Eternal (पूर्व में Zomato) के शेयरों में भारी उतार–चढ़ाव: तिमाही नतीजों, CEO बदलाव और Blinkit की रिकॉर्ड ग्रोथ ने खींचा निवेशकों का ध्यान

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 22 जनवरी को Eternal लिमिटेड (पूर्व में Zomato) के शेयर निवेशकों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बने रहे। फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स और B2B सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में सक्रिय इस टेक्नोलॉजी कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के शानदार नतीजे जारी किए, जिसके बाद शेयरों में तेज़ हलचल देखने को मिली।

हालाँकि शुरुआती कारोबार में शेयरों ने जबरदस्त उछाल दिखाया, लेकिन दिन चढ़ने के साथ-साथ यह बढ़त टिक नहीं सकी और स्टॉक लाल निशान में फिसल गया। इस उतार-चढ़ाव के पीछे केवल तिमाही नतीजे ही नहीं, बल्कि कंपनी के शीर्ष नेतृत्व में बड़ा बदलाव और क्विक कॉमर्स बिज़नेस Blinkit की रिकॉर्डतोड़ ग्रोथ भी प्रमुख कारण रहे।
शुरुआती कारोबार में 7.5% से ज्यादा की छलांग
गुरुवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर Eternal के शेयरों ने मजबूत शुरुआत की। शुरुआती सौदों में स्टॉक लगभग 7.58% की तेजी के साथ ₹305 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया।
निवेशकों को उम्मीद थी कि कंपनी के मजबूत मुनाफे और Blinkit की शानदार परफॉर्मेंस के कारण शेयरों में और तेजी आएगी। लेकिन बाजार में जल्द ही मुनाफावसूली शुरू हो गई। दिन के मध्य तक स्टॉक अपनी पूरी बढ़त गंवा बैठा और अंततः ₹281.65 पर कारोबार करता दिखाई दिया, जो पिछले बंद भाव से करीब 0.65% नीचे था।
यह स्थिति साफ दर्शाती है कि मजबूत नतीजों के बावजूद निवेशकों के मन में भविष्य को लेकर कुछ अनिश्चितता बनी हुई है।
मुनाफे में 72.88% की जबरदस्त बढ़ोतरी
Eternal ने बुधवार देर शाम अपने Q3 FY26 के नतीजे घोषित किए थे। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 72.88% बढ़कर ₹102 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹59 करोड़ था।
कंपनी के अनुसार, इस मुनाफे का सबसे बड़ा कारण उसकी क्विक कॉमर्स यूनिट Blinkit की तेज़ वृद्धि रही। उपभोक्ताओं की बदलती आदतें, 10-15 मिनट में डिलीवरी की बढ़ती मांग और शहरी क्षेत्रों में तेजी से फैलता नेटवर्क Blinkit को कंपनी का सबसे मजबूत स्तंभ बना रहा है।
Blinkit की रिकॉर्डतोड़ कमाई
Q3 FY26 में Blinkit का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा। कंपनी की इस यूनिट से होने वाली आय बढ़कर ₹12,256 करोड़ हो गई, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह केवल ₹1,399 करोड़ थी।
यह लगभग नौ गुना से अधिक की वृद्धि है, जो भारत में क्विक कॉमर्स सेक्टर की तेज़ रफ्तार को दर्शाती है।
Blinkit अब केवल किराना या दैनिक जरूरतों की वस्तुएँ ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, पर्सनल केयर और घरेलू उपयोग के उत्पादों की भी तेजी से डिलीवरी कर रहा है। इससे कंपनी का औसत ऑर्डर वैल्यू और ग्राहक आधार दोनों बढ़े हैं।
Hyperpure भी बना मुनाफे का सौदा
Eternal की B2B सप्लाई चेन यूनिट Hyperpure, जो होटल, रेस्तरां और कैफे को कच्चा माल सप्लाई करती है, ने भी इस तिमाही में पहली बार Adjusted EBITDA स्तर पर मुनाफा दर्ज किया।
Blinkit के साथ-साथ Hyperpure का लाभ में आना इस बात का संकेत है कि कंपनी की लंबी अवधि की निवेश रणनीति अब रंग ला रही है।
बिजनेस डिस्ट्रिक्ट सेगमेंट में नुकसान जारी
हालांकि सभी खबरें सकारात्मक नहीं रहीं। कंपनी का बिजनेस डिस्ट्रिक्ट सेगमेंट – जिसमें टिकट बुकिंग और डाइनिंग-आउट जैसी सेवाएं शामिल हैं – अभी भी घाटे में है।
कंपनी ने बताया कि इस सेगमेंट में लगातार नए कैटेगरी बनाने और विस्तार करने में निवेश के कारण नुकसान बढ़ा है। हालांकि प्रबंधन का मानना है कि आने वाले 4 से 6 तिमाहियों में यह घाटा धीरे-धीरे घटकर ब्रेक-ईवन के करीब पहुंच जाएगा।
CEO और टॉप मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव
नतीजों के साथ-साथ Eternal ने एक और बड़ी घोषणा की, जिसने बाजार का ध्यान खींचा।
कंपनी के बोर्ड ने बताया कि:
- दीपिंदर गोयल 1 फरवरी से कंपनी के MD और CEO पद से इस्तीफा देंगे
- उन्हें अगले पांच वर्षों के लिए Vice Chairman और Director के रूप में नियुक्त किया जाएगा
- वर्तमान Blinkit CEO अल्बिंदर सिंह ढिंडसा को Eternal का नया Chief Executive Officer (CEO) नियुक्त किया गया है
यह बदलाव निवेशकों के लिए चौंकाने वाला था, क्योंकि दीपिंदर गोयल लंबे समय से कंपनी का चेहरा रहे हैं और Zomato को एक स्टार्टअप से मल्टी-बिलियन डॉलर कंपनी बनाने में उनकी अहम भूमिका रही है।
प्रबंधन बदलाव का बाजार पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती तेजी के बाद शेयरों में आई गिरावट का एक कारण यह नेतृत्व परिवर्तन भी हो सकता है।
हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव रणनीतिक है और इससे संचालन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा, लेकिन बाजार आमतौर पर ऐसे बदलावों को लेकर सतर्क रहता है।
अल्बिंदर ढिंडसा ने Blinkit को घाटे से निकालकर लाभ की ओर बढ़ाया है, इसलिए कई निवेशक उन्हें कंपनी के भविष्य के लिए सकारात्मक मान रहे हैं। फिर भी, CEO बदलना किसी भी बड़ी कंपनी के लिए संवेदनशील कदम होता है।
कैश बैलेंस में मामूली गिरावट
कंपनी के CFO अक्षांत गोयल ने शेयरहोल्डर्स को लिखे पत्र में बताया कि:
- कंपनी का कैश बैलेंस Q2 FY26 में ₹18,314 करोड़ था
- Q3 FY26 में घटकर ₹17,820 करोड़ रह गया
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह गिरावट मुख्य रूप से Blinkit में किए जा रहे कैपेक्स (पूंजीगत निवेश) और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के कारण हुई है।
यह निवेश भविष्य की ग्रोथ के लिए जरूरी माना जा रहा है।
निवेशकों की दुविधा: अवसर या जोखिम?
Eternal के नतीजे एक तरफ बेहद मजबूत हैं:
- मुनाफे में 73% की वृद्धि
- Blinkit और Hyperpure का लाभ में आना
- तेजी से बढ़ता क्विक कॉमर्स बाजार
लेकिन दूसरी तरफ कुछ चिंताएँ भी हैं:
- बिजनेस डिस्ट्रिक्ट सेगमेंट में लगातार नुकसान
- शीर्ष नेतृत्व में बदलाव
- भारी निवेश के कारण कैश बैलेंस पर दबाव
इसी वजह से शेयरों में तेज़ उछाल के बाद मुनाफावसूली देखने को मिली।
क्विक कॉमर्स: Eternal की भविष्य की रीढ़
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले वर्षों में Eternal की पहचान मुख्य रूप से एक क्विक कॉमर्स कंपनी के रूप में होगी, न कि केवल फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के रूप में।
Blinkit का नेटवर्क, डार्क स्टोर्स, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा-ड्रिवन लॉजिस्टिक्स कंपनी को इस क्षेत्र में मजबूत बढ़त देते हैं।
अगर यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले 2–3 वर्षों में Blinkit Eternal के कुल राजस्व का सबसे बड़ा हिस्सा बन सकता है।
Eternal के Q3 FY26 नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि कंपनी अब एक नए चरण में प्रवेश कर चुकी है। जहां एक ओर Blinkit और Hyperpure जैसे बिजनेस मॉडल मुनाफे की राह पर हैं, वहीं दूसरी ओर नेतृत्व परिवर्तन और कुछ घाटे वाले सेगमेंट निवेशकों को सतर्क रहने का संकेत देते हैं।
गुरुवार को शेयरों में आया उतार-चढ़ाव इसी मिश्रित भावना को दर्शाता है – उत्साह भी और सावधानी भी।
आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि नए CEO अल्बिंदर सिंह ढिंडसा कंपनी को किस दिशा में ले जाते हैं और क्या Eternal भारतीय टेक और ई-कॉमर्स सेक्टर में अपनी बढ़त को और मजबूत कर पाता है या नहीं।
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