सीएम योगी ने रामपुर, गोरखपुर, आगरा, प्रयागराज सहित 10 जिलों से मांगी रिपोर्ट: कानून-व्यवस्था पर सख्त निर्देश | चैत्र नवरात्रि-Eid सुरक्षा प्लान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चैत्र नवरात्रि और ईद जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। 18 मार्च 2026 को हुई उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने रामपुर, गोरखपुर, आगरा, प्रयागराज सहित 10 संवेदनशील जिलों के जिलाधिकारियों (DM), पुलिस अधीक्षकों (SSP) और मंडलायुक्तों से हालिया आपराधिक घटनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

यह कदम प्रदेश में शांति और सौहार्द बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जहां सीएम ने जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर दिया।
योगी सरकार की कानून-व्यवस्था समीक्षा: क्यों बुलाई गई बैठक?
चैत्र नवरात्रि की शुरुआत और ईद के नजदीक आने के साथ उत्तर प्रदेश में त्योहारों का मौसम जोर पकड़ रहा है। ऐसे में माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सतर्कता बरतना जरूरी हो गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस बैठक में सीएम योगी ने स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी हाल में कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं होगा। हाल ही में इन 10 जिलों में चेन स्नैचिंग, स्टंटबाजी, लाउडस्पीकर का दुरुपयोग जैसी घटनाओं ने चिंता बढ़ाई है। योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराधी वारदात करने से पहले ही पुलिस की सख्ती से डर जाएं।
यह बैठक योगी सरकार के ‘शून्य अपराध’ विजन का हिस्सा है, जो पिछले नौ वर्षों से प्रदेश में अपराध दर को लगातार कम करने में सफल रही है। आंकड़ों के मुताबिक, योगी राज में हत्या, लूट और दंगे जैसे अपराधों में 70 प्रतिशत तक कमी आई है। फिर भी, त्योहारों के दौरान संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।
10 संवेदनशील जिले: कौन-कौन से हैं शामिल?
सीएम योगी ने जिन 10 जिलों को चिह्नित किया है, वे हैं- बदायूं, मुरादाबाद, रामपुर, गाजियाबाद, जालौन, गोरखपुर, आगरा, जौनपुर, प्रतापगढ़ और प्रयागराज। इन जिलों में हाल के दिनों में छोटी-मोटी घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिन्हें गंभीरता से लिया गया है। उदाहरण के लिए, रामपुर और मुरादाबाद में चेन स्नैचिंग की वारदातें बढ़ी हैं, जबकि गोरखपुर और आगरा में स्टंटबाजी और लाउडस्पीकर विवाद सामने आए। प्रयागराज जैसे धार्मिक केंद्रों में त्योहारों के दौरान भीड़ प्रबंधन चुनौतीपूर्ण होता है।
प्रत्येक जिले के DM, SSP और मंडलायुक्त को रिपोर्ट में घटना का पूरा ब्योरा, आरोपी की गिरफ्तारी की स्थिति, आगे की कार्रवाई और रोकथाम के उपाय बताने को कहा गया है। योगी ने कहा, “ये जिले संवेदनशील हैं, इसलिए यहां दोहरा सतर्क रहना होगा।” यह सूची तैयार करने में पुलिस मुख्यालय और खुफिया तंत्र की रिपोर्ट का आधार लिया गया है।
सीएम के सख्त निर्देश: जीरो टॉलरेंस से माहौल बिगाड़ने वालों पर लगाम
बैठक में सीएम योगी ने कई ठोस निर्देश जारी किए। लाउडस्पीकर के दुरुपयोग पर रोक लगाने, स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और चेन स्नैचिंग जैसी घटनाओं पर नकेल कसने पर जोर दिया। पीआरवी-112 वाहनों की गश्त बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी निगरानी मजबूत करने को कहा गया। इसके अलावा, त्योहारों के दौरान शराब की बिक्री पर नियंत्रण और गोवंश संरक्षण पर विशेष ध्यान देने के आदेश हैं।
योगी ने अधिकारियों से अपील की कि वे जनता की शिकायतों को तुरंत निपटाएं। “माफिया और अपराधियों को यह संदेश जाना चाहिए कि उत्तर प्रदेश में अब गुंडागर्दी का दौर खत्म हो चुका है,” उन्होंने कहा। यह नीति 2017 से चली आ रही है, जब योगी सरकार ने माफिया राज को समाप्त करने का अभियान चलाया था।
त्योहारों में शांति: चैत्र नवरात्रि और ईद की तैयारी
चैत्र नवरात्रि 20 मार्च से शुरू हो रही है, जो नौ दिनों तक चलेगी। इसके बाद ईद का त्योहार है। ऐसे में मंदिरों, मस्जिदों और बाजारों में भीड़ बढ़ेगी। सीएम ने निर्देश दिए कि धार्मिक स्थलों पर पार्किंग, ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहे। अयोध्या, प्रयागराज, आगरा जैसे शहरों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
पिछले वर्षों में योगी सरकार ने त्योहारों के दौरान ‘ऑपरेशन शील्ड’ जैसे अभियान चलाकर शांति सुनिश्चित की है। इस बार भी यही फॉर्मूला अपनाया जाएगा। जनता से अपील की गई है कि वे पुलिस को सहयोग दें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें।
अयोध्या-मथुरा दौरे की तैयारी: राष्ट्रपति के कार्यक्रम पर फोकस
बैठक में अयोध्या और मथुरा-वृंदावन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। सीएम ने प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन, स्वागत-समारोह की भव्यता और सुरक्षा इंतजामों पर जोर दिया। अयोध्या राम मंदिर के बाद ये दौरे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पटल पर लाने वाले हैं। मथुरा में वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में विशेष व्यवस्था का आदेश है।
यह दौरे योगी सरकार की धार्मिक पर्यटन नीति को मजबूत करेंगे, जिससे लाखों श्रद्धालु लाभान्वित होंगे। पर्यटन विभाग को होटल, परिवहन और साफ-सफाई पर काम तेज करने को कहा गया।
निराश्रित गोवंश और एलपीजी सप्लाई पर सख्ती
कानून-व्यवस्था के अलावा सीएम ने निराश्रित गोवंश संरक्षण पर फोकस किया। पंचायती राज विभाग को निर्देश दिए कि गौशालाओं में चारा, पानी और दवा की कोई कमी न हो। एलपीजी सिलेंडर की अनियमित सप्लाई पर भी नकेल कसी जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में गैस की उपलब्धता बनी रहे।
योगी सरकार ने पिछले वर्षों में 50 लाख से अधिक निराश्रित गौवंश को संरक्षण दिया है। यह योजना किसानों की आय दोगुनी करने और जैविक खेती को बढ़ावा देने वाली है।
योगी मॉडल की सफलता: आंकड़ों में झलकता बदलाव
2017 से पहले उत्तर प्रदेश अपराध और दंगों का गढ़ था। योगी सरकार ने ‘मिशन शून्य अपराध’ से स्थिति बदल दी। एनसीआरबी डेटा के अनुसार, 2025 में अपराध दर 2016 के मुकाबले 60% कम हुई। पुलिस मॉडर्नाइजेशन, ड्रोन सर्विलांस और पीआरवी-112 जैसी पहलों ने क्रांति ला दी।
मुख्यमंत्री की यह सक्रियता विपक्ष के आरोपों का भी जवाब है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस अक्सर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं, लेकिन आंकड़े साफ बोलते हैं।
जनता की प्रतिक्रिया: सोशल मीडिया पर सराहना
बैठक के बाद सोशल मीडिया पर सीएम योगी की तारीफ हो रही है। ट्विटर पर #YogiModel ट्रेंड कर रहा है। यूजर्स कह रहे हैं, “योगी जी के नेतृत्व में यूपी सुरक्षित है।” भाजपा कार्यकर्ता इसे 2027 चुनावों से पहले मजबूत संदेश बता रहे हैं।
विपक्ष ने रिपोर्ट तलब करने को राजनीतिक बताया, लेकिन जनता का समर्थन योगी के साथ है।
भविष्य की चुनौतियां और समाधान
आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए कानून-व्यवस्था चुनौती बनी रहेगी। सीएम ने चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा। साइबर क्राइम पर भी नजर रखी जाएगी।
प्रशासन को डिजिटल कंप्लेंट सिस्टम मजबूत करने और ग्रामीण चौपालों का आयोजन करने को कहा गया। इससे जनता-पुलिस के बीच दूरी कम होगी।
शांति और विकास का संकल्प
सीएम योगी की यह पहल उत्तर प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। त्योहार शांतिपूर्ण गुजरें, यही सरकार की प्राथमिकता है। जनता को आश्वासन है कि मजबूत प्रशासन हर चुनौती से निपटेगा। योगी मॉडल न केवल यूपी बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा है।
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