दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: 8 ठग गिरफ्तार, फर्जी ऐप्स से 15 करोड़ की ठगी

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक बड़े अंतरराज्यीय निवेश धोखाधड़ी सिंडिकेट का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन में 8 प्रमुख आरोपियों को विभिन्न राज्यों से गिरफ्तार किया गया। गिरोह ने व्हाट्सएप और फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स के जरिए लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाया ।

घटना की शुरुआत: पीड़ित महिला की शिकायत
सबसे पहले 7 नवंबर 2025 को वसंत कुंज, नई दिल्ली की रहने वाली 42 वर्षीय महिला एमएस ने शिकायत दर्ज की। उसे व्हाट्सएप पर स्टॉक ट्रेडिंग में विशेषज्ञता का लालच देकर 15.58 लाख रुपये निवेश कराए गए। फर्जी ऐप्स पर दिखाए गए मुनाफे के बाद पैसे निकालने पर रोक लगा दी गई ।
इस शिकायत पर ई-एफआईआर नंबर 60/25 दर्ज हुई। जांच में पता चला कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था। साइबर पुलिस ने तत्काल डिजिटल ट्रेलिंग शुरू की ।
ऐसी ठगियां आमतौर पर मध्यम वर्ग को निशाना बनाती हैं, जहां लोग तेज मुनाफे के लालच में फंस जाते हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पूरी लिस्ट
पुलिस ने निम्नलिखित 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया:
- वनपटला सुनील (43 वर्ष, तेलंगाना)
- साकिनाला शंकर (61 वर्ष, हैदराबाद)
- मनोज यादव (38 वर्ष, संत कबीर नगर, यूपी)
- संदीप सिंह उर्फ लंकेश (30 वर्ष, बनारस)
- आदित्य प्रताप सिंह (23 वर्ष, कोटा, राजस्थान)
- राहुल (30 वर्ष, दिल्ली)
- शेरू (38 वर्ष, दिल्ली)
- सोमपाल (34 वर्ष, बरेली, यूपी) ।
ये सभी म्यूल अकाउंट्स उपलब्ध कराने और धन ट्रांसफर में शामिल थे। मुख्य आरोपी कंबोडिया से संचालित हैंडलर्स के संपर्क में थे।
सिंडिकेट का मॉडस ऑपरेंडी: स्टॉक ट्रेडिंग का जाल
गिरोह व्हाट्सएप ग्रुप्स बनाकर लोगों को जोड़ता था। वे खुद को स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट बताते।
- छोटे निवेश पर तुरंत 20-30% रिटर्न दिखाते।
- फिर बड़े अमाउंट निवेश कराने का दबाव डालते।
- ऐप्स पर फर्जी बैलेंस दिखाकर पैसे लॉक कर देते ।
धन को एक्सिस बैंक, एसबीआई और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के म्यूल अकाउंट्स से कंबोडिया भेजा जाता। कुल 15 करोड़ से अधिक संदिग्ध ट्रांजेक्शन ट्रेस हुए ।
फर्जी फर्म्स खोलकर करेंट अकाउंट्स बनाए जाते, जो ठगी का मुख्य हथियार थे।
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पुलिस की स्मार्ट जांच: तकनीकी हथियारों का कमाल
दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर पुलिस स्टेशन ने ऑपरेशन चलाया। इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक (SHO), एसआई चेतन राना, एचसी मनेन्द्र और एचसी विजयपाल की टीम ने ACP विजय पाल सिंह तोमर के नेतृत्व में काम किया ।
- सर्विलांस और मनी ट्रेल एनालिसिस से तेलंगाना लिंक मिला।
- डिजिटल फोरेंसिक से व्हाट्सएप नंबर्स ट्रेस हुए।
- विभिन्न राज्यों में समन्वित छापेमारी ।
48 घंटों में सभी गिरफ्तार। बैंक अकाउंट्स फ्रीज कर दिए गए।
जब्त सामान: ठगी के हथियार बरामद
ऑपरेशन में भारी मात्रा में सामान बरामद हुआ:
साइबर ठगी का बढ़ता खतरा: दिल्ली-NCR में आंकड़े
दिल्ली में साइबर क्राइम के केस 2025 में 40% बढ़े। निवेश ठगी के 70% मामले अंतरराज्यीय।
- 2025 में 5000+ शिकायतें निवेश स्कैम्स की।
- औसतन प्रति पीड़ित 10-20 लाख का नुकसान।
- कंबोडिया, चीन से लिंक वाले गिरोह प्रमुख ।
पुलिस ने I4C और DoT से सहयोग लिया। इसी तरह के अन्य सिंडिकेट्स पर नजर।
अन्य साइबर क्राइम्स: हालिया उदाहरण
हाल ही में दिल्ली पुलिस ने कई बड़े ऑपरेशन चलाए:
- 100 करोड़ की ठगी, चीन-नेपाल-पाक लिंक, 7 गिरफ्तार ।
- डिजिटल अरेस्ट स्कैम, 78 वर्षीय बुजुर्ग से 2.19 करोड़ ठगे ।
- 20,000 ई-सिम जब्त, 100 करोड़ फ्रॉड ।
ये घटनाएं साइबर क्राइम की जटिलता दर्शाती हैं।
पीड़ितों को राहत: पुलिस की सलाह
पीड़ितों से अपील है कि घबराएं नहीं।
- धोखाधड़ी के 24 घंटे के अंदर 1930 पर कॉल करें।
- RBI-अनुमोदित ऐप्स ही इस्तेमाल करें।
- अनजान व्हाट्सएप लिंक्स पर क्लिक न करें ।
पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए। रिफंड प्रक्रिया तेज की जा रही।
भविष्य की चुनौतियां: साइबर सिक्योरिटी मजबूत हो
भारत में साइबर क्राइम 2026 में और बढ़ सकता। सरकार ने नया साइबर लॉ लाने की योजना।
- NPCI और RBI ने म्यूल अकाउंट्स पर सख्ती।
- AI-बेस्ड डिटेक्शन सिस्टम लागू।
- अंतरराज्यीय कोऑर्डिनेशन बढ़ाना जरूरी ।
दिल्ली पुलिस की यह सफलता अन्य राज्यों के लिए मिसाल।
जांच का अगला चरण: और खुलासे संभव
जांच जारी है। कंबोडिया हैंडलर्स की तलाश।
- 200+ पीड़ितों की पहचान।
- और गिरफ्तारियां अपेक्षित।
- अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से सहयोग ।
यह ऑपरेशन साइबर ठगों को सबक सिखाएगा।
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