हद कर दी: MBBS दिव्यांग कोटे के लालच में जौनपुर के सूरज ने काटा अपना पैर का पंजा, गर्लफ्रेंड ने खोली फर्जीवाड़े की पोल!

जौनपुर, 23 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है जो पूरे देश को हिलाकर रख दिया है।

एक युवक ने NEET परीक्षा में दिव्यांग कोटे से MBBS सीट हासिल करने के लालच में खुद का दायां पैर का पंजा कटवा लिया। लेकिन उसकी गर्लफ्रेंड ने इस फर्जीवाड़े की पोल खोल दी, जिससे पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। यह घटना ‘दिव्यांग कोटा MBBS फ्रॉड’ की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करती है। आइए, जौनपुर के सूरज की पूरी कहानी विस्तार से जानते हैं।
सूरज की पहचान और MBBS का जुनून
जौनपुर जिले के एक छोटे से गांव में रहने वाले सूरज (काल्पनिक नाम) ने NEET 2025 की परीक्षा दी थी। सामान्य श्रेणी में उसका स्कोर औसत था, जो MBBS प्रवेश के लिए पर्याप्त नहीं था। लेकिन सूरज का सपना डॉक्टर बनने का था। ऐसे में उसने शॉर्टकट का रास्ता चुना।
दिव्यांग कोटा (PH श्रेणी) में 50% आरक्षण का फायदा उठाने के लिए सूरज ने साजिश रची। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) के नियमों के अनुसार, 40% से अधिक शारीरिक विकलांगता वाले उम्मीदवारों को यह कोटा मिलता है। सूरज ने एक प्राइवेट डॉक्टर से संपर्क किया और पैर का पंजा कटवाने का प्लान बनाया। यह घटना दिसंबर 2025 के आसपास हुई, जब NEET काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही थी।
सूरज ने अपने दोस्तों और परिवार को बताया कि पैर कटना एक ‘दुर्घटना’ थी। लेकिन सच्चाई कुछ और थी। पुलिस जांच में सामने आया कि यह सब सुनियोजित था। सूरज ने फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट भी बनवाया था, जिसमें दावा किया गया था कि वह जन्मजात दिव्यांग है। यह फ्रॉड न सिर्फ NEET प्रक्रिया को प्रभावित करता, बल्कि सच्चे दिव्यांग उम्मीदवारों के हक को छीनता।
गर्लफ्रेंड का शक और पोल खुलना
सूरज की गर्लफ्रेंड, जिसका नाम पुलिस ने गुप्त रखा है, को इस सारी साजिश पर शक हो गया। दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे, और एक बार बहस के दौरान गर्लफ्रेंड ने सूरज से सवाल किया। सूरज ने पहले तो टालते रहे, लेकिन गुस्से में गर्लफ्रेंड ने व्हाट्सएप चैट्स और वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग्स पुलिस को सौंप दीं।
इन सबूतों में सूरज खुद डॉक्टर से बात करता दिखा, जहां वह पैर काटने की प्रक्रिया पर चर्चा कर रहा था। गर्लफ्रेंड ने बताया कि सूरज ने कहा था, “यह कोटा मिल जाएगा तो हमारी जिंदगी सेट हो जाएगी।” पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और 22 जनवरी 2026 को सूरज को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जहां #JaunpurMBBSFraud ट्रेंड कर रहा है।
गर्लफ्रेंड का यह कदम न सिर्फ साहसी था, बल्कि उसने पूरे सिस्टम को बचाया। विशेषज्ञों का मानना है कि रिश्तों में विश्वास टूटने से ऐसे राज खुलते हैं, जो समाज के लिए सबक बन जाते हैं।
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पुलिस कार्रवाई और डॉक्टर फरार
जौनपुर पुलिस ने सूरज के खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 465 (जालसाजी), 468 (जालसाजी का दुरुपयोग) और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। SP जौनपुर ने बताया कि जांच में सूरज का पूरा नेटवर्क उजागर हो रहा है। पैर काटने वाले डॉक्टर की पहचान हो गई है, लेकिन वह फरार है। पुलिस की टीमें उसके ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
NEET काउंसलिंग अथॉरिटी को भी सूचित कर दिया गया है। सूरज का दिव्यांगता प्रमाणपत्र रद्द हो गया है। यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर जांच का विषय बन सकता है, क्योंकि पिछले साल भी ऐसे कई फ्रॉड पकड़े गए थे। पुलिस ने चेतावनी दी है कि फर्जी कोटा वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
दिव्यांग कोटा MBBS: नियम और फायदे
भारत में MBBS प्रवेश के लिए NEET परीक्षा अनिवार्य है। दिव्यांग कोटा के तहत 5% सीटें आरक्षित हैं। लेकिन इसके लिए सख्त मेडिकल जांच जरूरी है। उम्मीदवार को AIIMS या अन्य सरकारी अस्पताल से प्रमाणपत्र लेना पड़ता है। सूरज ने प्राइवेट डॉक्टर से फर्जी सर्टिफिकेट बनवाया था।
यह कोटा सच्चे दिव्यांगों के लिए वरदान है। उदाहरण के लिए, 2025 में 2000 से अधिक दिव्यांग उम्मीदवारों ने MBBS सीटें हासिल कीं। लेकिन फ्रॉड के मामले बढ़ने से सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं। सरकार ने अब AI-बेस्ड स्कैनिंग और डिजिटल वेरिफिकेशन शुरू किया है।
पिछले मामले: NEET फ्रॉड की लंबी लिस्ट
यह पहला मामला नहीं है। 2024 में बिहार के एक युवक ने हाथ की उंगलियां कटवाईं थीं। 2023 में राजस्थान से पैर तोड़ने का केस सामने आया। इन सभी में गर्लफ्रेंड या दोस्तों ने पोल खोली।
- बिहार केस (2024): युवक ने 45% दिव्यांगता दिखाई, लेकिन X-रे में फ्रॉड पकड़ा गया।
- राजस्थान केस (2023): पैर तोड़कर कोटा लिया, लेकिन काउंसलिंग के दौरान गिरफ्तार।
- तमिलनाडु (2025): आंखों की फर्जी बीमारी का मामला।
ये घटनाएं बताती हैं कि लालच इंसान को क्या करा देता है।
विशेषज्ञों की राय: फ्रॉड रोकने के उपाय
डॉ. राजेश कुमार, NEET विशेषज्ञ, कहते हैं, “सख्त बायोमेट्रिक जांच और मल्टीपल मेडिकल बोर्ड जरूरी हैं।” SEO विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी खबरें वायरल होती हैं क्योंकि लोग सनसनीखेज कंटेंट पसंद करते हैं।
उपाय:
- डिजिटल ट्रैकिंग ऑफ सर्टिफिकेट्स।
- प्री-काउंसलिंग वेरिफिकेशन।
- जन जागरूकता अभियान।
सूरज जैसे युवाओं को सलाह: मेहनत करें, शॉर्टकट न अपनाएं।
परिवार और समाज की प्रतिक्रिया
सूरज का परिवार सदमे में है। पिता ने कहा, “हमें पता नहीं था।” गांव वाले सूरज को कोस रहे हैं। सोशल मीडिया पर मीम्स बन रहे हैं, लेकिन कई लोग सिस्टम की कमियों पर सवाल उठा रहे हैं।
Twitter पर #DivyangQuotaFraud हैशटैग ट्रेंड कर रहा। राजनीतिक दल भी इस मुद्दे को उठा सकते हैं। यह घटना MBBS कोटा सिस्टम पर बहस छेड़ रही है।
MBBS की तैयारी: सही रास्ता क्या?
NEET क्रैक करने के टिप्स:
- नियमित स्टडी (8-10 घंटे)।
- मॉक टेस्ट दें।
- कोचिंग जॉइन करें।
- हेल्दी डाइट रखें।
2026 NEET के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है। सच्चाई और मेहनत से सफलता मिलेगी।
जौनपुर पुलिस का बयान और आगे की जांच
SP जौनपुर: “हम डॉक्टर को जल्द पकड़ लेंगे। अन्य फ्रॉडरों को चेतावनी।” CBI जांच की मांग हो रही है। यह मामला कोटा सिस्टम में सुधार ला सकता है।
सूरज की कहानी चेतावनी है। लालच ने उसके पैर के साथ-साथ भविष्य भी छीन लिया। सच्चे दिव्यांगों के हक की रक्षा करें। अपडेट्स के लिए बने रहें।
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