मां लक्ष्मी घर छोड़कर चली जाती हैं! ब्रह्म वैवर्त पुराण की ये 10 चेतावनी नजरअंदाज न करें।

मां लक्ष्मी घर छोड़कर चली जाती हैं अगर कुछ निषिद्ध कार्य किए जाएं, जैसा ब्रह्म वैवर्त पुराण में स्पष्ट चेतावनी दी गई है। ये गलतियां धन-समृद्धि को दूर भगा देती हैं और घर में गरीबी ला देती हैं। पुराण के अनुसार शुद्धता, सदाचार और भक्ति से ही मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर वास करती हैं।

ब्रह्म वैवर्त पुराण की चेतावनी
ब्रह्म वैवर्त पुराण में वर्णित है कि जहां तुलसी का पौधा नहीं लगाया जाता या शंख की ध्वनि नहीं होती, वहां मां लक्ष्मी कभी नहीं ठहरतीं। भक्तों की निंदा करने वाले या क्रूर स्वभाव के लोग भी लक्ष्मी से वंचित रहते हैं। एकादशी पर श्रीहरि की पूजा न करना या जन्माष्टमी पर अन्न ग्रहण करना लक्ष्मी को क्रोधित कर देता है।
क्रूरता और अशुद्धि से बचें
पुराण स्पष्ट कहता है कि हिंसक, निंदक या कायर व्यक्तियों के घर मां लक्ष्मी रुकती ही नहीं, क्योंकि उनका जल पीना भी पाप माना जाता है। शूद्रों से यज्ञ कराना, नाखूनों से धरती कुरेदना या निराशावादी रहना धन को नष्ट कर देता है। सूर्योदय पर भोजन करना, दिन में सोना या भीगे पैरों से सोना भी लक्ष्मी को भगा देता है।
दैनिक आदतों में सावधानी
सिर पर तेल लगाकर दूसरों को छूना, बेसिर-पैर बातें करना या गोद में बाजा बजाना जैसे छोटे कार्य भी मां लक्ष्मी को नाराज करते हैं। अतिथि को भोजन न खिलाना या कन्या का अपमान करना घर से समृद्धि को उड़ा ले जाता है। नंगे होकर सोना या बिना स्नान के पूजा करना भी वर्जित है।
लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय
तुलसी की नियमित पूजा, शंखनाद और भक्तों का सम्मान करने से मां लक्ष्मी सदा घर में वास करती हैं। एकादशी व्रत और जन्माष्टमी उपवास रखें तथा सदाचार अपनाएं। शुद्ध हृदय से श्रीहरि भजन करने पर धन-धान्य की देवी कभी नहीं जातीं।

