रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि भारत किसी के आगे झुकने वाला नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ का कोई असर नहीं पड़ेगा। पुतिन ने भारत और चीन को स्वाभिमान से भरे राष्ट्र बताया जो किसी भी अपमान को स्वीकार नहीं करेंगे और भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे कोई कदम नहीं उठाएंगे जो भारत के हितों के खिलाफ हों। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और रूस के बीच संबंध विशेष और मजबूत हैं, और भारत अपने राष्ट्रीय हित सदा प्राथमिकता देता है। पुतिन ने अमेरिकी दबाव को निरर्थक बताया और कहा कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अपने फैसलों पर कायम रहेगा, भले ही इसके लिए कुछ कीमत चुकानी पड़े। यह बयान पुतिन ने 2 अक्टूबर 2025 को विभिन्न मीडिया और वल्दाई क्लब में दिया था, जहां उन्होंने ट्रंप टैरिफ, भारत-रूस संबंध और वैश्विक आर्थिक प्रभावों पर चर्चा की थी.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यह बयान गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025 को वल्दाई क्लब (Valdai Club) में एक कार्यक्रम के दौरान दिया था। इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत किसी के आगे झुकने वाला नहीं है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ बेअसर रहेंगे। पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बुद्धिमान नेता बताया जो अपने देश के हितों को सबसे पहले रखते हैं। उन्होंने भारत और रूस के बीच गहरे और विशेष संबंधों पर भी जोर दिया और कहा कि भारत अपनी गरिमा और राष्ट्रीय स्वायत्तता बनाए रखेगा। यह बयान उस समय आया जब अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल आयात पर 50 फीसदी टैरिफ लगाए थे, लेकिन भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए तेल खरीद जारी रखने का फैसला किया था.

भारत पर लगाए गए ट्रंप के टैरिफ़ के विवरण क्या हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाया है, जो भारत द्वारा रूस से रूसी तेल की खरीद के कारण लगे हैं। इस टैरिफ की शुरुआत 1 अगस्त 2025 को 25% से हुई और 27 अगस्त 2025 से एक अतिरिक्त 25% टैरिफ लागू होकर कुल 50% हो गया। यह अतिरिक्त टैरिफ अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत उन भारतीय उत्पादों पर लगाया गया है जो 27 अगस्त 2025 सुबह 12:01 बजे (ईस्टर्न डेलाइट समय) के बाद अमेरिका में आयातित या गोदाम से निकाले गए।

भारत पर लगाए गए इस भारी टैरिफ में फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर्स, और ऊर्जा संसाधन जैसे कुछ क्षेत्रों को छूट दी गई है, जबकि कपड़ा, रत्न-आभूषण, चमड़ा, समुद्री उत्पाद, रसायन, और ऑटो पार्ट्स जैसे क्षेत्रों पर इसका गहरा असर पड़ सकता है। यह कदम रूस से भारत द्वारा हथियार और ऊर्जा खरीद जारी रखने के कारण एक दंडात्मक उपाय के रूप में लिया गया है। ट्रंप ने कहा कि भारत रूस से सैन्य उपकरण और ऊर्जा खरीदता है, जो यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद कर रहा है, इसलिए इस कारण अमेरिका द्वारा टैरिफ लगाया गया है।

इस टैरिफ के बाद भारत पर कुल अमेरिकी टैरिफ 50% तक पहुंच गया है, जो ब्राजील के बराबर और अन्य एशिया-प्रशांत देशों से अधिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दबाव के बावजूद किसानों, लघु उद्योगों और राष्ट्रीय हितों से समझौता न करने का फैसला किया है.


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