कानपुर, 20 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में एक दिल दहला देने वाली डबल मर्डर की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। रिद्धि (8 वर्ष) और सिद्धि (6 वर्ष) नाम की दो मासूम बहनों की निर्मम हत्या के पीछे छिपी परिवारिक साजिश ने समाज में सवाल खड़े कर दिए हैं।

पिता ने दोनों बेटियों को अपने कमरे में कैद रखा था, जबकि इकलौते बेटे को पत्नी के पास रहने दिया। कानपुर मर्डर केस की यह पूरी कहानी संपत्ति विवाद, जादू-टोना के आरोपों और लालच की भयानक परिणति है। UP पुलिस ने मुख्य आरोपी पिता समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आइए जानते हैं रिद्धि सिद्धि मर्डर केस की हर डिटेल।

परिवार का बैकग्राउंड: संपत्ति ने तोड़ा घर

कानपुर के किदवई नगर इलाके में रहने वाले सुरेश कुमार (45 वर्ष) एक मध्यमवर्गीय व्यापारी थे। उनकी पत्नी मीना देवी (42 वर्ष) घर संभालती थीं। दंपति के तीन बच्चे थे – रिद्धि, सिद्धि और इकलौता बेटा रोहन (10 वर्ष)। बाहर से सामान्य दिखने वाला यह परिवार अंदर से जकड़न का शिकार था।

सुरेश के पास पैतृक संपत्ति थी – एक बड़ा प्लॉट, दो मकान और दुकानें, जिनकी वैल्यू करोड़ों में बताई जा रही है। पुरानी वसीयत के मुताबिक, संपत्ति बेटियों को मिलनी थी, लेकिन मीना बेटे रोहन को भी बराबर हिस्सा दिलाना चाहती थीं। इस विवाद ने घर को नर्क बना दिया।

  • पिता का अड़ियल रवैया: सुरेश बेटियों को ‘अपना खजाना’ मानते थे। वे रिद्धि-सिद्धि को अपने कमरे में बंद रखते, बाहर निकलने पर सख्ती करते।

  • मां का दर्द: मीना बेटे रोहन को ही अपना सहारा बनाए रखतीं। वे कहतीं, “बेटा मेरा इकलौता सहारा है।”

  • पड़ोसियों की गवाही: आसपास के लोग बताते हैं, “रोज चीखने-चिल्लाने की आवाजें आतीं। सुरेश मीना पर जादू-टोना का इल्जाम लगाते।”

पुलिस जांच में सामने आया कि विवाद 2 साल से चल रहा था। सुरेश ने मीना को घर से निकालने की धमकी दी थी, लेकिन बच्चे बीच में आ जाते।

हत्या की भयावह रात: 18 अप्रैल का काला पन्ना

रिद्धि सिद्धि हत्याकांड की वारदात 18 अप्रैल 2026 की रात करीब 11 बजे हुई। सुरेश ने पहले मीना को बहला-फुसलाकर घर से बाहर भेजा। रोहन को भी अलग कमरे में भेज दिया। फिर, उन्होंने रिद्धि-सिद्धि को अपने कमरे में बंद कर गला दबाकर हत्या कर दी।

घटना की टाइमलाइन:

समय घटना का विवरण
10:30 PM मीना को घर से बाहर भेजा गया।
11:00 PM दोनों बेटियों की हत्या।
11:30 PM शवों को कमरे में छिपाया गया।
6:00 AM रोहन की चीख से मामला खुला।

सुबह रोहन ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब न मिला। मीना लौटकर पुलिस को कॉल की। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने खून के धब्बे, गले पर निशान और दरी पर स्ट्रगल के सबूत बरामद किए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई – दोनों बहनों की मौत दम घोंटने से हुई।

पुलिस जांच: 48 घंटे में साजिश का पर्दाफाश

कानपुर SSP बृजेश कुमार सिंह ने कानपुर मर्डर केस को प्राथमिकता दी। स्पेशल टीम गठित की गई, जिसमें साइबर सेल भी शामिल था।

मुख्य सबूत:

  • सीसीटीवी फुटेज: घर के बाहर सुरेश का भाई रमेश और रिश्तेदार गोविंद दिखे, जो हत्या के बाद फरार हो गए।

  • कॉल रिकॉर्ड्स: हत्या से ठीक पहले तीनों आरोपी एक-दूसरे से बात कर रहे थे।

  • मीना की शिकायत: पत्नी ने बताया, “पति ने कहा था – बेटियां मरेंगी तो संपत्ति सुरक्षित।”

24 घ्रामे में तीनों आरोपी गिरफ्तार। इंटरोगेशन में सुरेश टूट गया। उसने कबूला, “संपत्ति बेटे को न मिले, इसलिए बेटियों को मार डाला।” पुलिस ने संपत्ति दस्तावेज जब्त कर लिए।

संपत्ति विवाद का काला चेहरा: कानूनी पहलू

रिद्धि सिद्धि मर्डर केस संपत्ति लालच का जीता-जागता उदाहरण है। उत्तर प्रदेश हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 के तहत बेटियां बराबर वारिस हैं। लेकिन पुरानी वसीयत ने विवाद भड़काया।

विशेषज्ञों की राय:

  • एडवोकेट राजेश शर्मा: “ऐसे केसों में कोर्ट संपत्ति फ्रीज कर देता है। बेटे को हिस्सा मिलेगा।”

  • सोशल एक्टिविस्ट मीरा सिंह: “महिलाओं पर जादू-टोना के झूठे आरोप आम हैं। जागरूकता जरूरी।”

पुलिस ने अन्य परिवारिक विवादों पर नजर रखने के आदेश दिए।

पड़ोस और समाज की प्रतिक्रिया: दहशत का माहौल

किदवई नगर में शोक की लहर। रिद्धि स्कूल में मॉनिटर थी, सिद्धि नर्सरी में। स्कूल ने प्रेयर मीटिंग की। सोशल मीडिया पर #JusticeForRiddhiSiddhi ट्रेंड कर रहा है।

  • पड़ोसी उदय:“बच्चियां बहुत शांत थीं। कभी सोचा न था ऐसा होगा।”

  • महिला आयोग: जांच टीम भेजी, मीना को सुरक्षा दी।

आरोपी प्रोफाइल: लालच के भेड़िए

आरोपी का नाम उम्र रोल
सुरेश कुमार 45 मुख्य हत्यारा (पिता)
रमेश कुमार 40 भाई, साजिशकर्ता
गोविंद 38 रिश्तेदार, मददगार

सभी को 7 दिन की रिमांड मिली। कोर्ट में 20 अप्रैल को पेशी।

UP में परिवारिक हत्याओं का ट्रेंड: आंकड़े चौंकाने वाले

कानपुर मर्डर केस अकेला नहीं। NCRB डेटा के मुताबिक, 2025 में UP में 1,200 परिवारिक हत्याएं हुईं। संपत्ति 30% मामलों का कारण।

रोकथाम के उपाय:

  1. फैमिली काउंसलिंग सेंटर बढ़ाएं।

  2. संपत्ति कानूनों की जागरूकता।

  3. पुलिस हेल्पलाइन 1098 को मजबूत करें।

पीड़ित परिवार का भविष्य: रोहन अकेला बचा

रोहन अब मीना के पास है। रिश्तेदारों ने सपोर्ट का वादा किया। NGO ने शिक्षा का खर्च उठाने को कहा। मीना बोलीं, “मेरी बेटियां चली गईं, लेकिन न्याय मिलेगा।”

FAQs: रिद्धि-सिद्धि मर्डर केस के बारे में जानें

1. रिद्धि-सिद्धि मर्डर केस कब हुआ?
18 अप्रैल 2026 की रात।

2. मुख्य आरोपी कौन है?
पिता सुरेश कुमार।

3. हत्या का कारण क्या?
संपत्ति विवाद।

4. पुलिस ने क्या एक्शन लिया?
तीन गिरफ्तार, जांच जारी।

5. संपत्ति किसे मिलेगी?
कोर्ट फैसला करेगा, बेटे रोहन को हिस्सा संभव।

यह कानपुर रिद्धि-सिद्धि मर्डर केस समाज के लिए चेतावनी है। लालच ने मासूमों की जान ले ली। अपडेट्स के लिए बने रहें।

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