बंगाल में बाबरी मस्जिद शिलान्यास पर उबाल: हुमायूं कबीर के समर्थक सड़कों पर

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा बाबरी मस्जिद शैली की नई मस्जिद का शिलान्यास सियासी तूफान मचा रहा है। आज 6 दिसंबर को दोपहर 12 बजे बेलडांगा में कुरान पाठ के बाद शिलान्यास कार्यक्रम निर्धारित है।

जहां उनके समर्थक सिर पर ईंटें लादकर मार्च कर रहे हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट ने निर्माण रोकने वाली याचिका खारिज कर दी, जिससे कबीर को आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया।
कार्यक्रम की भव्य तैयारी
हुमायूं कबीर ने बताया कि यह मस्जिद 20 बीघा जमीन पर बनेगी, जिसकी अनुमानित लागत 125 करोड़ रुपये है और निर्माण तीन साल में पूरा होगा। कार्यक्रम में 3 लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है, जिसमें सऊदी अरब से मौलवी भी पहुंच सकते हैं। 60,000 पैकेट बिरयानी की व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रशासन ने पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और 3 हजार पुलिसकर्मियों सहित आरएएफ की तैनाती की गई है। कबीर ने बंगाल पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था के लिए धन्यवाद दिया और शांति बनाए रखने की अपील की। इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
सियासी आरोप-प्रत्यारोप
बीजेपी नेता दिलीप घोष ने कबीर पर मुस्लिम वोटबैंक साधने का आरोप लगाते हुए कहा कि राम मंदिर बन चुका है, बाबरी को भूल जाना चाहिए। सीएम ममता बनर्जी ने कबीर को ‘मीर जाफर’ जैसे गद्दार करार दिया। कबीर ने टीएमसी पर पलटवार करते हुए नई पार्टी बनाने और 2026 चुनाव में 135 सीटों पर लड़ने का एलान किया।
विवाद की शुरुआत
कबीर को पिछले महीने सोशल मीडिया पोस्ट के कारण टीएमसी ने निलंबित किया था। उन्होंने इसे ट्रस्ट की निजी संपत्ति पर धार्मिक निर्माण बताया है। समर्थकों ने शांतिपूर्ण तरीके से ईंटें लेकर मार्च शुरू कर दिया है।

