नई दिल्ली: वर्ष 2026 भारतीय निवेशकों और ज्वेलरी बाजार के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है। कमॉडिटी विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले साल में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल सकती है। विश्लेषकों के मुताबिक चांदी की कीमत 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम और सोने की कीमत 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है।

सोना-चांदी ने तोड़ा रिकॉर्ड, चांदी ₹9,500 बढ़ी, सोना ₹72,000 के पार

पिछले वर्षों की तुलना में तेजी

पिछले कुछ वर्षों पर नजर डालें तो सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। 2020 में जहां सोना लगभग 52 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास था, वहीं 2024 के अंत तक यह 69 हजार रुपये से ज्यादा तक पहुंच गया। इसी तरह, चांदी भी 2020 में करीब 65 हजार रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो अब 85-90 हजार रुपये के स्तर पर पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही बढ़त जारी रही तो 2026 तक रिकॉर्ड स्तर देखे जा सकते हैं।

वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का प्रभाव

कमॉडिटी बाजार के विशेषज्ञ बताते हैं कि आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता बनी रहने की संभावना है। डॉलर के कमजोर होने, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिका, मध्य पूर्व और यूरोप में राजनीतिक अस्थिरता जैसी स्थितियां निवेशकों को सुरक्षित विकल्प के रूप में सोना और चांदी की ओर मोड़ सकती हैं। इसके अलावा, आने वाले वर्षों में भारत में शादी के सीजन और त्योहारों के दौरान सोने की मांग और भी बढ़ने की उम्मीद है।

निवेशकों के लिए प्रमुख संकेत

वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो सोने और चांदी में निवेश करने वालों के लिए यह एक लंबी अवधि का सुनहरा अवसर हो सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेशक नियमित अंतराल पर छोटी मात्रा में खरीदारी करें ताकि औसत लागत को नियंत्रित रखा जा सके।
हालांकि, वे चेतावनी भी देते हैं कि वैश्विक स्तर पर किसी भी बड़ी आर्थिक नीति में बदलाव या ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर कीमती धातुओं की कीमत पर पड़ सकता है।

भारतीय बाजार में बढ़ती मांग

भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ताओं में से एक है। ग्रामीण भारत में अच्छी फसल और बढ़ती आय भी सोने की खपत को बढ़ाएगी। वहीं, औद्योगिक और सौर ऊर्जा क्षेत्र में चांदी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि चांदी का उपयोग सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में होता है।

विशेषज्ञों की राय

‘इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन’ (IBJA) के एक सदस्य के अनुसार, “अगर मौजूदा वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहते हैं, तो अगले दो सालों में सोने और चांदी के भाव में 25% से अधिक तेजी संभव है।” वहीं, कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) इंडस्ट्री में भी चांदी का उपयोग बढ़ने से इसकी कीमत पर सीधा असर पड़ेगा।

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