Ikkis Review: धर्मेंद्र की विदाई फिल्म ने सबको रुलाया, मुकेश छाबड़ा हुए इमोशनल

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म “Ikkis” की पहली झलक देखने के बाद इंडस्ट्री में भावनाओं का माहौल बन गया है। यह फिल्म युद्ध-नायक अरसनल सिंह की वास्तविक कहानी पर आधारित है और इसमें साहस, बलिदान और देशभक्ति का गहरा संदेश दिखाया गया है। धर्मेंद्र की उपस्थिति इस फिल्म को एक अलग ही ऊंचाई देती है, क्योंकि यह उनके शानदार करियर की आखिरी झलक साबित हो रही है।

मुकेश छाबड़ा फिल्म देखकर रो पड़े, बोले – “आपकी कमी हमेशा खलेगी”
फिल्म की स्क्रीनिंग में मौजूद कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा फिल्म खत्म होने के बाद बेहद इमोशनल हो गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि धर्मेंद्र जी का पर्दे पर आखिरी अभिनय देखना एक भावनात्मक अनुभव था। उन्होंने कहा,
“धर्मेंद्र जी की मुस्कान और उनकी उपस्थिति सिनेमा स्क्रीन को रोशन कर देती थी। ‘Ikkis’ देखकर लगा जैसे एक युग का अंत हुआ हो।”
छाबड़ा के इस रिव्यू के बाद सोशल मीडिया पर #DharmendraForever और #IkkisReview ट्रेंड करने लगे।
अगस्त्य नंदा ने किया सबको इंप्रेस, नजर आई मजबूत परफॉर्मेंस
फिल्म में अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा ने मुख्य भूमिका निभाई है और उन्होंने इस किरदार में गहराई और ईमानदारी दिखाई है। युवा अभिनेता के लिए यह फिल्म करियर की बड़ी छलांग मानी जा रही है। समीक्षक कह रहे हैं कि अगस्त्य ने फिल्म में अपने अभिनय, संवाद डिलीवरी और इमोशनल इम्पैक्ट से सभी को प्रभावित कर दिया।
एक समीक्षक ने लिखा –
“अगस्त्य नंदा ने अपने परफॉर्मेंस से स्क्रीन पर ताजगी ला दी है। धर्मेंद्र के साथ उनके इमोशनल सीन्स फिल्म का दिल हैं।”
फिल्म की कहानी: साहस और बलिदान की गाथा
‘Ikkis’ भारतीय सेना के जांबाज अरसनल सिंह के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने 1965 के युद्ध में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। फिल्म में युद्ध के दृश्यों को बेहद रियलिस्टिक तरीके से फिल्माया गया है। साथ ही, इसमें पारिवारिक रिश्तों, फौजी भावना और देशभक्ति का गहरा संदेश है।
धर्मेंद्र इस फिल्म में अगस्त्य नंदा के पिता की भूमिका निभा रहे हैं — एक फौजी पिता जो अपने बेटे को साहस और सच्चाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।
निर्देशन, संगीत और सिनेमाटोग्राफी की तारीफ
फिल्म का निर्देशन सौरभ भारद्वाज ने किया है, जिन्होंने युद्ध और इमोशन के बीच बेहतरीन संतुलन रखा है। संगीतकार शंकर-एहसान-लॉय के देशभक्ति से भरे बैकग्राउंड स्कोर और भावनात्मक गीत दर्शकों को जोड़ लेते हैं। सिनेमाटोग्राफर संतोष शिवन ने कैमरे के जरिए युद्ध के दृश्यों को भव्यता के साथ कैप्चर किया है।
धर्मेंद्र के करियर का गौरवपूर्ण समापन
धर्मेंद्र ने अपने छह दशक लंबे करियर में ‘शोले’, ‘चुपके चुपके’, ‘धरम वीर’, और ‘अपने’ जैसी यादगार फिल्में दी हैं। ‘Ikkis’ उनके सफर का अंतिम अध्याय है, जिसे देखकर फैंस भावुक हो उठे हैं। कई लोगों ने कहा कि धर्मेंद्र अपने आखिरी रोल के जरिए फिर से यह साबित कर गए कि वह पर्दे के सच्चे दिलदार हीरो हैं।
फैंस और सेलेब्स की प्रतिक्रियाएं
फिल्म देखने के बाद बॉलीवुड से लेकर दर्शकों तक हर कोई सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र की तारीफों के पुल बांध रहा है।
अभिनेत्री हेमा मालिनी ने एक्स (Twitter) पर लिखा –
“धर्मेंद्र जी की आखिरी फिल्म देखकर गर्व महसूस हुआ। वह हमेशा स्क्रीन पर रहेंगे, हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे।”
वहीं सनी देओल ने भी अपनी पोस्ट में लिखा –
“पापा की आखिरी फिल्म ‘Ikkis’ सिर्फ सिनेमा नहीं, यह भावनाओं की विरासत है।”
कब होगी फिल्म की रिलीज़
‘Ikkis’ जनवरी 2026 के पहले हफ्ते में सिनेमाघरों में रिलीज़ की जाएगी। फिल्म की एडवांस बुकिंग जनवरी के पहले सप्ताह से शुरू होगी। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि यह फिल्म नए साल की भावनात्मक ब्लॉकबस्टर साबित हो सकती है।

