लखनऊ की रहने वाली डॉ. शाहीन शाहिद, जिन्हें पहले मेडिकल दुनिया में एक सम्मानित डॉक्टर के रूप में जाना जाता था, अब देश की सबसे संवेदनशील आतंकी जांचों में शामिल हैं। दिल्ली ब्लास्ट केस की जांच में शाहीन का नाम आने के बाद एजेंसियां उनकी हर पुरानी गतिविधि की बारीकी से जांच कर रही हैं। खास तौर पर, शाहीन की लखनऊ और अयोध्या यात्रा को लेकर जांच तेज हो गई है।

लखनऊ में संदिग्ध मुलाकातें

सितंबर के पहले सप्ताह में शाहीन लखनऊ आई थीं और लगभग चार दिन शहर में रुकीं। इस दौरान वह अलीगंज, चारबाग, लालबाग और सिविल अस्पताल के आसपास के इलाकों में गईं। एजेंसियों को शक है कि शाहीन ने यहां कई संदिग्ध लोगों से मुलाकात की थी। जांच में यह भी सामने आया है कि जिन लोगों से शाहीन मिली थीं, वे बाद में अयोध्या पहुंचे थे। अब जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि वे अयोध्या में किससे मिले और उनकी यात्रा का उद्देश्य क्या था।

अयोध्या यात्रा का राज

शाहीन के लखनऊ प्रवास के दौरान जिन लोगों से मिली थीं, उनमें से कुछ लोगों के अयोध्या जाने के सबूत मिले हैं। एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस अब यह जांच रही हैं कि वे अयोध्या में राम मंदिर के आसपास किससे मिले और उनकी यात्रा का उद्देश्य क्या था। सुरक्षा एजेंसियां फोन लोकेशन, ट्रैवल टिकट और होटल बुकिंग रिकॉर्ड खंगाल रही हैं।

फरीदाबाद और कश्मीर तक फैला नेटवर्क

दिल्ली ब्लास्ट केस में शाहीन और उनके भाई डॉ. परवेज अंसारी का नाम भी आया है। परवेज ने लखनऊ की इंटीग्रल यूनिवर्सिटी से अचानक इस्तीफा दे दिया था। एजेंसियों को शक है कि उसने इस्तीफा इसलिए दिया क्योंकि उसे भनक लग गई थी कि सुरक्षा एजेंसियां उसके करीब पहुंच रही हैं। परवेज को फरीदाबाद ले जाकर पूछताछ की जा रही है। उसके मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट और हार्ड डिस्क की फॉरेंसिक जांच जारी है। इन उपकरणों से कई एन्क्रिप्टेड चैट, बैंक ट्रांजैक्शन और विदेशी संपर्कों के नंबर मिले हैं। एजेंसियों को शक है कि परवेज का जैश-ए-मोहम्मद के फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़ाव हो सकता है।

परिवार की प्रतिक्रिया

शाहीन के पिता सईद अंसारी ने कहा कि उनकी बेटी हमेशा पढ़ाई में अव्वल रही और कभी किसी से बुरा नहीं किया। उन्हें यकीन नहीं है कि शाहीन किसी आतंकी गतिविधि में शामिल हो सकती है। लेकिन जांच टीम के मुताबिक, शाहीन की कार से AK-47, पिस्टल और बड़ी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं।

अब आगे की जांच

एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस शाहीन के अयोध्या की यात्रा के पीछे की सच्चाई की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं। यह जांच इस बात को भी सामने लाएगी कि इस यात्रा का उद्देश्य धार्मिक स्थल की सुरक्षा जांच थी या कोई अन्य मीटिंग। साथ ही, शाहीन से जुड़े डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच ने कई गोपनीय चैट और विदेशी संपर्कों के भी सुराग दिए हैं, जो इस मामले की गहराई में जाने का संकेत देते हैं।

इस पूरी कहानी ने आतंकवाद और मेडिकल प्रोफेशन के बीच एक खतरनाक कड़ी को उजागर किया है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। शाहीन की अयोध्या यात्रा, उसके मिलने वाले संदिग्छ लोग और उसका भाई परवेज इस खुफिया मामले में सबसे अहम कड़ी बन गए हैं। जांच अब इन सभी कड़ियों को जोड़कर देश को एक बड़े खतरे से बचाने की पूरी कोशिश कर रही है।

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