​नई दिल्ली:दिवाली के बाद दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता लगातार ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में बनी हुई है। पटाखों के धुएं, धीमी हवा और पराली जलाने की घटनाओं के मिले-जुले असर से कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया है।

इस स्थिति से निपटने के लिए, प्रशासन ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के अगले चरण को लागू करने की तैयारी शुरू कर

वर्तमान AQI स्थिति

दिल्ली-एनसीआर का औसत AQI दिसंबर 2025 में 343 तक पहुंचा, जो आठ सालों में सबसे खराब रहा। ITO, आनंद विहार जैसे इलाकों में 429 तक दर्ज हुआ, जबकि GRAP-IV लागू होने के बावजूद सुधार नहीं दिखा। PM2.5 का स्तर खतरनाक बना रहा।

दिवाली का प्रभाव

दिवाली (अक्टूबर 2025) के बाद PM2.5 488 माइक्रोग्राम/घन मीटर तक पहुंचा, जो पिछले पांच सालों का रिकॉर्ड है। पटाखों और स्थिर मौसम ने प्रदूषण को बढ़ाया, AQI 500 पार कर गया। नोएडा-गाजियाबाद में भी ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ स्तर रहा।

क्लाउड सीडिंग की नाकामी

अक्टूबर 2025 में क्लाउड सीडिंग का ट्रायल किया गया, लेकिन बादलों की कमी और पोस्ट-मानसून मौसम से यह बेअसर रही। विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल अस्थायी राहत देती है, स्थायी समाधान नहीं। IIT कानपुर ने प्रयास किया, पर प्रदूषण लौट आया।

स्वास्थ्य जोखिम

जहरीली हवा से आंखों में जलन, सांस की तकलीफ बढ़ रही है, खासकर बच्चों-बुजुर्गों में। N95 मास्क और घर में रहने की सलाह दी जा रही। सांस रोगियों को शहर छोड़ने की हिदायत।

The Daily Briefingराष्ट्रीय समाचारस्थानीय / राज्य समाचारAQI,HindiKhabar,Hindinews,क्लाउड सीडिंग,गाजियाबाद,डेलीब्रीफिंगन्यूज,दिल्ली-एनसीआर,नियंत्रण बोर्ड,नोएडा,पराली,प्रदूषण,लेटेस्टन्यूज,हिंदीखबर,हिंदीन्यूज​नई दिल्ली: दिवाली के बाद दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता लगातार 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में बनी हुई है। पटाखों के धुएं, धीमी हवा और पराली जलाने की घटनाओं के मिले-जुले असर से कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया है। इस स्थिति से निपटने...For Daily Quick Briefing