दिल्ली सरकार ने 6 महीनों में जीएसटी से 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का रिकॉर्ड कलेक्शन हासिल किया

दिल्ली सरकार ने हाल के 6 महीनों में जीएसटी (GST) से 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का रिकॉर्ड कलेक्शन हासिल किया है। इस दौरान दिल्ली में जीएसटी संग्रह में जबरदस्त वृद्धि दर्ज हुई है, जो राज्य की आर्थिक सक्रियता और कर अनुपालन में सुधार को दर्शाता है।

दिल्ली में जीएसटी कलेक्शन का रिकॉर्ड
- जीएसटी संग्रह पिछले छह महीनों में दिल्ली सरकार के खजाने में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि पहुंचा चुका है।
- यह संग्रह राज्य अर्थव्यवस्था में स्थिरता और टैक्स बेस के विस्तार का साक्ष्य है।
- पूरे भारत में GST की कुल सालाना संग्रह 2024-25 में 22.08 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड रहा, जिसमें दिल्ली का योगदान काफी महत्वपूर्ण रहा है।
जीएसटी संग्रह बढ़ने के कारण
- आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि,
- बेहतर कर अनुपालन और प्रशासनिक सुधार,
- व्यापक टैक्स बेस और तकनीकी उन्नयन जैसे कारण हैं।
इस प्रकार दिल्ली सरकार का इस बार 6 महीने में जीएसटी से 22,000 करोड़ रुपये से अधिक का संग्रह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है जो राज्य के वित्तीय स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है.
दिल्ली सरकार के GST संग्रह में 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण हैं:
- दिल्ली की आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी,
- बेहतर कर अनुपालन और प्रशासनिक सुधार जिनसे टैक्स बेस का विस्तार हुआ,
- GST संशोधनों और आसान टैक्स प्रणाली ने बाजार को बढ़ावा दिया,
- लॉजिस्टिक्स, व्यापार और उपभोक्ता खर्च में वृद्धि से राजस्व संग्रह हुआ।
खर्च के पक्ष में योजनाएं
दिल्ली सरकार के बजट 2025-26 के अनुसार, GST और अन्य टैक्स से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल इस प्रकार होगा:
- विकास कार्यों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (जैसे सड़क, परिवहन, स्वास्थ्य और शिक्षा),
- सरकारी कल्याण योजनाओं,
- शहरी और सामाजिक विकास कार्यक्रमों,
- पारदर्शिता बढ़ाने और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था में निवेश,
- बजट में कुल खर्च 95,358 करोड़ रुपये है, जिसमें से 68,700 करोड़ से अधिक टैक्स राजस्व के रूप में आएंगे, और इनमें GST का बड़ा हिस्सा है।
इसलिए, ये रकम दिल्ली के सार्वजनिक सेवाओं, विकास परियोजनाओं और सरकारी कल्याण कार्यों को मजबूत करने में व्यय की जाएगी.

