गुरुग्राम लव जिहाद केस: फर्जी पहचान, लव मैरिज और धर्मांतरण की सनसनीखेज साजिश

गुरुग्राम में लव जिहाद का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां फर्जी हिंदू पहचान बनाकर एक महिला से शादी की गई और बाद में धर्मांतरण का दबाव डाला गया। यह घटना हरियाणा गैरकानूनी धर्म परिवर्तन रोकथाम अधिनियम के तहत दर्ज पहला केस बन गया है, जो समाज में बढ़ते ऐसे अपराधों पर सवाल खड़े करता है।

पीड़िता की मुलाकात और प्रेमजाल में फंसना
बिहार मूल की 24 वर्षीय पीड़िता वर्ष 2022 में गुरुग्राम के सेक्टर-15 स्थित एक कार शोरूम में इंश्योरेंस विभाग में काम कर रही थी। यहां आरोपी तारीफ खान ने उसे अपने कथित ‘मालिक’ आरव से मिलवाया। आरव उर्फ आरिफ खान ने खुद को अविवाहित हिंदू युवक बताकर पीड़िता को प्रेमजाल में फंसाया।
तारीफ खान, जो पहले आरिफ के यहां चालक था, ने इंश्योरेंस पॉलिसी के बहाने संपर्क साधा। धीरे-धीरे बातें बढ़ीं और आरिफ ने हिंदू रीति-रिवाज से मंदिर में शादी का प्रस्ताव रखा। पीड़िता ने बिना शक किए हामी भर दी। शादी के बाद दोनों साथ रहने लगे, लेकिन असली चेहरा धीरे-धीरे उजागर होने लगा।
शादी के बाद असली चेहरा खुला: तीन बच्चों का बाप
शादी के कुछ महीनों बाद पीड़िता गर्भवती हुई। आरोपी ने पहले तो गर्भपात का दबाव बनाया और निजी अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी। छह महीने की प्रेग्नेंसी होने के कारण गर्भपात संभव न होने पर 11 अगस्त 2023 को निजी अस्पताल में बेटे का जन्म हुआ।
बेटे के जन्म के डेढ़ महीने बाद तारीफ खान ने खुलासा किया कि आरव का असली नाम आरिफ खान है। वह पहले से शादीशुदा है और धुनेला गांव में तीन बच्चों का बाप है। जब पीड़िता ने आरिफ से सवाल किया, तो वह उसे सोहना के पास धुनेला गांव ले गया, जहां उसकी असली पहचान और परिवार सामने आ गया।
धर्मांतरण का दबाव और क्रूर प्रताड़ना
असली पहचान खुलने के बाद आरिफ ने पीड़िता पर इस्लाम अपनाने का जबरदस्त दबाव डाला। उसका नाम ‘जिया खान’ रख दिया और हिंदू रीति से त्योहार मनाने पर रोक लगा दी। मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां रोज का सिलसिला बन गया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके कपड़े फाड़े, बाल खींचे और जबरन नमाज पढ़ने को मजबूर किया। नवजात बेटे को लेकर वह बिहार भाग गई, लेकिन 26 जनवरी 2026 को आरोपी और परिजन उसके किराए के कमरे में घुस आए। उन्होंने फिर मारपीट की और धर्म बदलने का दबाव बनाया।
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सोशल वर्कर्स की मदद से पुलिस तक पहुंची शिकायत
पीड़िता ने बच्चे को माता-पिता के पास छोड़कर गुरुग्राम लौटी। सोशल वर्कर्स की सहायता से उसने सेक्टर 14 थाने में शिकायत दर्ज कराई। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 115(3), 351(2), 333, 319(2), 299, 61(2) और हरियाणा गैरकानूनी धर्म परिवर्तन रोकथाम अधिनियम 2022 की धारा 12(1) के तहत FIR दर्ज हुई।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी आरिफ खान (35) उर्फ आरव और तारीफ खान (34) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने साजिश कबूल की। आरिफ ट्रांसपोर्ट व्यवसायी था, जबकि तारीफ उसका पूर्व चालक। आरोपी की मां, पत्नी और भाइयों के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है।
आरोपी की साजिश का पूरा खाका
पुलिस जांच में सामने आया कि यह योजनाबद्ध साजिश थी। तारीफ ने इंश्योरेंस पॉलिसी के बहाने पीड़िता से संपर्क किया। आरिफ ने फर्जी हिंदू नाम और पहचान बनाकर शादी की। शादी के बाद धर्मांतरण का प्लान था, जिसमें परिवार वालों ने भी साथ दिया। आरोपी धुनेला गांव के निवासी हैं।
आरिफ की पत्नी और तीन बच्चे होने के बावजूद उसने दूसरी शादी की। पीड़िता को फंसाने के लिए अश्लील वीडियो बनाए गए, जो ब्लैकमेलिंग के लिए इस्तेमाल हुए। यह मामला लव जिहाद के पैटर्न को दर्शाता है, जहां फर्जी पहचान से शादी कर धर्म परिवर्तन कराया जाता है।
कानूनी प्रावधान और हरियाणा का सख्त कानून
हरियाणा में 2022 में लागू गैरकानूनी धर्म परिवर्तन रोकथाम अधिनियम ने ऐसे मामलों को कड़ी सजा का प्रावधान किया है। यह गुरुग्राम का इस कानून के तहत पहला दर्ज मामला है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने कहा कि साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।
BNS धाराओं के तहत अपराधों में 7 से 10 साल की सजा हो सकती है। कोर्ट में आरोपी पेश किए जाएंगे और जांच जारी रहेगी। पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है।
समाज में लव जिहाद के बढ़ते मामले
गुरुग्राम सहित हरियाणा में लव जिहाद के केस बढ़ रहे हैं। फर्जी पहचान, लव मैरिज और जबरन धर्मांतरण की घटनाएं चिंता का विषय हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है।
पीड़िता जैसे मामले महिलाओं को सतर्क रहने की सीख देते हैं। शादी से पहले पार्टनर की पृष्ठभूमि जांचना महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया और नेटवर्किंग के जमाने में फर्जी प्रोफाइल आम हो गए हैं।
बयान और परिवार की स्थिति
पीड़िता ने पुलिस को बताया, “आरव बनकर मेरे साथ धोखा किया। बच्चे के जन्म के बाद सच्चाई पता चली। प्रताड़ना सहन नहीं हुआ।” उसका बेटा अब बिहार में माता-पिता के पास सुरक्षित है। वह न्याय की उम्मीद कर रही है।
परिवार ने कहा कि बेटी की शादी के लिए सब तैयार था, लेकिन धोखा मिला। सोशल वर्कर्स ने पीड़िता को कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता दी।
पुलिस जांच के नए मोड़
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि साजिश दो साल से चल रही थी। पुलिस आरिफ के ट्रांसपोर्ट व्यवसाय और अन्य महिलाओं से लिंक खंगाल रही है। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल रिकॉर्ड से सबूत जुटाए जा रहे हैं।
धुनेला गांव में आरोपी परिवार तलाशी का शिकार हुआ। पड़ोसियों ने बताया कि आरिफ का दोहरा चरित्र था। जांच में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
लव जिहाद रोकने के उपाय
महिलाओं को सलाह दी जाती है कि अजनबियों पर भरोसा करने से पहले वेरिफिकेशन करें। आधार कार्ड, परिवार की जानकारी चेक करें। सरकार हेल्पलाइन और जागरूकता कैंप चला रही है।
हरियाणा पुलिस ने विशेष सेल बनाया है लव जिहाद केस के लिए। रिपोर्टिंग आसान बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और सामाजिक बहस
यह मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। विपक्ष ने कानून की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए। सत्ताधारी पक्ष ने सख्ती का वादा किया। सोशल मीडिया पर #लवजिहादगुरुग्राम ट्रेंड कर रहा है।
एनजीओ ने पीड़िता को सपोर्ट का ऐलान किया। हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी।
पीड़िता की जिंदगी पटरी पर लाने की चुनौतियां
पीड़िता अब नौकरी तलाश रही है। बच्चे की परवरिश चिंता का विषय है। मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग चल रही है। समाज को ऐसे पीड़ितों को मुख्यधारा में लाने की जरूरत है।
कानूनी लड़ाई लंबी होगी, लेकिन न्याय मिलेगा। यह केस अन्य महिलाओं के लिए मिसाल बनेगा।
सतर्कता ही सुरक्षा
गुरुग्राम लव जिहाद केस समाज को आईना दिखाता है। फर्जी पहचान से बचें, कानून का सहारा लें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
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