शाहरुख और गौरी खान को दिल्ली हाई कोर्ट का समन, समीर वानखेड़े की याचिका हाई कोर्ट का नोटिस

दिल्ली हाई कोर्ट ने शाहरुख खान और गौरी खान को समन जारी किया है, और इस मामले में पूर्व नारकोटिक्स ब्यूरो (एनसीबी) अधिकारी समीर वानखेड़े ने उनके खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया है, जिसमें उन्होंने 2 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा है। यह मामला उनकी वेब सीरीज ‘बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ को लेकर है, जिसमें उनके खिलाफ आपत्तिजनक और नकारात्मक छवि प्रस्तुत करने का आरोप है.

मुख्य बातें
- समीर वानखेड़े ने आरोप लगाया है कि इस सीरीज में उनकी गलत छवि दिखाई गई है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है.
- उन्होंने इसके लिए 2 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा है, जिसे वे कैंसर रोगियों के इलाज के लिए दान करना चाहते हैं.
- कोर्ट ने रेड चिलीज और नेटफ्लिक्स को जवाब दाखिल करने के लिए 7 दिनों का समय दिया है, और इस मामले में सुनवाई अभी लंबित है.
यह मामला खासतौर पर इस बात को लेकर चर्चा में है कि ‘बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ सीरीज में समीर वानखेड़े को लेकर गलत और नकारात्मक छवि पेश की गई है, जो उनके व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन को प्रभावित कर रहा है.
समीर वानखेड़े ने अपने मानहानि केस में निम्नलिखित दावे किए हैं:
- वेब सीरीज ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में उनका चित्रण झूठा, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक बताया गया है, जिससे उनकी व्यक्तिगत और पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि यह सीरीज उन्हें जानबूझकर बदनाम करने के लिए बनाई गई है.
- सीरीज में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और उसके अधिकारियों की नकारात्मक छवि पेश की गई है, जिससे ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई और कानून व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है.
- वेब सीरीज में एक सीन में राष्ट्रीय प्रतीक ‘सत्यमेव जयते’ का अपमान किया गया है, जो 1971 के राष्ट्रीय स्मारक संरक्षण कानून का उल्लंघन है.
- ड्रग्स केस की न्यायिक प्रक्रिया फिलहाल विचाराधीन है, लेकिन सीरीज के जरिए उस पर गलत प्रभाव डालने की कोशिश की गई है.
- वेब सीरीज में धूम्रपान, वेपिंग और शराब पीने के सीन दिखाए गए हैं, जिन पर मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने भी आपत्ति जताई है.
- समीर वानखेड़े ने 2 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा है, जो वे कैंसर रोगियों के इलाज के लिए दान करेंगे.
ये दावे उनकी प्रतिष्ठा और छवि को नुकसान पहुंचाने, कानून-व्यवस्था पर गलत प्रभाव डालने और राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान जैसे गंभीर मुद्दों पर केंद्रित हैं ।

