मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से 10 से ज्यादा बच्चों की मौत के मामले में बड़ा एक्शन लिया गया है—इसमें मुख्य डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिन्होंने ‘Coldrif’ कफ सिरप बच्चों को लिखी थी।

क्या हुआ इस मामले में

  • छिंदवाड़ा के परासिया इलाके में ज्यादातर मासूमों का इलाज डॉक्टर प्रवीण सोनी के क्लीनिक में हुआ था और वहीं पर उन्हें ये सिरप दी गई थी।
  • Coldrif सिरप की जांच में पाया गया कि इसमें 48.6% डाइइथिलीन ग्लाइकोल (Diethylene Glycol) नामक जहरीला रसायन मिला था, जिससे बच्चों के गुर्दों में संक्रमण फैल गया और आखिर में उनकी जान चली गई।
  • मौत के बाद राज्य सरकार ने तुरंत सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी और निर्माता कंपनी Sresan Pharmaceuticals (तमिलनाडु, कांचीपुरम) के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया।

प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई

  • डॉक्टर प्रवीण सोनी समेत निर्माता कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और कई धाराओं जैसे BNS सेक्शन 279 (adulteration of drugs), 105 (culpable homicide not amounting to murder), और Drugs & Cosmetics Act के तहत कठोर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
  • Madhya Pradesh सरकार ने मृत बच्चों के परिवारों को ₹4 लाख की राहत राशि देने की घोषणा भी की है।
  • केंद्र और राज्य स्तर पर कई मेडिकल और ड्रग जांच विभागों ने अपनी टीमें बनाकर पूरे प्रकरण की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।

घटना के कारण और असर

  • बच्चों में शुरुआती लक्षण हल्के जुकाम और बुखार थे, लेकिन सिरप लेने के कुछ दिनों बाद गुर्दे में गड़बड़ी के गंभीर लक्षण दिखे और हालत बिगड़ती चली गई।
  • घटना के बाद राज्यभर और दूसरे राज्यों में भी कफ सिरप के नमूनों की जांच शुरू हो गई है, ताकि कोई और ऐसा मामला न हो।

यह मामला देश में दवा नियमन और डॉक्टरों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन ने सख्त कानून कार्रवाई और कफ सिरप के सभी संदिग्ध बैचों को जब्त करने का आदेश दिया है।

सरकार ने जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामलों की जांच कई राज्यों में शुरू की है, जिसमें केंद्रीय और राज्य स्तर की एजेंसियां शामिल हैं।

जांच वाले राज्य

  • मध्य प्रदेश: छिंदवाड़ा के बच्चों की मौत के बाद राज्य सरकार के साथ केंद्र सरकार की टीमs (NCDC, ICMR, CDSCO) सक्रिय हैं।
  • राजस्थान: बच्चों की मौत के मामलों के बाद डेक्स्ट्रोमेथॉर्फन सिरप बैन कर दिया गया और तीन सदस्यीय समिति जांच कर रही है।
  • तमिलनाडु: जहां Coldrif सिरप बनती है, वहां की ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी ने निर्माता कंपनी के प्लांट की जांच की और सिरप के सैंपल लिए।
  • केरल: एहतियात के तौर पर Coldrif सिरप पर बैन लगाया गया और ड्रग डिपार्टमेंट ने जांच की शुरुआत की है।
  • महाराष्ट्र: केंद्र सरकार की टीमें महाराष्ट्र में भी दवा निर्माण इकाइयों की जांच कर रही हैं।
  • हिमाचल प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड: CDSCO और हेल्थ मिनिस्ट्री ने इन राज्यों के फार्मा प्लांट्स की भी विस्तृत जांच का आदेश दिया है—विशेष रूप से उन Unit्स की, जहां कफ सिरप, एंटीबायोटिक्स, और पेन किलर बनते हैं।

मुख्य बिंदु

  • कई राज्यों में ड्रग इंस्पेक्शन और खतरनाक बैच जब्त करने की कार्रवाई जारी है।
  • केंद्र का उद्देश्य दवा गुणवत्ता की खामियां पकड़ना और सुधार प्रस्तावित करना है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

इन सबके अलावा, अन्य राज्यों को भी सतर्क किया गया है ताकि संदिग्ध सिरप की सप्लाई पर नजर रखी जा सके।

The Daily Briefingअपराधराष्ट्रीय समाचारस्वास्थ्यChhindwara,Coughsyurp,Crime,Death,HindiKhabar,LatestNews,Madhyapradesh,Mp,MpGovtमध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से 10 से ज्यादा बच्चों की मौत के मामले में बड़ा एक्शन लिया गया है—इसमें मुख्य डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिन्होंने ‘Coldrif’ कफ सिरप बच्चों को लिखी थी। क्या हुआ इस मामले में छिंदवाड़ा के परासिया इलाके में...For Daily Quick Briefing