कानपुर DM स्कैम: फर्जी IAS ने ठगे 71 लाख, होने वाली पत्नी का परिवार बर्बाद

कानपुर से एक ऐसी ठगी की घटना सामने आई है जो पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। एक शातिर आरोपी ने खुद को IAS अधिकारी बताकर अपनी होने वाली पत्नी और उसके परिवार को 71 लाख रुपये का चूना लगा दिया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि ठग ने उसी शहर कानपुर के DM पद की फर्जी पोस्ट का दावा किया, जहां लड़की का परिवार रहता है।

‘मुझे कानपुर DM की पोस्ट मिल रही है, बस इंटरव्यू के लिए थोड़ा पैसा देना है’ – इसी बहाने परिवार की जमापूंजी उड़ा ली। यह मामला सोशल मीडिया ठगी, फर्जी सरकारी नौकरी स्कैम और UPSC फ्रॉड की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है। कानपुर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है।
कानपुर ठगी केस: फर्जी IAS का पूरा नाटक कैसे रचा गया
यह कहानी शुरू हुई सोशल मीडिया से। आरोपी, जिसकी पहचान अभी गोपनीय रखी गई है, ने मैट्रिमोनियल साइट और फेसबुक पर एक लड़की से संपर्क किया। खुद को उच्च शिक्षित IAS अधिकारी बताया और शादी का प्रस्ताव रखा। बातचीत आगे बढ़ी तो खुलासा किया कि उसे UPSC सिविल सर्विसेज में सफलता मिली है और कानपुर जिले का DM बनने वाला है। लेकिन, ‘इंटरव्यू क्लियर करने के लिए कुछ फीस जमा करनी है’ – यही उनका हथियार था।
परिवार प्रभावित हुआ। कानपुर के एक प्रतिष्ठित इलाके में रहने वाले इस परिवार ने आरोपी के फर्जी दस्तावेजों पर भरोसा किया। फोटोशॉप्ड IAS कार्ड, फर्जी UPSC लेटर और यहां तक कि वीडियो कॉल पर यूनिफॉर्म पहनकर बातें कीं। धीरे-धीरे पैसे की मांग बढ़ती गई – पहले 5 लाख, फिर 10, फिर लाखों में। कुल 71 लाख रुपये ट्रांसफर हो गए। शादी की तैयारियां भी शुरू हो गईं – रिंग सेरेमनी तक हो गई। लेकिन जैसे ही DM पद जॉइनिंग की तारीख नजदीक आई, आरोपी गायब हो गया। परिवार ने जब कानपुर DM ऑफिस चेक किया तो सच्चाई सामने आ गई – कोई IAS कैंडिडेट ही नहीं था।
कानपुर DM पोस्ट स्कैम: यह घटना UPSC जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा के नाम पर हो रही ठगी का जीता-जागता उदाहरण है। विशेषज्ञों के अनुसार, सरकारी नौकरियों में कभी इंटरव्यू फीस नहीं मांगी जाती। फिर भी, हर साल सैकड़ों लोग ऐसे जाल में फंसते हैं।
परिवार का दर्द: 71 लाख की जमापूंजी गई, शादी का सपना चकनाचूर
लड़की के परिवार के लिए यह सिर्फ पैसे की हानि नहीं, बल्कि भावनात्मक आघात है। पिता एक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी हैं, जिन्होंने जीवनभर की बचत लगा दी। मां ने गहने तक बेच दिए। ‘हमने सोचा था बेटी की शादी एक IAS से हो रही है, कानपुर DM बनेगा तो सम्मान मिलेगा। लेकिन सब धोखा था,’ परिवार के एक सदस्य ने बताया।
ठगी की रकम का ब्रेकअप कुछ इस तरह है:
- पहली किस्त: 5 लाख – UPSC वेरिफिकेशन फीस
- दूसरी किस्त: 15 लाख – इंटरव्यू ट्रैवल एंड स्टे
- तीसरी किस्त: 20 लाख – मेडिकल टेस्ट और डॉक्यूमेंट फीस
- बाकी रकम: शादी की खरीदारी और इमरजेंसी फंड के नाम पर
परिवार अब आर्थिक संकट में है। लड़की की शादी टूट गई, मानसिक तनाव बढ़ गया। यह केस महिलाओं और परिवारों को सोशल मीडिया रिश्तों पर सतर्क रहने की सीख देता है। कानपुर में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, खासकर मैट्रिमोनियल फ्रॉड के रूप में।
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पुलिस जांच तेज: फर्जी IAS की तलाश, पूर्व में भी ठगी के केस
कानपुर के लालबंगला थाने में FIR दर्ज हो चुकी है। IPC की धारा 420 (ठगी), 467 (जालसाजी) और IT एक्ट के तहत केस दर्ज। पुलिस ने आरोपी के बैंक अकाउंट ट्रेस किए हैं, जो दिल्ली और लखनऊ से लिंक हैं। CCTV फुटेज और मोबाइल लोकेशन से सुराग मिले हैं।
पुलिस के प्रमुख खुलासे:
- आरोपी ने 5-6 फर्जी प्रोफाइल इस्तेमाल किए।
- पहले उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में इसी तरह 2 और ठगियां कीं।
- तकनीकी रूप से सक्षम – डीपफेक वीडियो और AI वॉयस यूज की आशंका।
- संभावित गैंग कनेक्शन, जो UPSC स्कैम चलाता है।
SSP कानपुर ने कहा, ‘हम जल्द आरोपी को पकड़ लेंगे। जनता से अपील है, सरकारी नौकरी के दावों की सत्यापन UPSC वेबसाइट से करें।’ CYBER सेल भी शामिल हो गया है।
UPSC फ्रॉड और फर्जी IAS स्कैम: भारत में क्यों बढ़ रहे केस?
भारत में हर साल UPSC, SSC और राज्य PCS के नाम पर अरबों की ठगी होती है। NCRB डेटा के अनुसार, 2024 में साइबर फ्रॉड के 1.5 लाख केस दर्ज, जिनमें 20% नौकरी स्कैम। कानपुर DM पोस्ट जैसे लोकल दावे ज्यादा विश्वसनीय लगते हैं।
आम ट्रिक्स फर्जी IAS ठगों की:
- सोशल मीडिया पर हाई प्रोफाइल प्रोफाइल।
- फर्जी ID कार्ड और लेटर।
- इमोशनल ब्लैकमेल – शादी या परिवार का लालच।
- छोटी-छोटी किस्तों से बड़ी रकम।
- अचानक गायब होना।
विशेषज्ञ टिप्स बचाव के लिए:
- UPSC.gov.in पर कैंडिडेट लिस्ट चेक करें।
- कभी पैसे ट्रांसफर न करें।
- वेरिफिकेशन के लिए पुलिस हेल्पलाइन 1930 यूज करें।
- मैट्रिमोनियल साइट्स पर वीडियो वेरिफाई कराएं।
यह कानपुर केस पूरे UP में अलर्ट बजा रहा है।
सोशल मीडिया ठगी का बढ़ता खतरा: कानपुर से सबक
सोशल मीडिया ने रिश्ते जोड़े, लेकिन ठगों के लिए जन्नत बना दिया। फेसबुक, इंस्टाग्राम पर रोज सैकड़ों फर्जी प्रोफाइल। कानपुर जैसे शहरों में मिडिल क्लास परिवार आसान टारगेट। 2025 में UP में 500+ मैट्रिमोनियल फ्रॉड केस।
संबंधित केस:
- लखनऊ: फर्जी IPS ने 50 लाख ठगे।
- आगरा: IAS जॉइनिंग स्कैम, 30 लाख।
- दिल्ली: UPSC टॉपर बन 1 करोड़ ऐंठा।
सरकार ने सख्ती बढ़ाई – TRAI ने फर्जी कॉल ब्लॉकिंग ऐप लॉन्च किया। लेकिन जागरूकता जरूरी।
परिवार की अपील और भविष्य की राह
परिवार ने मीडिया से अपील की – ‘हमारी कहानी दूसरों को बचाए।’ वे अब काउंसलिंग ले रहे हैं। कानपुर पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया: 0522-2201111।
यह 71 लाख ठगी का केस सिर्फ कानपुर नहीं, पूरे भारत के लिए चेतावनी है। फर्जी IAS, DM पोस्ट स्कैम से सावधान रहें। विश्वास से पहले वेरिफाई करें। पुलिस को शाबाशी, जल्द न्याय मिले।
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