लुधियाना सेंट्रल जेल में नशे का जाल उजागर ,सहायक सुपरिटेंडेंट गिरफ्तार; LED में छिपाए गए थे नशीले पदार्थ

लुधियाना सेंट्रल जेल में नशीले पदार्थ और मोबाइल फोन तस्करी के मामले में सहायक सुपरिटेंडेंट सुखविंदर सिंह को गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान एक एलईडी टीवी स्क्रीन में छिपाकर 84 ग्राम और 121 ग्राम वजन के दो नशीले पदार्थ तथा 10 मोबाइल फोन बरामद किए गए.

गिरफ्तारी और जांच
सहायक सुपरिटेंडेंट सुखविंदर सिंह के खिलाफ जेल अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया । डीएसपी (सुरक्षा) जगजीत सिंह की शिकायत पर थाना डिवीजन नंबर 7 में मामला दर्ज किया गया, जिसमें एनडीपीएस अधिनियम और जेल अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं । जेल प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की ।
तस्करी की विधि
आरोपियों ने एलईडी टीवी स्क्रीन के अंदर टेप से नशीले पदार्थ और मोबाइल फोन चिपकाकर छिपाया था, ताकि जेल के गेट पर तलाशी के दौरान इसका पता न चल सके । जेल के नियमों के अनुसार, किसी भी इलेक्ट्रॉनिक सामान को जेल में लाने से पहले उसकी विस्तृत जांच और विशेष अनुमति आवश्यक होती है, लेकिन इस मामले में ऐसी प्रक्रिया का उल्लंघन किया गया ।
इस मामले में दो विचाराधीन कैदी, फिरोजुद्दीन और दीपक, भी शामिल हैं । जांच में पता चला कि उन्होंने सहायक सुपरिटेंडेंट को यह बताया था कि उन्होंने जेल सुपरिटेंडेंट से अनुमति ले ली है, जबकि जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई अनुमति नहीं दी गई थी । पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस नशा रैकेट में अन्य जेल कर्मचारी या अधिकारी भी शामिल हैं ।
जेल में पकड़े गए नशीले पदार्थ की मात्रा
लुधियाना सेंट्रल जेल में पकड़े गए नशीले पदार्थों की कुल मात्रा 205 ग्राम थी, जो दो अलग-अलग प्रकार में मिली। पहली बार 84 ग्राम और दूसरी बार 121 ग्राम वजन के नशीले पदार्थ बरामद किए गए थे। प्रकार की विशिष्टता की बात करें तो यह जानकारी उपलब्ध स्रोतों में स्पष्ट रूप से उल्लेखित नहीं है कि ये नशीले पदार्थ किस किस्म के थे, लेकिन यह NDPS एक्ट के तहत संग्रहीत माना गया है।
इस मामले पर पुलिस और जेल प्रशासन ने आगे क्या कार्रवाई
इस मामले में पुलिस और जेल प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण कार्रवाइयां की हैं। सहायक सुपरिटेंडेंट सुखविंदर सिंह को गिरफ्तार कर जेल से हटा दिया गया है। जेल प्रबंधन ने कैदियों के मोबाइल फोन और नशीले पदार्थ बरामद कर मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस ने NDPS एक्ट और जेल अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा, अन्य जेल अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है ताकि नशा तस्करी के पूरे जाल का भंडाफोड़ किया जा सके। सुरक्षा व्यवस्था और तस्करी रोकने के लिए जेल में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने और छानबीन में कड़ाई की भी चर्चा हो रही है।

