बहराइच में मारा गया आदमखोर भेड़िया…,सीएम योगी ने जिंदा या मुर्दा पकड़ने का दिया था आदेश

बहराइच जिले के मंझारा तौकली इलाके में लगभग सवा महीने से आतंक मचाने वाले आदमखोर भेड़िये को वन विभाग की टीम ने 16 अक्टूबर की सुबह लगभग चार बजे मार गिराया है।

यह भेड़िया इलाके के भिरगू पुरवा गांव में लगातार हमले करता था और इसके हमलों में चार मासूम बच्चे और एक बुजुर्ग दंपत्ति समेत कुल छह लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि ढाई दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके थे। इस भेड़िये ने इतने समय तक स्थानीय लोगों में भय का माहौल पैदा कर रखा था, कि लोग घरों से बाहर निकलने से डरते थे। वन विभाग की टीम ने पहले इसे जिंदा पकड़ने की कोशिश की, परन्तु असफल रहने पर सुरक्षा के नजरिए से इसे गोली मारकर खत्म किया गया। भेड़िये का शव पोस्टमार्टम के लिए वन विभाग मुख्यालय लाया गया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में लोगों को राहत मिली है, लेकिन वन विभाग ने अभी भी जंगल और आसपास के इलाकों में सतर्क रहने की अपील की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस भेड़िये को पकड़ने के लिए हाई लेवल ऑपरेशन का निर्देश दिया था।
वन विभाग ने इस आतंक के खिलाफ क्या कदम उठाए
बहराइच में आदमखोर भेड़िये के आतंक के खिलाफ वन विभाग ने कई अहम कदम उठाए हैं:
- वन विभाग की टीम ने भेड़िये को पकड़ने का ऑपरेशन चलाया, जिसमें भेड़िये को जिंदा पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन असफल रहने पर सुरक्षा के लिहाज से उसे गोली मारकर खत्म किया गया। इस कार्रवाई को पूर्व डीएफओ अजीत सिंह ने लीड किया।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में कड़े निर्देश दिए और भेड़िये को “जिंदा पकड़ो या मृत अवस्था में” अभियान चलाने को कहा। सीएम ने खुद बहराइच का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें वित्तीय सहायता व बेहतर इलाज का भरोसा दिया।
- पूरे इलाके में वन विभाग ने 21 कार्यबल गठित किए हैं जिसमें ग्राम रोजगार सेवक, पंचायत सहायक, सफाई कर्मचारी और ग्राम चौकीदार शामिल हैं। ये टीमें गांव-गांव जाकर वन्यजीवों से बचाव के उपाय बताकर जनजागरण कर रही हैं।
- प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जिन परिवारों के पास पक्का मकान नहीं है, उन्हें मकान उपलब्ध कराया जाए तथा जिनके घरों में दरवाजा या शौचालय नहीं है, उन्हें तत्काल निर्माण कराया जाए, जिससे सुरक्षा बढ़े।
- वन विभाग ने लोगों को जंगल और आसपास के इलाकों में सतर्क रहने को कहा है, क्योंकि भेड़िये के मार दिए जाने के बाद भी डर और खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
इन कदमों से स्थानीय लोगों में राहत आई है और वन विभाग की सतर्कता और सुरक्षा उपाय जारी हैं।
भेड़िए की मौत के बाद इलाके में स्थिति
भेड़िये की मौत के बाद बहराइच इलाके में लोगों ने राहत की सांस ली है क्योंकि आदमखोर भेड़िये के हमलों से अब वह दहशत कम हुई है। पिछले सवा महीने में भेड़िये के हमलों में चार मासूम बच्चों समेत एक बुजुर्ग दंपत्ति की मौत हो चुकी थी, और ढाई दर्जन से अधिक लोग घायल थे। भेड़िये के मारे जाने के बाद वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है क्योंकि जंगल और आसपास के क्षेत्र अभी भी खतरे से खाली नहीं हैं। हालांकि भय का माहौल पहले की तुलना में हल्का हो गया है, लेकिन वन विभाग ने पूरी सतर्कता बरतने की अपील जारी रखी है। स्थानीय लोग अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं, लेकिन अभी भी सावधानी बरतने की आवश्यकता बनी हुई है।

