मासूमों के सामने मां का कत्ल…,सिर पर हथौड़ी मार की हत्या; सास-ससुर ने साफ किया खून

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के शुक्लागंज में एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई है, जिसमें दहेज के लिए महिला सीमा की सिर पर हथौड़ी से ताबड़तोड़ पांच वार कर हत्या कर दी गई। यह हत्या उसके दो मासूम बच्चों के सामने हुई, जो कोने में दुबके हुए इस सिरीय वारदात को देख रहे थे।

महिला के पति राजेश ने हत्या की जबकि सास-ससुर ने हत्या के बाद खून साफ किया। पुलिस ने इस मामले में सास-ससुर को हिरासत में लिया है और पति समेत छह व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। घटना के पीछे पति का नशे की आदत और दहेज की मांग बताई जा रही है।
बच्चों ने पुलिस के सामने बताया कि पिता ने पहले मां को पीटा और फिर हथौड़ी से हमला किया। घटना के समय परिवार में काफी झगड़ा हुआ था, जिसमें पति, सास-ससुर और मां के बीच गहमागहमी भी थी। यह क्रूर घटना 15 अक्टूबर 2025 की सुबह हुई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस घटना ने इलाके में जहां दुख और गम फैलाया है, वहीं बच्चों के सामने हुई मां की बेरहमी से हत्या का दर्द अमर है।

आरोपी और गिरफ्तार लोगों के नाम
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के शुक्लागंज में हुई मां सीमा हत्या मामले में आरोपियों के नाम और उनकी हालत निम्नलिखित हैं:
- आरोपी पति का नाम राजेश पुत्र कमलेश है, जो फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस तीन टीमें लगा चुकी है।
- सास-ससुर के नाम कमलेश और उनकी पत्नी (सास) है, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
- इसके अलावा बबलू, गोविंद और ननद उर्मिला के खिलाफ भी दहेज हत्या का मामला दर्ज है, जिनकी तलाश की जा रही है।
- सीमा के पिता रामकुमार ने दहेज हत्या की तहरीर दी है।
- वारदात के बाद सास-ससुर ने खून साफ किया था और बहन पूनम के अनुसार सास-ससुर ने विरोध करने पर मारपीट भी की।
राजेश नशे का आदी बताया गया है और अक्सर पत्नी से दहेज की मांग करता था। पुलिस ने दोनों मासूम बच्चों को उनके नाना रामकुमार की जिम्मेदारी में दे दिया है। पूरे मामले में सास-ससुर की हिरासत है, जबकि बाकियों की तलाश जारी है।
बच्चों की वर्तमान सुरक्षा और कस्टडी किसके पास है
शुक्लागंज उन्नाव मां हत्या मामले में दोनों मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने तुरंत कदम उठाए हैं। बच्चों को उनकी दादी यानी सीमा के पिता रामकुमार की कस्टडी में दे दिया गया है। पुलिस बच्चों की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है ताकि वे मानसिक और शारीरिक रूप से सुरक्षित रहें। बच्चों को अब उनके नाना के पालन-पोषण में रखा गया है ताकि वे इस दर्दनाक हादसे के बाद माँ के बिना सुरक्षित माहौल में रह सकें। पुलिस ने बच्चों की देखरेख और भविष्य की जिम्मेदारी पर भी ध्यान दिया है।
इस मामले में बच्चों को संरक्षण और सुरक्षित वातावरण देने के प्रयास किए जा रहे हैं.

