लल्लनटॉप के संपादक सौरभ द्विवेदी ने दिया इस्तीफा; अंतिम शो में उठाए थे भाजपा-शासित राज्य के पानी संकट और BCCI के भेदभाव के मुद्दे

नई दिल्ली, 5 जनवरी 2026: सौरभ द्विवेदी ने लल्लनटॉप से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा उनके अंतिम शो के कुछ ही दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने भाजपा-शासित मध्य प्रदेश सरकार की इंदौर के दूषित पानी संकट पर चुप्पी और लापरवाही की आलोचना की थी, जिससे 15 लोगों की मौत हुई थी।

इसी शो में उन्होंने BCCI की दोहरी मानसिकता पर भी सवाल उठाए, जहां शाहरुख खान की KKR टीम को बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्ताफिजुर रहमान को IPL 2026 से हटाने का जिम्मेदार ठहराया गया, जबकि शीर्ष अधिकारियों को कोई सवाल नहीं किया गया।
12 साल का सफर और डिजिटल पत्रकारिता में योगदान
सौरभ द्विवेदी ने अपने करियर की शुरुआत Features Editor के तौर पर aajtak.in से की थी और बाद में लल्लनटॉप के संस्थापक संपादक बने। उनके नेतृत्व में लल्लनटॉप ने हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में एक अलग पहचान बनाई। मंच ने युवाओं को ध्यान में रखते हुए कहानी कहने की शैली, राजनेताओं और फिल्मी सितारों के साथ ईमानदार इंटरव्यू और दिल से दिल तक संवाद प्रस्तुत किए। जनवरी 2025 तक लल्लनटॉप का YouTube चैनल 35 मिलियन सब्सक्राइबर्स तक पहुँच चुका था।
द्वीपेदी ने अपने इस्तीफे की घोषणा X (पूर्व में ट्विटर) पर की और उर्दू के कवि नासिर काज़मी की एक शेर साझा कर अपने लल्लनटॉप के अनुभवों, सीख और साहस के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने संकेत दिए कि यह एक विचार-विमर्श, विराम और नई यात्रा की शुरुआत भी हो सकती है।
इंदौर के पानी संकट पर अंतिम शो
सौरभ द्विवेदी का अंतिम शो, जो 2 जनवरी 2026 को प्रसारित हुआ, में उन्होंने भाजपा-शासित मध्य प्रदेश सरकार की इंदौर में दूषित पानी के कारण हुई मौतों को उजागर किया। भगीरथपुरा इलाके में पानी में सीवेज (गंदा पानी) मिल जाने की शिकायतें अक्टूबर 2024 से आ रही थीं, लेकिन अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसके चलते हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप किया और नगर आयुक्त को हटाया गया। द्विवेदी ने सरकारी आंकड़ों और वास्तविक मौतों के बीच की अंतराल को भी उठाया और राज्य के नेताओं से जवाबदेही मांगी।
IPL विवाद पर सवाल
शो में उन्होंने यह भी उठाया कि BCCI ने मुस्ताफिजुर रहमान को हटाने का आदेश क्यों दिया और शाहरुख खान पर असमान तरीके से आरोप क्यों लगाए गए। उन्होंने इस मामले में सांप्रदायिक पूर्वाग्रह और चयनात्मक आलोचना की संभावना पर सवाल खड़ा किया।
इस्तीफे की वजहों पर अटकलें
हालांकि सौरभ द्विवेदी के इस्तीफे और उनके अंतिम शो के बीच सीधे संबंध की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन समय और घटनाओं की तालिका से सोशल मीडिया पर “मीडिया की आवाज़ को दबाया गया” जैसी अटकलें तेज हो गई हैं।
इंडिया टुडे का रुख
इंडिया टुडे ने द्विवेदी के करियर की सराहना की है, हालांकि उन्होंने शो की सामग्री पर किसी विवाद का जिक्र नहीं किया।
सौरभ द्विवेदी के इस्तीफे ने हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में एक स्वतंत्र आवाज़ की कमी पर बहस को जन्म दिया है। उनके अंतिम शो ने जनता के सामने भ्रष्टाचार, लापरवाही और संस्थागत भेदभाव की गंभीर समस्याओं को उजागर किया।
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