसबुक और यूट्यूब पर #JusticeForAnkitaBhandari ट्रेंड कर रहा है। हजारों यूजर्स सरकार और पुलिस से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर “VIP” का नाम लेने में इतनी देरी क्यों हो रही है।
यूजर्स कह रहे हैं कि अगर किसी आम इंसान का नाम होता तो पुलिस ने अब तक सब कुछ उजागर कर दिया होता, लेकिन जब मामला किसी रसूखदार व्यक्ति से जुड़ा है तो सब चुप हैं।
विपक्ष ने भी उठाया मुद्दा
उत्तराखंड में विपक्षी दलों ने इस केस को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उनका आरोप है कि राज्य सरकार शुरू से ही इस हत्याकांड को दबाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कहा है कि अगर सरकार निष्पक्ष जांच नहीं कराती, तो जनता खुद जवाब मांग लेगी।
पुलिस की सफाई
वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रही है। आरोपी जेल में हैं और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि “VIP” का उल्लेख कुछ बातचीतों में जरूर सामने आया है, लेकिन उसकी जांच अभी चल रही है।
जनता को अब भी इंतजार न्याय का
तीन साल बीत जाने के बाद भी यह केस आज भी अधूरा महसूस होता है। न्याय की डगर लंबी है, लेकिन अंकिता की यादें अभी भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। इस केस ने न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लोगों को झकझोर दिया था।
लोगों की मांग अब साफ है — अंकिता भंडारी को न्याय मिले, दोषियों को सज़ा मिले और उस ‘VIP’ का नाम सार्वजनिक किया जाए जिसे अब तक छिपाया गया है।

