बुलंदशहर गैंगरेप: 6 साल बच्ची की हत्या, एनकाउंटर में घायल आरोपी

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। इंसानियत को शर्मसार करने वाली इस वारदात में 6 साल की एक मासूम बच्ची को दो दरिंदों ने अपने हवस का शिकार बनाया और फिर उसकी हत्या कर दी। आरोपियों ने बच्ची को इस दरिंदगी के बाद छत से नीचे फेंक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

यह घटना जिले के स्याना क्षेत्र की है, जहां बच्ची खेलते-खेलते लापता हो गई थी। परिवार और मोहल्ले के लोग उसकी तलाश में जुटे थे, लेकिन कुछ ही घंटों बाद जब बच्ची की लाश बरामद हुई तो हर किसी का दिल दहल गया।
बच्ची के लापता होने से शुरू हुआ दर्दनाक सफर
जानकारी के अनुसार, गुरुवार की शाम मासूम बच्ची अचानक घर के बाहर से गायब हो गई। परिजन ने पहले सोचा कि वह किसी पड़ोसी के घर या मित्रों के साथ खेल रही होगी। लेकिन समय बीतने पर जब कोई सुराग नहीं मिला, तो परिवार ने घबराकर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू की, और रातभर सर्च ऑपरेशन चलता रहा। सबकी उम्मीदें तब टूटीं जब अगली सुबह पास के मकान की छत से गली में पड़ी बच्ची की निर्जीव लाश मिली। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने घटना की भयावहता को उजागर कर दिया — बच्ची के साथ गैंगरेप किया गया था और फिर उसकी हत्या कर दी गई।
वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों की पहचान
पुलिस जांच के मुताबिक, इस घटना में दो स्थानीय युवक शामिल थे। दोनों आरोपी उसी इलाके के रहने वाले हैं और परिवार के परिचित बताए जा रहे हैं। कैमरे की फुटेज और स्थानीय लोगों के बयान के आधार पर पुलिस ने दोनों को चिन्हित किया। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश में कई टीमों को लगाया और क्षेत्र में सघन चेकिंग शुरू की।
जब पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की, तो उन्होंने भागने और फायरिंग करने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। एनकाउंटर में दोनों को पैर में गोली लगी और उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस एनकाउंटर: एक रात में खुली दरिंदगी की सच्चाई
शुक्रवार की रात हुई इस मुठभेड़ में दोनों आरोपी घायल हो गए और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि दोनों के खिलाफ हत्या, गैंगरेप, अपहरण और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने कहा, “पुलिस ने मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। हमारी प्राथमिकता थी कि दोनों फरार आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए। एनकाउंटर में दोनों को घायल स्थिति में गिरफ्तार किया गया है।”
प्रशासन और सरकार की सख्त प्रतिक्रिया
घटना के बाद पूरे बुलंदशहर जिले में तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। डीएम और एसपी ने घटनास्थल का दौरा किया और परिजनों से मुलाकात की। जिला प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने इस मामले को ‘सुपर सेंसिटिव’ केस की श्रेणी में रखा है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी घटना की रिपोर्ट तलब की है और पुलिस से पूरे प्रकरण पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
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मासूम के लिए न्याय की मांग ने पकड़ा ज़ोर
इस घटना के बाद सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन कर आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। बुलंदशहर शहर और आसपास के गांवों में गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोगों ने कहा कि जब तक ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा नहीं होगी, तब तक समाज में भय का माहौल नहीं बन सकता।
सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ट्विटर और फेसबुक पर #JusticeForBulandshahrGirl ट्रेंड कर रहा है। लोग सरकार से अनुरोध कर रहे हैं कि इस केस को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में लाया जाए ताकि जल्द से जल्द न्याय मिले।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलेगा मुकदमा
एसएसपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट जल्द दाखिल कर फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाएगा। पुलिस अब मामले की हर बारीकी से जांच कर रही है। घटनास्थल से डीएनए सैंपल, कपड़े और अन्य सबूत इकट्ठे कर लिए गए हैं।
फिलहाल दोनों आरोपी जिला अस्पताल में पुलिस सुरक्षा में हैं। उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मेडिकल रिपोर्ट की प्रतीक्षा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
इलाके में मातम, लोग सदमे में
मासूम के घर का माहौल गमगीन है। परिवार की मां-बाप की हालत देख किसी की आंखें नम हुए बिना नहीं रह पाईं। पड़ोसी और रिश्तेदार इस बात पर भरोसा नहीं कर पा रहे कि इतना जघन्य अपराध उनके ही इलाके में हो गया।
स्थानीय लोगों ने कहा कि बच्ची बहुत ही प्यारी और हंसमुख थी, जिसे सब प्यार करते थे। पूरे मोहल्ले में मातम छाया हुआ है। कई संस्थाओं और सामाजिक संगठनों ने परिजनों को आर्थिक और कानूनी मदद देने का ऐलान किया है।
यूपी में फिर उठे सुरक्षा के सवाल
यह घटना एक बार फिर प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर रही है। विपक्षी दलों ने सरकार को घेरते हुए कहा है कि बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण पाने में प्रशासन नाकाम रहा है।
हालांकि पुलिस का कहना है कि उन्होंने 24 घंटे के भीतर आरोपियों को दबोचकर यह साबित कर दिया है कि प्रशासन तत्पर है। वरिष्ठ अधिकारियों ने दावा किया कि भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए सड़कों और गलियों में अधिक निगरानी कैमरे लगाने की योजना बनाई जा रही है।
समाज को झकझोर देने वाली वारदात
6 साल की मासूम के साथ हुई यह हैवानियत केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज की संवेदनहीनता का भी प्रतीक है। लोग इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि आखिर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता, महिला संगठन और नागरिक समाज के लोग इस मामले में कड़ी कार्रवाई और सख्त कानून व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने भी कहा है कि न्यायिक प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर दोषियों को फांसी दिलाने की कोशिश होगी।
प्रशासन ने दी शांति बनाए रखने की अपील
घटना के बाद पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है ताकि किसी भी प्रकार की हिंसक प्रतिक्रिया से बचा जा सके। एसपी सिटी ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
उन्होंने कहा, “हम पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर कदम पर उनके साथ हैं। समाज को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।”https://thedbnews.in/women-should-give-up-these-5-habits-after-40-years-of-age-risk-of-kidney-failure/

