JNU नारेबाजी कांड: 9 छात्रों पर FIR, 5 जनवरी रात की पूरी कहानी

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में 5 जनवरी 2026 की रात साबरमती हॉस्टल के बाहर विवादित नारेबाजी का मामला देशभर में छा गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भड़काऊ नारे लगाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिससे राजनीतिक बवाल मच गया। JNU प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस को शिकायत दर्ज कराई, और अब FIR भी दर्ज हो चुकी है।
घटना का बैकग्राउंड: 2020 हिंसा की छठी बरसी
यह विवाद 5 जनवरी 2020 की JNU हिंसा की याद ताजा कर गया, जब नकाबपोश गुंडों ने साबरमती हॉस्टल सहित छात्रावासों पर हमला किया था। उस हमले में दर्जनों छात्र और शिक्षक घायल हुए थे, जिसमें आंखें फोड़ने की कोशिश तक की गई। छठी बरसी पर JNUSU और वामपंथी संगठनों ने ‘ए नाइट ऑफ रेजिस्टेंस विद गुरिल्ला ढाबा’ नामक कार्यक्रम आयोजित किया। रात करीब 10 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में शुरू में 30-35 छात्र शामिल थे।
5 जनवरी रात का पूरा घटनाक्रम
कार्यक्रम शांतिपूर्ण लग रहा था, लेकिन जल्द ही नारे बदल गए। छात्रों ने ‘मोदी-शाह की कब्र खुदेगी’, ‘पीएम मोदी हाय-हाय’, ‘अमित शाह हाय-हाय’ जैसे आपत्तिजनक नारे लगाए। ये नारे उमर खालिद और शरजील इमाम की सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका खारिज होने के विरोध में लगाए गए। JNU सिक्योरिटी स्टाफ ने घटना की निगरानी की, जिसमें निरीक्षक गोरखनाथ, सुपरवाइजर विशाल कुमार और गार्ड जय कुमार मीणा व पूजा शामिल थे। वीडियो वायरल होने के बाद सुबह होते ही बवाल शुरू हो गया।
विवादों में घिरे 9 प्रमुख चेहरे
JNU चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर के पत्र में नारेबाजी में शामिल 9 छात्रों के नाम दिए गए हैं। ये हैं:
- अदिति मिश्रा (JNUSU अध्यक्ष)
- गोपिका बाबू
- सुनील यादव
- दानिश अली
- साद आज़मी
- महबूब इलाही
- कनिष्क
- पाकीज़ा खान
- शुभम
इन छात्रों पर BNS की धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
यह भी पढ़ें:https://thedbnews.in/bald-husband-cheats-with-wig-in-noida-secret-revealed-on-wedding-night/
प्रशासन की तत्काल प्रतिक्रिया
JNU ने आधिकारिक स्टेटमेंट जारी कर कहा कि विश्वविद्यालय नफरत की प्रयोगशाला नहीं बनेगा। प्रशासन ने हिंसा, गैर-कानूनी व्यवहार या देशविरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त न करने का ऐलान किया। दोषी छात्रों को तत्काल सस्पेंड, निष्कासन या स्थायी रूप से बाहर करने की चेतावनी दी गई। वसंत कुंज उत्तर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस कार्रवाई: FIR दर्ज, जांच तेज
दिल्ली पुलिस ने JNU की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली है। वसंत कुंज नॉर्थ थाने में मामला दर्ज हुआ, और लीगल ओपिनियन लेने के बाद जांच शुरू हो गई। सूत्रों के मुताबिक, नामित छात्रों को शो-कॉज नोटिस जारी किए जाएंगे। पुलिस ने वीडियो फुटेज और गवाहों के बयान लेने शुरू कर दिए हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: BJP vs विपक्ष
BJP नेताओं ने नारों को राष्ट्रद्रोह बताया। गौरव वल्लभ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाना देशद्रोह है। ABVP ने वामपंथी गुटों पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। हिंदू सेना ने DCP को पत्र लिखकर ‘कब्र खुदेगी’ नारों को जानलेवा धमकी कहा। विपक्ष ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बताया, लेकिन JNU ने असहमति और घृणा के बीच फर्क स्पष्ट किया।
JNU का विवादित इतिहास
JNU पहले भी विवादों में रहा है। 2016 में ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ नारे पर सेडिशन केस चला। 2020 हिंसा ने कैंपस को रक्तरंजित कर दिया। हर बार वामपंथी vs दक्षिणपंथी टकराव होता है। अब 2026 में फिर वही कहानी दोहराई जा रही है।
भविष्य की संभावनाएं
प्रशासन ने सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का वादा किया है। पुलिस जांच पूरी होने पर गिरफ्तारियां हो सकती हैं। छात्र संगठन विरोध जता रहे हैं, लेकिन कैंपस में तनाव बरकरार है। यह घटना अभिव्यक्ति की आजादी vs राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की बहस को तेज करेगी। JNU छात्रों से अपील है कि शांति बनाए रखें।
यह भी पढ़ें:https://thedbnews.in/8-point-blow-will-iccs-strict-conditions-shatter-bangladeshs-world-cup-dreams/

