कानपुर विस्फोट: भीड़भाड़ वाले बाजार में विस्फोट, 8 घायल; अवैध पटाखे होने का संदेह

कानपुर के मिश्री बाजार इलाके में बुधवार शाम भीड़भाड़ और मस्जिद के पास एक गंभीर विस्फोट हुआ, जिससे इलाके में दहशत फैल गई और दुकानों व दीवारों में छेद हो गए. इस घटना की वजह से आठ लोग घायल हुए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई गई है और उन्हें लखनऊ रेफर किया गया है.

धमाके की घटना कैसे हुई?
विस्फोट स्कूटी में हुआ और उसके बाद कुछ सेकंड के अंदर दूसरी स्कूटी में भी धमाका हुआ. हादसा बाजार में दीवाली की खरीदारी के वक्त हुआ, जिससे लोगों की काफी भीड़ थी. विस्फोट इतना तेज था कि बाजार की दुकानों की दीवारों में दरारें आ गईं, कांच की खिड़कियां टूट गईं और सामान सड़क पर बिखर गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले हल्का धमाका हुआ, फिर तुरंत ही दूसरा ज़ोरदार धमाका और लोग जान बचाकर भागने लगे.
प्रारंभिक जांच और प्रशासनिक कार्रवाई
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि स्कूटी के डिक्की में विस्फोटक सामग्री रखी गई थी, और पुलिस को मौके से पटाखों के रैपर व जूट की रस्सी मिली है. फोरेंसिक जांच और बम स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए हैं, और नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं. पुलिस ने बाजार में अवैध पटाखों और विस्फोटक सामग्री के खिलाफ अभियान चलाने की घोषणा की है. अब तक की रिपोर्ट के अनुसार, कोई अत्याधिक हताहत नहीं हुई है पर सुरक्षा हेतु मोहल्ले में सतर्कता बढ़ा दी गई है.
घायलों की स्थिति व राहत
घटना में घायल लोगों में एक स्कूटी का मालिक और एक महिला कचरा बीनने वाली भी शामिल है. घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. प्रशासन घटना के कारण की विस्तृत जांच कर रहा है और फिलहाल आतंकी साजिश जैसी कोई पुष्टि नहीं हुई है.
पुलिस ने अब तक किसे हिरासत में लिया
कानपुर धमाके के संदर्भ में पुलिस ने अब तक कई लोगों को हिरासत में लिया है। लगभग 20 लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है, जिनमें अवैध पटाखे बेचने वाले दुकानदार भी शामिल हैं। कई संदिग्ध लोगों को जांच के लिए गिरफ्तार किया गया है जो धमाके के समय वहां खड़े थे और पुलिस के आने पर छुप गए थे, जिन्हें संदिग्ध माना जा रहा है.
पुलिस ने भगवती प्रसाद, उनके पुत्र तरुण सिंघल, और राजीव गोयल को अवैध पटाखों की आपूर्ति करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आगे की जांच जारी है ताकि धमाके का मूल कारण और इसमें शामिल अन्य आरोपियों का पता लगाया जा सके.
पुलिस, एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS), फोरेंसिक टीम और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) जांच में लगी हैं और इलाके में छापेमारी कर अवैध पटाखों के बड़े नेटवर्क को तोड़ने का प्रयास कर रही हैं.
कुल मिलाकर, जांच में शामिल कई संदिग्ध हिरासत में लिए गए हैं और इनके माध्यम से पूरे आपराधिक नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है.

