Dhanteras 2025: धनतेरस पर शनि का साया! धनतेरस पर गलती से भी न खरीदें ये 6 चीजें,घर में होगा दरिद्रता का वास

धनतेरस 2025 पर घर में दरिद्रता और नकारात्मकता से बचने के लिए कुछ चीजें गलती से भी नहीं खरीदनी चाहिए। परंपरा और शास्त्रों के अनुसार, धनतेरस के दिन ये चीजें खरीदने से अशुभता आती है और लक्ष्मी माता की कृपा कम हो सकती है।

धनतेरस 2025 पर न खरीदने वाली 6 वस्तुएं
- लोहा और उसके बने बर्तन: लोहे का संबंध शनि देव से बताया गया है, जो कष्ट और बाधा लाने वाला ग्रह है। इसलिए लोहे की चीजें खरीदना शुभ नहीं माना जाता।
- धारदार वस्तुएं (चाकू, कैंची, ब्लेड आदि): ये वस्तुएं घर में अशांति और दरिद्रता का कारण बनती हैं, क्योंकि यह रिश्तों और स्थिरता को काटने का प्रतीक हैं।
- काले रंग के वस्त्र और सामान: काला रंग हिंदू धर्म में अशुभ माना जाता है। धनतेरस पर काले रंग की चीजें खरीदने से नकारात्मक ऊर्जा आती है।
- प्लास्टिक की वस्तुएं: प्लास्टिक को आयुष्य और स्थिर धन का प्रतीक नहीं माना जाता, इसलिए इसे खरीदना मना है।
- कांच और शीशे की चीजें: कांच टूटने वाला और नाजुक होता है, जो वित्तीय अस्थिरता और रिश्तों में समस्या का संकेत देता है।
- खाली बटुए, खाली डिब्बे या दूसरा उपयोग किया हुआ सामान: खाली बटुआ या कंटेनर लेने से समृद्धि में कमी आती है क्योंकि ये खालीपन का प्रतीक होते हैं। पुराने सामान लेने से भी धन प्रवाह में बाधा आती है।
इनसे बचकर, आप धनतेरस पर सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि को घर में आमंत्रित कर सकते हैं। बेहतर है कि इस दिन सोना, चांदी, तांबा, पीतल के नए बर्तन, उपयोगी घरेलू सामान, और शुभ वस्तुएं ही खरीदी जाएं।
यह मार्गदर्शन अनेक आध्यात्मिक और ज्योतिषीय स्रोतों की पुष्टि करता है ताकि धनतेरस के दिन खरीदारी शुभ और समृद्धि बढ़ाने वाली हो.
धनतेरस पर किन चीज़ों को खरीदना शुभ माना जाता है
धनतेरस 2025 पर शुभ वस्तुएं खरीदी जाती हैं, जो घर में समृद्धि, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि का प्रतीक होती हैं। इस दिन ऐसी वस्तुएं खरीदना अधिक शुभ माना जाता है।
धनतेरस 2025 पर शुभ वस्तुएं
- सोना और चांदी के आभूषण: यह पारंपरिक और सबसे अधिक शुभ माना जाता है। लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों के साथ ही सोने और चांदी के गहने भी खरीदे जाते हैं ताकि घर में सुख-समृद्धि आए.
- पीतल और तांबे के बर्तन: इन धातुओं के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। पीतल और तांबा स्वास्थ्य और सम्पन्नता का सूचक होते हैं, जिससे घर में सकारात्मकता बनी रहती है.
- मूर्ति और प्रतिमा: भगवान लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियां, वृषभ और कुबेर की प्रतिमाएं खरीदी जाती हैं, जो घर में सुख-समृद्धि का संचार करती हैं.
- आभूषण और सिक्के: विशेष रूप से चांदी के आभूषण और लक्ष्मी-गणेश के सिक्के खरीदना शुभ माना जाता है। ये धन और शुभता के प्रतीक हैं.
- दीपक और घरेलू सजावट का सामान: घर को सजाने और प्रकाशमान करने के लिए दीपक, गुलाल और दिवाली की सजावट भी शुभ होती है, जो सकारात्मक ऊर्जा लाता है.
- आधुनिक उपयोगी वस्तुएं: इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन, और घरेलू उपकरण भी आयुर्वेदिक और समृद्धि की दृष्टि से खरीदे जाते हैं, यदि शुभ मुहूर्त में हो तो विशेष लाभकारी माना जाता है.
ध्यान रखें कि इन शुभ वस्तुओं को खरीदते समय शुभ मुहूर्त और देवताओं का विधिवत पूजन भी कल्याणकारी होता है। इससे घर में सुख, समृद्धि और स्थिरता बनी रहती है.
धनतेरस 2025 पर शुभ मुहूर्त और खरीदारी के लिए सही समय इस प्रकार है:
- धनतेरस की तिथि: 18 अक्टूबर 2025 (शनिवार)
- त्रयोदशी तिथि दोपहर 12:18 बजे से शुरू होकर 19 अक्टूबर 2025 दोपहर 1:51 बजे तक रहेगी, लेकिन प्रदोष काल और शाम का समय ही प्रमुख माना जाता है।
- पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 7:16 बजे से रात 8:20 बजे तक (प्रदोष काल)
- खरीदारी का शुभ मुहूर्त: दोपहर 12:20 बजे से शुरू होकर शाम तक, विशेष रूप से शाम 5:48 बजे से 8:20 बजे तक (प्रदोष काल) और शाम 7:16 बजे से रात 9:11 बजे तक (वृषभ काल)
- सोना खरीदारी के लिए शुभ समय: सुबह 8:50 बजे से 10:33 बजे तक
इस दौरान मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर एवं भगवान धन्वंतरि की पूजा व खरीदारी करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस शुभ मुहूर्त में की गई खरीदारी से घर में समृद्धि, धन की वृद्धि और लक्ष्मी का वास होता है। त्रयोदशी तिथि के शुरू होते ही भी खरीदारी प्रारंभ की जा सकती है, लेकिन प्रदोष और वृषभ काल के समय विशेष लाभकारी माने जाते हैं.

