बागपत की मस्जिद में खूनी खेल, चारपाई पर लटकी बेगम, खून से सनी बच्चियां, बागपत तिहरा हत्याकांड का बड़ा खुलासा

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के गांगनौली गांव में मस्जिद परिसर में मौलाना (मुफ्ती) इब्राहिम की पत्नी इसराना (30 वर्ष) और उनकी दो बेटियों सोफिया (5 वर्ष) व सुमैया (2 वर्ष) की निर्मम हत्या हुई है। पुलिस ने जांच में खुलासा किया है कि यह सनसनीखेज वारदात दो नाबालिग युवकों ने अंजाम दी, जो मौलाना के मदरसे के छात्र थे।

हत्या का कारण यह था कि मौलाना ने पढ़ाई ठीक से न करने पर इन नाबालिगों को डांटा गया था, जिससे वे नाराज होकर बदला लेने की साजिश रचकर चाकू और हथौड़े से तीनों को मार डाला। वारदात के समय मौलाना देवबंद में अफगानिस्तान के विदेश मंत्री के कार्यक्रम में गए हुए थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया है। कोर्ट में आरोपियों का कबूलनामा भी दर्ज किया गया है। इस घटना से पूरे इलाके में तनाव और सनसनी फैल गई है।
आरोपियों की उम्र और पहचान क्या है
बागपत मस्जिद ट्रिपल मर्डर के दो आरोपी नाबालिग हैं, जो मौलाना इब्राहिम के मदरसे के छात्र थे। उनकी उम्र किशोरावस्था में बताई गई है, हालांकि उनकी सटीक उम्र की पुष्टि नहीं हुई है। आरोपियों ने पढ़ाई ठीक से न करने पर मौलाना की डांट और पिटाई से नाराज होकर यह हत्याकांड किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ में यह जुड़े सारे तथ्य सामने आए हैं। आरोपियों की पहचान फिलहाल किशोर अपराधी के तौर पर हुई है जिनका नाम मीडिया रिपोर्टों में विस्तार से नहीं बताया गया है।
पुलिस ने किन सबूतों के आधार पर आरोपियों को पकड़ा
पुलिस ने बागपत मस्जिद ट्रिपल मर्डर के आरोपियों को कई सबूतों के आधार पर पकड़ा। घटना के समय मस्जिद के सीसीटीवी कैमरे बंद किए गए थे, लेकिन पुलिस ने कैमरे के फुटेज की जांच की, जिसमें एक नाबालिग लड़का कैमरा बंद करते हुए दिखाई दिया। यह फुटेज पुलिस के लिए अहम सबूत साबित हुआ। इसके बाद संदेह के आधार पर दोनों नाबालिगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई।
पूछताछ में आरोपियों ने हत्यारों का कबूलनामा दिया और बताया कि मौलाना ने उनकी पढ़ाई ठीक से न करने पर उन्हें डांटा था, जिससे वे नाराज थे। पुलिस ने आरोपियों के निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल एक छुरी और एक हथौड़ा बरामद कर लिए। इसके अलावा फिंगरप्रिंट और डीएनए साक्ष्य भी जुटाए गए। पुलिस की सात टीमों ने मिलकर मात्र 6 घंटे में वारदात का खुलासा किया।
सभी ये सबूत पुलिस ने विधिवत रूप से एकत्रित करके आरोपियों को पकड़ने और केस सुलझाने में कामयाबी पाई है।
मामले में परिवार का बयान और गांव की प्रतिक्रिया
बागपत मस्जिद ट्रिपल मर्डर मामले में परिवार का बयान अभी तक मीडिया में अधिक विस्तार से सामने नहीं आया है, लेकिन घटना के बाद मौलाना इब्राहिम और उनके परिवार के प्रति गांव में गहरा शोक और सदमा व्याप्त है। परिवार के लोग इस हत्याकांड की जितनी जल्दी हो सके जांच और आरोपियों को सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
गांव की प्रतिक्रिया में यह देखा गया कि घटना की खबर फैलते ही गांव के लोग आक्रोशित हुए और उन्होंने पुलिस से तेज़ कार्रवाई की मांग की। पुलिस के तीनों शवों को कब्जे में लेने की कोशिश के दौरान गांव में कुछ तनाव और पुलिस के साथ झड़प भी हुई। ग्रामीणों ने घटना को बेहद दर्दनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है, जिससे पूरे इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं क्योंकि मस्जिद के अंदर ही इतनी बड़ी वारदात हुई। सभी चाहते हैं कि इस तरह की घटना दोबारा न हो और संबंधित अधिकारियों द्वारा पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ाई जाए। पुलिस ने गांव में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी है और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है।

