बुर्का और नकाब पर अब स्कूल-कॉलेजों में बैन, डेनमार्क सरकार ने उठाया सख्त कदम

डेनमार्क की सरकार जल्द ही स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ में बुर्का और नकाब पहनने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है। सरकार का कहना है कि यह कदम शिक्षा संस्थानों में समानता और खुले संवाद के माहौल को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

शिक्षा संस्थानों में नई ड्रेस नीति पर फैसला
डेनिश शिक्षा मंत्री के अनुसार, नई नीति के तहत छात्रों को ऐसी किसी भी पोशाक की अनुमति नहीं होगी जिससे चेहरा ढका रहता हो। सरकार का तर्क है कि शिक्षक और छात्र के बीच बेहतर संचार के लिए चेहरा दिखाई देना जरूरी है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अभी संसद में चर्चा जारी है।
विरोध और समर्थन दोनों आवाज़ें उठीं
इस फैसले को लेकर देश में मिश्रित प्रतिक्रियाएँ देखने को मिली हैं। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रहे हैं, जबकि कई नागरिक इसे सामाजिक एकीकरण की दिशा में आवश्यक कदम मान रहे हैं। मानवाधिकार संगठन भी इस मामले पर सक्रिय हैं और सरकार से यह सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं कि नीति किसी विशेष धर्म को निशाना न बनाए।
पहले भी लगाया गया था बुर्का प्रतिबंध
बता दें कि डेनमार्क ने साल 2018 में सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का और नकाब पहनने पर आंशिक प्रतिबंध लगाया था। अब यह नया प्रस्ताव शिक्षा संस्थानों तक उस प्रतिबंध को विस्तारित करने की दिशा में अगला कदम माना जा रहा है।
सरकार का रुख और आगे की प्रक्रिया
सरकार फिलहाल इस प्रस्ताव को लेकर संसद में चर्चा कर रही है। यदि संसद से मंजूरी मिल जाती है, तो यह कानून 2026 की शुरुआत से लागू हो सकता है। डेनिश प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में सांस्कृतिक विविधता को सम्मान देने के साथ-साथ, सामाजिक समानता और सुरक्षा भी सरकार की प्राथमिकता है।

