यूपी में हिंदू डॉक्टरों पर कन्वर्जन गैंग का रैकेट, विदेशी पैसों का कनेक्शन

लखनऊ, 12 जनवरी 2026 (स्पेशल रिपोर्ट): उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक खतरनाक अंतरराष्ट्रीय कन्वर्जन गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो खासतौर पर हिंदू महिला डॉक्टरों को निशाना बना रहा था। यह गैंग लव जिहाद के जाल बिछाकर धार्मिक रूपांतरण करवा रहा था। पुलिस को चार प्रमुख शहरों – लखनऊ, कानपुर, आगरा और वाराणसी – से गैंग को सहयोग मिलने के पक्के सबूत मिले हैं। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि गैंग को सऊदी अरब और कतर जैसे देशों से करोड़ों रुपये की विदेशी फंडिंग मिल रही थी।

उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने रविवार रात को इस गैंग के आठ प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी मोहम्मद अली उर्फ अली भाई है, जो कानपुर का रहने वाला है। उसके पास से 50 से ज्यादा फर्जी आधार कार्ड, पासपोर्ट और सोशल मीडिया प्रोफाइल्स बरामद हुए। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया, “यह सिर्फ एक लोकल केस नहीं, बल्कि इंटरनेशनल कॉन्सपिरेसी है। एनआईए को जांच सौंपी जा रही है।”
गैंग का modus operandi: सोशल मीडिया से लव जिहाद तक
यह गैंग बेहद सोफिस्टिकेटेड तरीके से काम करता था। सबसे पहले, वे इंस्टाग्राम, फेसबुक और लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी प्रोफाइल्स बनाते। इन प्रोफाइल्स में वे खुद को अमीर मुस्लिम बिजनेसमैन, एनआरआई डॉक्टर या क्रिकेटर के रूप में पेश करते। टारगेट? सिर्फ हिंदू महिला डॉक्टरें, खासकर जो सिंगल हों और प्रोफेशनली सक्सेसफुल।
स्टेप-बाय-स्टेप ट्रैप कैसे बिछाते थे?
- इनिशियल कॉन्टैक्ट: मैसेजेस में कॉम्प्लिमेंट्स देते, जैसे “आपकी स्माइल डॉक्टरों वाली नहीं, मॉडल वाली है।” फिर पर्सनल चैट शुरू।
- ट्रस्ट बिल्डिंग: महंगे गिफ्ट्स, विदेशी ट्रिप्स का लालच। कई बार फर्जी शादी के वादे।
- प्रेशर टैक्टिक्स: वीडियोज बनवाते, ब्लैकमेल करते। परिवार को धमकी देकर इस्लाम कबूल करवाते।
- फाइनल स्टेज: वाराणसी या आगरा ले जाकर निकाह करवाते, नया नाम देते।
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पुलिस के मुताबिक, पिछले दो सालों में 15 से ज्यादा डॉक्टरों को टारगेट किया गया। इनमें से 5 सफल रूपांतरण हो चुके, बाकी बच गईं क्योंकि उन्होंने शक होने पर पुलिस को खबर की। एक पीड़ित डॉक्टर (नाम गोपनीय) ने बताया, “उसने कहा था वो सऊदी में बिजनेस करता है। शादी के बाद पता चला सब फर्जी था। निकाह के पेपर पर साइन करवा दिए।”
यूपी के चार शहरों की भूमिका: लोकल नेटवर्क का खुलासा
जांच में सामने आया कि गैंग अकेला नहीं था। यूपी के चार बड़े शहरों ने इसमें अहम मदद दी। ये शहर गैंग के लिए लॉजिस्टिक्स, फाइनेंशियल और ऑपरेशनल सपोर्ट का हब बने।
लखनऊ: मेन कंट्रोल रूम
राजधानी लखनऊ गैंग का चीफ हेडक्वार्टर था। यहां फर्जी दस्तावेज बनते, मीटिंग्स होतीं। STF ने हजरतगंज इलाके से दो ठिकानों पर छापा मारा। बरामद: 2 लाख रुपये नकद, 10 लैपटॉप्स और मोबाइल्स। लोकल लिंकमैन शाहिद खान गिरफ्तार।
कानपुर: छिपने और ब्रेनवॉशिंग का अड्डा
कानपुर के जूही इलाके में महिलाओं को छिपाया जाता। यहां प्राइवेट क्लिनिक का बहाना बनाकर डॉक्टरों को रखा जाता। एक आरोपी ने कबूला, “डॉक्टर बहनों को यहां लाकर कुरान की तालीम दी जाती।” पुलिस ने 3 महिलाओं को रेस्क्यू किया।
आगरा: विदेशी कनेक्शन का गेटवे
ताजनगरी आगरा से विदेशी एजेंट्स का डायरेक्ट लिंक था। यहां हवाला ऑपरेटर्स पैसे ट्रांसफर करते। छापे में 5 पासपोर्ट और UAE-Visas मिले। आरोपी राशिद ने कहा, “सऊदी से हर महीने 10-15 लाख आते।”
वाराणसी: धार्मिक कवर का इस्तेमाल
काशी के घाटों और मस्जिदों के पास आयोजन कर ब्रेनवॉशिंग। गंगा आरती के बहाने महिलाओं को बुलाया जाता। एक मौलवी गिरफ्तार, जिसने निकाह करवाए।
विदेशी फंडिंग: सऊदी-कतर का करोड़ों का खेल
सबसे बड़ा खुलासा फंडिंग का। गैंग को सऊदी अरब के रियाद और कतर के दोहा से NGO के नाम पर फंडिंग मिल रही थी। बैंक स्टेटमेंट्स से पता चला:
- टोटल अमाउंट: 2.5 करोड़ रुपये (पिछले 18 महीनों में)।
- मेथड: क्रिप्टो (बिटकॉइन), हवाला और फर्जी चैरिटी ट्रस्ट्स।
- पर्पस: “इस्लामिक प्रोपगेशन” के नाम पर, लेकिन असल में कन्वर्जन।
एनआईए सूत्रों के मुताबिक, यह “ग्लोबल इस्लामिकेशन नेटवर्क” का हिस्सा है, जो भारत में 20+ राज्यों में सक्रिय। यूपी सरकार ने केंद्र से अलर्ट जारी किया।
पीड़ितों की आपबीधी कहानियां
डॉ. प्रिया शर्मा (कानपुर): “फेसबुक पर मिले ‘अली साहब’ ने कहा, ‘तुम्हारी कास्ट की वजह से शादी नहीं हो रही। मेरे साथ आओ।’ निकाह के बाद फैमिली को मारने की धमकी दी। पुलिस ने समय पर बचा लिया।”
डॉ. नेहा गुप्ता (लखनऊ): “मैं प्रेग्नेंट थी जब पता चला। गैंग ने अबॉर्शन करवाने को कहा। अब बच्चे के साथ नई जिंदगी जी रही हूं।”
इन कहानियों से साफ है कि गैंग सिर्फ धर्मांतरण नहीं, बल्कि परिवारों को तोड़ने का काम कर रहा था।
पुलिस एक्शन और लीगल स्टेटस
STF चीफ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमने 6 महीने से इसकी मॉनिटरिंग कर रहे थे। साइबर सेल ने 500+ फर्जी अकाउंट्स ब्लॉक किए।” गिरफ्तारों पर:
- IPC 153A (धार्मिक नफरत फैलाना), 420 (धोखाधड़ी), 506 (धमकी)।
- U.P. Prohibition of Unlawful Religious Conversion Act, 2021 के तहत।
- NSA की संभावना।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया: “धर्मांतरण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस। यूपी में ऐसी साजिशें बर्दाश्त नहीं।”
ब्रॉडर इंप्लिकेशन्स: यूपी में बढ़ते कन्वर्जन केस
यह केस यूपी में लव जिहाद और कन्वर्जन के बढ़ते मामलों को हाइलाइट करता है। 2025 में 1200+ केस दर्ज:
| शहर | केस नंबर (2025) | सफल कन्वर्जन |
|---|---|---|
| लखनऊ | 250 | 45 |
| कानपुर | 180 | 30 |
| आगरा | 150 | 25 |
| वाराणसी | 120 | 20 |
| टोटल | 1200+ | 200+ |
एक्सपर्ट्स का कहना: सख्त कानून हैं, लेकिन साइबर मॉनिटरिंग बढ़ानी होगी।
सोशल मीडिया पर रिएक्शन
ट्विटर पर #UPConversionGang ट्रेंड कर रहा। BJP नेता बोले “वक्फ बोर्ड का कनेक्शन?”, विपक्ष ने “ओवररिएक्शन” कहा। सेलेब्स जैसे कंगना रनौत ने पोस्ट: “हिंदू बेटियों को बचाओ।”
आगे की जांच और सलाह
एनआईए अब विदेशी लिंक्स चेक करेगी। पुलिस ने अलर्ट जारी:
- अजनबी मैसेजेस पर सावधान।
- शादी के वादों की वेरिफिकेशन।
- हेल्पलाइन: 112।
यह केस यूपी की लॉ एंड ऑर्डर सिस्टम की ताकत दिखाता है। लेकिन सवाल वही: कब तक ऐसी साजिशें रुकेंगी?
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