मुजफ्फरनगर, 15 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में गौहत्या केस से जुड़े एक सनसनीखेज मामले में पुलिस ने गैंगस्टर जाहिद और उसके बेटों खालिद व आमिर के खिलाफ धावा बोल दिया है।

रतनपुरी थाना पुलिस ने अपराध से अर्जित की गई 15 करोड़ 50 लाख रुपये कीमत की संपत्ति को कुर्क कर लिया। इस कार्रवाई में 35 बीघा मूल्यवान कृषि भूमि, एक पिकअप वाहन और दो बाइकें शामिल हैं। यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे यूपी में गूंज रही है, जहां गौहत्या और माफिया गतिविधियों के खिलाफ सख्ती बढ़ रही है।

गौहत्या केस का पूरा मामला: कैसे पकड़ी गई गैंगस्टर की कमाई?

मामला रतनपुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां जाहिद नामक कुख्यात गैंगस्टर और उसके बेटे खालिद व आमिर पर गौहत्या का आरोप है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जाहिद लंबे समय से अवैध गो-तस्करी और गौहत्या के धंधे में लिप्त था। उसके गैंग ने स्थानीय स्तर पर कई बार गायों की चोरी और कटाई की घटनाओं को अंजाम दिया, जिसकी शिकायतें लगातार आ रही थीं।

पिछले साल अक्टूबर में पुलिस को एक टिप मिली थी, जिसके आधार पर छापेमारी की गई। छापे में गौमांस के अवशेष और हथियार बरामद हुए। आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन अब उनकी संपत्ति पर शिकंजा कस दिया गया। एसएसपी मुजफ्फरनगर ने बताया, “यह गैंगस्टर विरोधी अभियान का हिस्सा है। अपराध की कमाई से बनी संपत्ति को कुर्क कर हम अपराधियों को सबक सिखा रहे हैं।” 35 बीघा जमीन की कीमत ही करीब 12 करोड़ बताई जा रही है, जो जाहिद के गांव में स्थित है। पिकअप वाहन का इस्तेमाल गो-तस्करी में होता था, जबकि बाइकें फरारी के लिए।

15.50 करोड़ की प्रॉपर्टी कुर्क: जमीन, वाहन और अन्य संपत्ति की डिटेल

कुर्की की गई संपत्ति का मूल्यांकन जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा कराया गया। मुख्य संपत्तियां इस प्रकार हैं:

  • 35 बीघा कृषि भूमि: जाहिद के नाम दर्ज, जो गंगा-यमुना के मैदानी इलाके में स्थित है। इसकी बाजार कीमत 12 करोड़ से अधिक।
  • एक पिकअप वाहन (मॉडल 2023): गो-तस्करी के लिए इस्तेमाल, कीमत 15 लाख।
  • दो बाइकें: एक रॉयल एनफील्ड और एक हीरो स्प्लेंडर, कुल कीमत 3 लाख।

कुल मिलाकर 15 करोड़ 50 लाख की यह संपत्ति अब सरकारी खाते में चली गई। पुलिस का कहना है कि यह गैंग की मुख्य कमाई का स्रोत थी। जाहिद के परिवार ने कुर्की के खिलाफ कोर्ट में अपील की है, लेकिन गैंगस्टर एक्ट के तहत यह वैध है।
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यूपी में गौहत्या विरोधी अभियान: हालिया आंकड़े और कार्रवाइयां

उत्तर प्रदेश सरकार गौहत्या पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले 5 वर्षों में 50 हजार से अधिक गौहत्या के मामले दर्ज हुए, जिनमें 20 हजार गिरफ्तारियां हुईं। मुजफ्फरनगर जैसे संवेदनशील जिलों में विशेष दस्ते तैनात हैं।

2025 में ही यूपी पुलिस ने 500 करोड़ से अधिक की माफिया संपत्ति कुर्क की, जिसमें गौ-तस्करी से जुड़े 100 करोड़ शामिल। बिजनौर, सहारनपुर और मेरठ जैसे सीमावर्ती जिलों में यह समस्या अधिक थी। हाल ही में बुलंदशहर में एक गैंग के 10 करोड़ की प्रॉपर्टी कुर्क हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी कार्रवाइयां अपराध की जड़ें उखाड़ रही हैं। गौ-रक्षा संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है।

गैंगस्टर जाहिद का क्रिमिनल रिकॉर्ड: पुराने केस और परिवार का इतिहास

जाहिद (उम्र 52) मुजफ्फरनगर के एक गांव का निवासी है, जो 2005 से सक्रिय है। उसके खिलाफ 15 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें गौहत्या के अलावा हत्या, जबरी वसूली और अवैध शराब शामिल। 2018 में एक गो-तस्करी कांड में उसे 5 साल की सजा मिली, लेकिन जमानत पर बाहर आया। बेटे खालिद (28) और आमिर (25) उसके सहयोगी हैं। परिवार की कमाई का मुख्य स्रोत गौ-तस्करी थी, जो नेपाल बॉर्डर से जुड़ी थी।

पुलिस रिकॉर्ड्स बताते हैं कि जाहिद ने 35 बीघा जमीन 2010-2020 के बीच खरीदी, जो संदिग्ध लग रही। अब जांच में पता चला कि यह ब्लैक मनी से बनी। स्थानीय लोग जाहिद को डरते थे, क्योंकि वह गांव में दादागिरी करता था।

कानूनी प्रक्रिया: गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्की कैसे होती है?

गैंगस्टर एक्ट (UP Gangsters and Anti-Social Activities Prevention Act) के तहत अपराध से कमाई साबित होने पर संपत्ति कुर्क होती है। प्रक्रिया इस प्रकार:

  1. टिप और जांच: मुखबिर से जानकारी, फिर रेड।
  2. संपत्ति सर्वे: तहसील और पुलिस द्वारा मूल्यांकन।
  3. कोर्ट अप्रूवल: डीएम कोर्ट में प्रस्ताव, 7 दिनों में फैसला।
  4. कुर्की: नोटिस जारी, फिर जब्ती।

इस केस में 48 घंटे में कार्रवाई पूरी हुई। अपील का विकल्प है, लेकिन सबूत मजबूत होने पर रद्द मुश्किल।

स्थानीय प्रभाव: मुजफ्फरनगर में सुरक्षा बढ़ी, जनता में खुशी

मुजफ्फरनगर जिला, जो हिंदू-मुस्लिम तनाव के लिए जाना जाता है, में यह कार्रवाई शांति के लिए सकारात्मक है। स्थानीय पंचायत ने कहा, “गौहत्या बंद होने से किसान सुरक्षित महसूस कर रहे।” गौशालाओं को मजबूत करने की मांग बढ़ी। भाजपा विधायक ने ट्वीट कर सराहना की। विपक्ष ने भी इसे सही ठहराया।

भविष्य की चुनौतियां: गौ-तस्करी पर कैसे लगेगी पूर्ण रोक?

विशेषज्ञ सुझाव देते हैं:

  • बॉर्डर सीलिंग: नेपाल और हरियाणा बॉर्डर पर ड्रोन निगरानी।
  • गौ-ट्रैकिंग चिप: हर गाय में GPS।
  • जागरूकता अभियान: गांवों में कैंप।
  • आर्थिक सहायता: गरीबों को वैकल्पिक रोजगार।

यूपी सरकार 2026 में 100 नई गौशालाएं खोलेगी। यह केस अन्य जिलों के लिए मिसाल बनेगा।

मुजफ्फरनगर गौहत्या केस में 15.50 करोड़ की प्रॉपर्टी कुर्क से अपराधियों को करारा जवाब मिला। यूपी पुलिस का यह अभियान जारी रहेगा। 
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