महाकुंभ मेला की फर्जी वेबसाइट बनाकर टेंट व होटल ठगी करने वाला गिरफ्तार

प्रयागराज महाकुंभ 2025 में टेंट और कॉटेज बुकिंग के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाला आरोपी शिवांशु भारद्वाज को पुलिस ने मेरठ से गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उसने फर्जी वेबसाइट बनाकर श्रद्धालुओं से करीब 18 लाख 90 हजार रुपए की ठगी की थी। उसने वेबसाइट में ठहरने की अच्छी व्यवस्था, स्नान और दर्शन की सुविधा का प्रलोभन देकर यह ठगी की। आरोपी के पास से मोबाइल, कई सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और नकदी भी बरामद हुई है। पुलिस ने इसकी शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की और आरोपी को दबिश देकर पकड़ा है.

गिरफ्तारी के दौरान आरोपी शिवांशु भारद्वाज के पास से पुलिस को मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, नकदी और फर्जी वेबसाइट के साक्ष्य मिले हैं। ये सभी साक्ष्य ठगी के मामले में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं क्योंकि आरोपी ने फर्जी वेबसाइट बनाकर टेंट और कॉटेज बुकिंग के नाम पर लोगों को ठगा था। ये साक्ष्य पुलिस की जांच में ठगी की पुष्टि और आरोपी के जुर्म को साबित करने में मददगार साबित होंगे.
ठगी के तौर-तरीके क्या थे
महाकुंभ में टेंट और कॉटेज बुकिंग के नाम पर होने वाली ठगी के रिकॉर्ड किए गए तरीकों में प्रमुख रूप से फर्जी वेबसाइटें बनाना शामिल है। ये साइबर ठग फर्जी वेबसाइट्स के माध्यम से श्रद्धालुओं को बुकिंग की सुविधा और वीआईपी स्नान, दर्शन जैसी विशेष सेवाओं का झांसा देते हैं। फर्जी वेबसाइटों पर ऑनलाइन बुकिंग कराकर श्रद्धालुओं से भुगतान मांगा जाता है, लेकिन बाद में वे लोग न तो बुकिंग की पुष्टि करते हैं और न ही पैसे लौटाते हैं।
ठगी के अन्य तरीकों में शामिल हैं:
- सोशल मीडिया और ऑफलाइन माध्यमों से पैंफलेट बांटना और पोस्टर लगवाना, जिसमें डिस्काउंट, भोजन सुविधाएं आदि देने का वादा किया जाता है।
- महाकुंभ मेले में दिखने वाले QR कोड के जरिए भी लोगों को फंसाना, जिससे उनके खाते से पैसे कट जाते हैं।
- नकली वेबसाइटों के जरिए श्रद्धालुओं से टेंट, कॉटेज और होटल की ऑनलाइन पेमेंट लेना लेकिन बुकिंग करवाना असंभव बनाना।
पुलिस ने कई फर्जी वेबसाइटों को चिन्हित कर बंद किया है और श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट kumbh.gov.in से ही बुकिंग करें। बुकिंग करते समय फोन नंबर, वेबसाइट की वैधता और संपर्क जानकारी की जांच भी जरूरी है। यदि ऑनलाइन या ऑफलाइन ठगी की शिकार होते हैं तो पुलिस को 1930 नंबर पर शिकायत करनी चाहिए।
फर्जी वेबसाइटों के उदाहरण भी पुलिस ने जारी किए हैं, जिनका उपयोग ठगी में किया गया था।
संक्षेप में, ठगी के तौर-तरीकों में फर्जी वेबसाइट, झूठे ऑफर, नकली QR कोड, और ऑनलाइन पेमेंट लेने के बाद लोगों को धोखा देना शामिल है.
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