डिजिटल अरेस्ट स्कैम: नोएडा में बैंक मैनेजर से ठगे 1.29 करोड़, सिम मिसयूज का डर

नोएडा, 18 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश के नोएडा में साइबर क्रिमिनल्स ने एक नई चाल चली है। ‘आपका सिम मिसयूज हो रहा है’ और ‘डिजिटल अरेस्ट’ का बहाना बनाकर रिटायर्ड बैंक मैनेजर से 1.29 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई। यह मामला नोएडा साइबर फ्रॉड का ताजा उदाहरण है, जहां ठगों ने बुजुर्ग को घंटों फोन पर बांधे रखा।

नोएडा पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस आर्टिकल में जानिए नोएडा साइबर ठगी की पूरी स्टोरी, बचाव के उपाय और हाल के आंकड़े।
नोएडा में सिम मिसयूज स्कैम की पूरी वारदात: step-by-step खुलासा
नोएडा के सेक्टर-20 इलाके में रहने वाले 65 वर्षीय रिटायर्ड बैंक मैनेजर रामेश्वर प्रसाद (नाम बदला गया) सोमवार सुबह 10 बजे अपने मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल प्राप्त करते हैं। कॉलर खुद को ‘ट्राई नेटवर्क सिक्योरिटी टीम’ का अधिकारी बताता है।
चरण 1: सिम मिसयूज का डर पैदा करना
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ठग कहते हैं, “सर, आपका सिम कार्ड मिसयूज हो रहा है। किसी ने आपके नंबर से अवैध कॉल्स और SMS किए हैं।”
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पीड़ित घबरा जाते हैं और पूछते हैं, “क्या करना होगा?”
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ठग जवाब देते हैं, “हम नया सिम एक्टिवेट कर रहे हैं। पुराना सिम ब्लॉक हो जाएगा। वीडियो कॉल पर रहें।”
यह सिम स्वैपिंग स्कैम का क्लासिक तरीका है, जहां ठग असली सिम को हैक करने की कोशिश करते हैं। NCRB डेटा के अनुसार, 2025 में भारत में सिम स्वैप फ्रॉड के 1.2 लाख केस दर्ज हुए।
चरण 2: डिजिटल अरेस्ट का जाल
वीडियो कॉल पर ठग पुलिस यूनिफॉर्म पहने फर्जी वीडियो दिखाते हैं। वे कहते हैं:
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“आपके बैंक अकाउंट से टेरर फंडिंग हो रही है। आपको डिजिटल अरेस्ट में लिया जा रहा है।”
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“24 घंटे में जांच पूरी होगी, लेकिन पैसे सुरक्षित करने के लिए ट्रांसफर करें।”
डिजिटल अरेस्ट क्या है? यह कोई कानूनी टर्म नहीं है। साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, यह ठगों का नया हथियार है। 2026 में अब तक 5000+ केस रिपोर्ट हुए। पीड़ित को 1.29 करोड़ रुपये 5 अलग-अलग UPI ID और बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर करवाए गए।
चरण 3: ठगी पूरी होने के बाद गायब
ट्रांसफर पूरा होते ही कॉल कट जाती है। पीड़ित को मैसेज आता है, “जांच पूरी, पैसे 7 दिनों में वापस।” लेकिन कुछ नहीं होता। मंगलवार को पीड़ित नोएडा पुलिस स्टेशन पहुंचे।
पीड़ित की प्रोफाइल: बैंक मैनेजर भी फंस गया
रामेश्वर प्रसाद 30 साल SBI में मैनेजर रहे। रिटायरमेंट के बाद नोएडा में शांत जीवन जी रहे थे। उनकी सेविंग्स FD और म्यूचुअल फंड्स में थीं।
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उम्र: 65 वर्ष
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पेशा: पूर्व SBI मैनेजर
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नुकसान: 1.29 करोड़ (जिसमें 80 लाख FD, 49 लाख कैश)
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परिवार: पत्नी और दो बेटे (दिल्ली-NCR में नौकरी)
पीड़ित ने बताया, “मैंने सोचा पुलिस है। वीडियो पर CBI लोग दिखे।” यह दिखाता है कि नोएडा साइबर फ्रॉड शिक्षित लोगों को भी निशाना बनाते हैं।
नोएडा पुलिस की तत्काल कार्रवाई और जांच अपडेट
नोएडा के DCP साइबर क्राइम ने बताया:
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FIR डिटेल्स: IPC 420, 467, 468 और IT Act 66C, 66D के तहत केस।
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ट्रै킹: कॉल सिस्टर (दुबई IP), UPI ID (मल्टीपल वॉलेट्स) ट्रेस हो रहे।
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टीम: 10 सदस्यीय साइबर सेल + I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre)।
पिछले हफ्ते नोएडा में इसी तरह 2 और केस: एक से 45 लाख, दूसरे से 20 लाख ठगे गए। पुलिस ने हेल्पलाइन 1930 को प्रमोट किया।
हाल के नोएडा साइबर फ्रॉड आंकड़े
(स्रोत: नोएडा पुलिस डेटा)
सिम मिसयूज और डिजिटल अरेस्ट स्कैम: भारत में बढ़ता खतरा
सिम मिसयूज स्कैम में ठग टेलीकॉम कंपनियों को फर्जी डॉक्यूमेंट्स से सिम डुप्लिकेट करवाते हैं। डिजिटल अरेस्ट 2024 से ट्रेंडिंग है – Google ट्रेंड्स पर 300% सर्च बढ़ोतरी।
क्यों बड़ रहा है नोएडा में साइबर फ्रॉड?
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पॉपुलेशन: 10 लाख+ निवासी, हाई इनकम ग्रुप।
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टेक सैवी: IT हब होने से डिजिटल ट्रांजेक्शन ज्यादा।
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इंटरनेशनल गैंग: इंडोनेशिया, वेस्ट अफ्रीका से ऑपरेट।
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कोविड आफ्टरमाथ: ऑनलाइन बैंकिंग 5 गुना बढ़ी।
PM मोदी ने हाल ही में ‘साइबर सिक्योर इंडिया’ कैंपेन लॉन्च किया। RBI ने UPI लिमिट सलाह दी।
साइबर ठगी से 100% बचाव: 10 प्रैक्टिकल टिप्स
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अज्ञात कॉल इग्नोर: ‘सिम ब्लॉक’ या ‘अरेस्ट’ कहने पर कॉल काटें।
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1930 डायल: नेशनल हेल्पलाइन पर रिपोर्ट।
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टू-फैक्टर वेरिफिकेशन: ऑन हमेशा चालू रखें।
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बैंक कॉल वेरिफाई: खुद बैंक से संपर्क करें।
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ऐप्स अपडेट: सिक्योरिटी पैच इंस्टॉल।
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UPI पिन शेयर न करें: कभी भी।
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फैमिली अलर्ट: बुजुर्गों को ट्रेनिंग दें।
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संदिग्ध लिंक अवॉइड: क्लिक न करें।
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पासवर्ड चेंज: मंथली।
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साइबर पुलिस ऐप डाउनलोड: रिपोर्टिंग आसान।
विशेषज्ञों की राय: साइबर क्रिमिनोलॉजिस्ट का विश्लेषण
डॉ. अनुराग त्रिपाठी (Amity University) कहते हैं, “डिजिटल अरेस्ट साइकोलॉजिकल वारफेयर है। डर पैदा कर कंट्रोल लेते हैं। जागरूकता ही हथियार।”
RBI के अनुसार, 2025 में साइबर फ्रॉड से 20,000 करोड़ का लॉस। रिकवरी रेट सिर्फ 10%।
FAQ: नोएडा साइबर फ्रॉड से जुड़े सवाल
डिजिटल अरेस्ट क्या होता है?
कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं। ठगों का बहाना।
सिम मिसयूज स्कैम कैसे रोकें?
टेलीकॉम ऐप से सिम स्टेटस चेक करें।
ठगी के बाद क्या करें?
1930 कॉल करें, cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट।
नोएडा में रिपोर्ट कहां?
सेक्टर-20 थाना या साइबर सेल हेल्पलाइन।
जागें, सावधान रहें – शेयर करें
नोएडा साइबर फ्रॉड जैसे केस रोज बढ़ रहे। 1.29 करोड़ का यह केस चेतावनी है। परिवार को बताएं, हेल्पलाइन सेव करें। क्या आपके साथ ऐसा हुआ? कमेंट में शेयर करें। अधिक न्यूज़ के लिए सब्सक्राइब करें।
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