एनकाउंटर स्पेशलिस्ट IPS अजय पाल शर्मा कौन? स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने फोटो जारी कर लगाया साजिश का आरोप | प्रयागराज POCSO केस अपडेट

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के चर्चित ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने POCSO मामले में शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी के साथ उनकी पुरानी फोटो जारी कर पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। यह मामला उत्तर प्रदेश पुलिस, संत समाज और राजनीतिक हलकों में गरमा गया है। आइए जानते हैं IPS अजय पाल शर्मा के पूरे करियर, एनकाउंटरों और इस विवाद की पूरी कहानी।

IPS अजय पाल शर्मा का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
IPS अजाय पाल शर्मा का जन्म पंजाब के लुधियाना में एक साधारण परिवार में हुआ। शुरू में वे डॉक्टर बनने की राह पर थे और BDS (डॉक्टर ऑफ डेंटल सर्जरी) की डिग्री हासिल की। लेकिन देश सेवा का जज्बा उन्हें सिविल सेवा की ओर ले गया। 2011 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर IPS अधिकारी के रूप में वे UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफल हुए। उनकी पहली पोस्टिंग सहारनपुर जिले में DSP के पद पर हुई, जहां उन्होंने अपराध नियंत्रण में अपनी छाप छोड़ी। लुधियाना जैसे शहर से निकलकर यूपी के अपराधी इलाकों में उतरना उनके लिए बड़ी चुनौती था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार किया।
शर्मा ने हमेशा कहा है कि डॉक्टर बनना उनका सपना था, लेकिन पुलिस सेवा ने उन्हें अपराधियों से लड़ने का मौका दिया। उनके परिवार में डॉक्टर पिता का प्रभाव था, जो उन्हें अनुशासन सिखाते थे। यूपी आने के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज वे 40 की उम्र में एडिशनल पुलिस कमिश्नर (प्रयागराज) जैसे महत्वपूर्ण पद पर तैनात हैं। उनके करियर की यह यात्रा प्रेरणादायक है, खासकर युवाओं के लिए जो सिविल सेवा की तैयारी कर रहे हैं।
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट कैसे बने IPS अजय पाल शर्मा?
‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ का तमगा IPS शर्मा को उनके साहसिक कारनामों से मिला। 2010 के दशक में यूपी के गैंगस्टर हाईवे पर राज करते थे। शामली, कैराना, नोएडा जैसे इलाकों में लूट, हत्या आम थी। शर्मा ने SSP शामली रहते हुए कई एनकाउंटर किए। कैराना गैंग के सरगना मुकीम काला जैसे कुख्यात अपराधी को चुनौती दी। नोएडा SSP के दौरान गैंगवार खत्म किया। आंकड़ों के मुताबिक, उनके कार्यकाल में 100 से ज्यादा एनकाउंटर हुए, जिनमें दर्जनों बदमाश मारे गए या गिरफ्तार हुए।
रामपुर में 6 साल की मासूम बच्ची के रेप-मर्डर के आरोपी नाजिल और इनामी बदमाश नौशाद उर्फ डैनी को एनकाउंटर में ढेर किया। जौनपुर, हाथरस में भी उनकी सख्ती देखने को मिली। योगी आदित्यनाथ सरकार ने उन्हें ‘माफिया राज खत्म करने’ वाले अधिकारी के रूप में सराहा। 2022 में हार्ट अटैक के बावजूद वे ठीक होकर ड्यूटी पर लौटे। एंजियोप्लास्टी के बाद भी उनका जज्बा कम नहीं हुआ। यूपी पुलिस की वेबसाइट पर उनका प्रोफाइल हाथरस SP के रूप में दर्ज है।
प्रयागराज POCSO केस: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर क्या आरोप?
यह विवाद 23 फरवरी 2026 को भड़का। ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि स्वामी ने नाबालिग शिष्यों का यौन शोषण किया। प्रयागराज पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की। स्वामी ने इसे साजिश बताया। संत समाज सड़कों पर उतर आया। 24 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वामी ने IPS अजाय पाल शर्मा की आशुतोष के साथ फोटो जारी की। फोटो में दोनों केक काटते नजर आ रहे हैं।
स्वामी का दावा है कि यह फोटो पुरानी है, जब शर्मा शामली SP थे और आशुतोष कांधला (शामली) के रहने वाले हैं। ‘पुलिस और शिकायतकर्ता के पुराने रिश्ते से जांच प्रभावित हो रही है,’ उन्होंने कहा। विडियो और फोटो वायरल हो गए। YouTube पर लाखों व्यूज आए। NDTV, आजतक जैसी मीडिया ने कवरेज किया।
फोटो विवाद की पूरी सच्चाई और समयरेखा
फोटो कब की है, यह स्पष्ट नहीं। संभवतः 2018-2020 के बीच, जब शर्मा शामली या नोएडा में थे। आशुतोष को ‘आशुतोष महाराज’ कहा जाता है। स्वामी ने कहा, ‘IPS शर्मा एडिशनल CP हैं, फिर भी पक्षपात।’ पुलिस ने चुप्पी साधी। डीआईजी स्तर पर जांच के आदेश। राजनीतिक रंग भी आ गया। BJP ने संतों का समर्थन किया, विपक्ष ने पुलिस पर सवाल उठाए। प्रयागराज में तनाव, धरने हो रहे।
इससे पहले शर्मा पर कोई ऐसा विवाद नहीं। 2022 हार्ट अटैक के समय योगी सरकार ने इलाज का खर्च उठाया। अब यह फोटो उनके ‘क्लीन इमेज’ को चुनौती दे रही। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि फोटो अकेले साजिश साबित नहीं करती। CBI जांच की मांग उठी।
IPS शर्मा का यूपी पुलिस में सफर: प्रमुख पोस्टिंग्स
- सहारनपुर DSP (2011): पहली पोस्टिंग, गैंग्स पर लगाम।
- मथुरा SSP: अपराध दर घटी।
- हाथरस SP: दंगों पर काबू।
- नोएडा SSP (योगी राज): गैंगस्टर फरारी अब्राहिम पकड़ा।
- रामपुर SSP: बच्ची हत्याकांड सॉल्व।
- जौनपुर SSP: माफिया मारा।
- वर्तमान: प्रयागराज एडिशनल CP।
उनके नेतृत्व में यूपी पुलिस ने ‘मिशन शांति’ चलाया। गैंगस्टर वंशी से 50 करोड़ की जमीन जब्त। शर्मा को गैलेंट्री मेडल मिले।
एनकाउंटरों का आंकड़ा और विवाद
शर्मा के नाम 150+ एनकाउंटर दर्ज। मानवाधिकार संगठन सवाल उठाते रहे। लेकिन कोर्ट ने हमेशा क्लीन चिट दी। रामपुर केस में नाजिल ने सरेंडर किया, फिर गोलीबारी में मरा। नौशाद का साथी पकड़ा। ऐसे कई केस। यूपी मॉडल का हिस्सा बने।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कौन? संत समाज की भूमिका
स्वामी ज्योतिष्पीठाधीश्वर हैं। कुंभ मेले आयोजक। नर्मदा परिक्रमा किए। POCSO केस से इमेज डैमेज। संतों ने हाईकोर्ट का रुख। आशुतोष पर भी पुराने आरोप। केस राजनीतिक हो गया।
राजनीतिक प्रभाव और भविष्य
योगी सरकार पुलिस का बचाव कर रही। SP ने CBI जांच की मांग। 2026 UP चुनाव से पहले संवेदनशील। शर्मा की पोस्टिंग बदल सकती। पुलिस ने SIT गठित।
सामाजिक प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया ट्रेंड
X (ट्विटर) पर #JusticeForSwami और #IPSAjayPal ट्रेंडिंग। YouTube वीडियो 10 लाख व्यूज। संत समाज प्रयागराज में मार्च।
सच्चाई क्या है?
यह मामला पुलिस निष्पक्षता, संत सम्मान और कानून का है। जांच पूरी होने दो। IPS शर्मा का करियर दांव पर।
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