मकर संक्रांति 2026 का त्योहार 14 जनवरी को धूमधाम से मनाया जाएगा। इस बार का संक्रांति विशेष है क्योंकि मकर संक्रांति और एकादशी का दुर्लभ योग बन रहा है। लाखों भक्तों में खिचड़ी दान को लेकर कन्फ्यूजन पैदा हो गया है।

क्या खिचड़ी दान करें या कुछ और? ज्योतिषियों और पंडितों की सलाह से जानिए सही नियम, पूजा विधि और दान के फायदे। यह आर्टिकल आपको हर पहलू पर विस्तार से गाइड करेगा।

मकर संक्रांति 2026 की तारीख और पंचांग विवरण

पंचांग गणना के अनुसार, मकर संक्रांति 2026 14 जनवरी बुधवार को सूर्योदय काल में मकर राशि में प्रवेश करेगा। उत्तरायण का प्रारंभ होगा, जो छह मास के उज्ज्वल काल की शुरुआत है। लेकिन इस बार 14 जनवरी को एकादशी व्रत भी है, जो पुत्र एकादशी के नाम से जाना जाता है।

ज्योतिषीय दृष्टि से यह संयोग शुभ है लेकिन नियमों में सावधानी बरतनी होगी। दिल्ली, मुंबई, लखनऊ जैसे शहरों में पंचांग थोड़ा भिन्न हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंडित से सलाह लें। मकर संक्रांति 2026 शुभ मुहूर्त सुबह 7:30 से दोपहर 12:30 तक रहेगा। इस दौरान स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व है।

संक्रांति और एकादशी संयोग का ज्योतिषीय महत्व

संक्रांति और एकादशी का योग हर साल नहीं बनता। ज्योतिष शास्त्र में इसे महापुण्य योग कहा जाता है। सूर्य का मकर में गोचर शनि की राशि में होता है, जो कर्मफल का कारक है। एकादशी विष्णु भगवान को समर्पित है, इसलिए यह योग भक्ति और कर्म का संगम है।

प्रसिद्ध ज्योतिषी डॉ. बी.वी. रमन के अनुसार, ऐसे योग में दान से साढ़े साती, ढैय्या और शनि दोष नष्ट होते हैं। 2026 में यह योग ग्रहों की विशेष स्थिति से बन रहा है – गुरु कुंभ में और शनि मीन में। इससे आर्थिक लाभ, संतान सुख और स्वास्थ्य में सुधार होगा। लेकिन एकादशी नियमों का पालन न करने पर दोष लग सकता है

खिचड़ी दान पर कन्फ्यूजन: क्यों है विवाद?

मकर संक्रांति पर खिचड़ी दान की परंपरा प्राचीन है। खिचड़ी में चावल, उड़द दाल, तिल और हल्दी मिलाई जाती है, जो गर्मी प्रदान करती है। लेकिन एकादशी पर दाल-चावल निषिद्ध है क्योंकि यह तामसिक भोजन माना जाता है।

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट्स में लोग पूछ रहे हैं – “क्या खिचड़ी दान करें?” कुछ पंडित कहते हैं हां, क्योंकि संक्रांति प्रधान है। अन्य का मत है कि एकादशी व्रत के कारण फलाहार दान करें। अखिल भारतीय पंचांग समिति के अनुसार, संक्रांति प्रधान होने से खिचड़ी दान शुभ है, लेकिन सात्विक तरीके से बनाएं – बिना प्याज-लहसुन। फिर भी, सावधानी बरतें।
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ज्योतिषियों की सलाह: मकर संक्रांति 2026 में ये दान करें

खिचड़ी दान के बजाय ये विकल्प अपनाएं, जो मकर संक्रांति 2026 दान के लिए परफेक्ट हैं:

प्रमुख दान सामग्री

  • तिल-गुड़ दान: तिल के लड्डू, रेवड़ी या गुड़ के टुकड़े दान करें। यह शनि और सूर्य को प्रसन्न करता है। फायदा: धन प्राप्ति और पितृ दोष निवारण।
  • फल दान: सेब, केला, नारियल या अनार दान करें। एकादशी अनुकूल और विटामिन युक्त।
  • अनाज और वस्त्र: चावल, गेहूं, दाल (बिना पकाए) या कंबल दान। ब्राह्मणों या गरीबों को दें।
  • तिल का तेल और दीप: शाम को दीपक जलाएं और तेल दान करें। नकारात्मकता दूर होती है।

विशेष दान टिप्स

  • समय: सूर्योदय से दोपहर 12 बजे तक।
  • कैसे दान करें: दाहिने हाथ से लें, बाएं से दें। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र बोलें।
  • कॉमन मिस्टेक्स: मांसाहार या शराब दान कभी न करें।

ज्योतिषी पंडित सुरेश शर्मा कहते हैं, “इस योग में तिल दान से 7 जन्मों का पुण्य मिलता है। खिचड़ी अगर बनाएं तो तिल-गुड़ मिलाकर दें।”

मकर संक्रांति पूजा विधि: स्टेप बाय स्टेप गाइड

मकर संक्रांति 2026 पूजा घर पर आसानी से करें। सामग्री: तिल, गुड़, खिचड़ी, गंगा जल, अगरबत्ती, दीपक।

  1. स्नान और आसन: सुबह गंगा स्नान करें। पीले वस्त्र धारण करें।
  2. सूर्य पूजा: ताम्र पत्र पर “ॐ घृणि सूर्याय नमः” लिखकर जल अर्पित करें।
  3. हवन: तिल डालकर हवन करें। मंत्र: “ॐ अग्नये स्वाहा”।
  4. प्रसाद भोग: खिचड़ी या तिल लड्डू चढ़ाएं। परिवार में बांटें।
  5. पतंग उड़ाना: दोपहर में पतंग उड़ाएं, जो बंधनों से मुक्ति का प्रतीक है।

मंत्र जाप: 108 बार “ॐ नमो आदित्याय” जपें। महिलाएं तिल गोलियां बनाकर गंगा में विसर्जित करें।

क्षेत्रीय परंपराएं: भारत भर में मकर संक्रांति कैसे मनाते हैं?

मकर संक्रांति 2026 पूरे भारत में अलग-अलग नामों से मनाई जाएगी:

  • पंजाब: लोहड़ी पर भोग और पतंगबाजी।
  • गुजरात: उड़ी पर तिल दान और डांडिया।
  • तमिलनाडु: पोंगल – खिचड़ी का विशेष भोजन।
  • बिहार-यूपी: गंगा स्नान और तिलकुट।
  • महाराष्ट्र: संकRANTI तिल गुलाब जामुन दान।

दिल्ली में यमुना स्नान और पतंग महोत्सव होगा।

शास्त्रीय नियम: एकादशी पर क्या दान निषिद्ध?

पद्म पुराण में एकादशी दान के नियम हैं:

  • निषिद्ध: चावल, दाल, नमकयुक्त भोजन।
  • शुभ: फल, दूध, अनाज।
  • मनुस्मृति: “एकादशी दान से स्वर्ग प्राप्ति।”

खिचड़ी दान अगर करें तो सेंधा नमक से बनाएं। विष्णु पुराण कहता है, संक्रांति प्रधान होने पर नियम लचीले हैं।

स्वास्थ्य लाभ: मकर संक्रांति दान से वेलनेस टिप्स

तिल-गुड़ विटामिन E से भरपूर, जो जोड़ों के दर्द में राहत देता है। सर्दी में गर्माहट प्रदान करता है। आयुर्वेद में तिल को रसायन कहा गया है। फल दान से इम्यूनिटी बढ़ेगी। डॉ. अश्विनी कुमार के अनुसार, “यह दान मानसिक शांति देता है।”

मकर संक्रांति 2026: FAQs

Q: खिचड़ी दान कर सकते हैं?
A: हां, लेकिन तिल मिलाकर सात्विक बनाएं।

Q: कौन सा रंग पहनें?
A: पीला या नारंगी।

Q: गंगा स्नान जरूरी?
A: घर पर गंगा जल से करें।

निष्कर्ष: सही दान से बनाएं संक्रांति यादगार

मकर संक्रांति 2026 में संक्रांति-एकादशी योग भक्तों के लिए अवसर है। खिचड़ी दान कन्फ्यूजन न पालें, तिल-गुड़ या फल चुनें। इससे पुण्य, स्वास्थ्य और समृद्धि मिलेगी। शुभ संक्रांति!
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