लखनऊ में 170 भेड़ों की रहस्यमय मौत: जहर खाने या किसी ने खिलाया? CM योगी ने दिए सख्त जांच के आदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। जिले के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के पास मंगलवार सुबह अचानक 170 से अधिक भेड़ें मृत पाई गईं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय ग्रामीण यानी पशुपालक इस दृश्य को देखकर दंग रह गए — चारों तरफ खेतों में भेड़ों के शव पड़े थे।

चरागाह में मृत मिलीं भेड़ें, ग्रामीणों में मचा हाहाकार
बताया जा रहा है कि स्थानीय पशुपालक सोमवार शाम अपने झुंड को रोज़ की तरह चरागाह में चरने के लिए छोड़ गए थे। रात भर सब सामान्य रहा, लेकिन सुबह जब वे पहुंचे तो अधिकांश भेड़ें मृत या तड़पती हुई पाई गईं। कुछ पशुओं को तुरंत पशु चिकित्सालय ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनमें से कई को बचाने की कोशिश की, मगर मौतों की संख्या लगातार बढ़ती गई।
जहर खाने या किसी के द्वारा खिलाने की आशंका
पशुपालन विभाग की प्रारंभिक जांच में जहर खाने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। हालांकि, ग्रामीणों का दावा है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने भेड़ों को जानबूझकर जहरीला दाना खिलाया हो सकता है। घटनास्थल से कुछ अजीब गंध वाले खाने के अंश मिले हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
मौके पर पहुंची फॉरेंसिक और पशुपालन विभाग की टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मृत भेड़ों के नमूने, चरागाह की मिट्टी, पानी और हरे चारे के नमूने एकत्र किए हैं। सभी सैंपल्स को अब लखनऊ पशु रोग अनुसंधान प्रयोगशाला भेजा गया है, ताकि मौत के सही कारणों की वैज्ञानिक जांच हो सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए सख्त जांच के आदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम और एसएसपी लखनऊ से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सीएम ने स्पष्ट कहा है कि अगर यह घटना साजिश का नतीजा है तो इसमें शामिल दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने किसानों और पशुपालकों को भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ जांच करेगी।
किसानों और ग्रामीणों में नाराजगी
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन को लेकर रोष है। उनका कहना है कि खेतों और चरागाह क्षेत्रों में आए दिन अज्ञात लोगों की आवाजाही देखी जाती है, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। कई पशुपालकों की आर्थिक स्थिति कमजोर है और भेड़ों की अचानक मौत से भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
विशेषज्ञों ने जताई गंभीर चिंता
पशु चिकित्सकों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में भेड़ों की एक साथ मौत सामान्य नहीं होती। डॉ. प्रमोद मिश्र, वरिष्ठ पशु चिकित्सक ने बताया, “अगर भोजन या पानी के माध्यम से जहरीला पदार्थ गया है, तो यह पर्यावरण और मनुष्यों के लिए भी खतरा बन सकता है।” उन्होंने बताया कि सैंपल रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
पशुपालन विभाग कर रहा हर पहलू से जांच
विभागीय सूत्रों के अनुसार, मामले में चारे, पानी, खेत की मिट्टी और पास के क्षेत्र में Chemical Waste के अवशेषों की जांच भी की जा रही है। पास की एक फैक्ट्री से निकलने वाले अपशिष्ट के संपर्क में चारा आने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
पुलिस ने सतर्कता बढ़ाई, CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं
पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। संदेह है कि रात में कोई अज्ञात वाहन चरागाह के पास रुका था। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने रात में दो लोगों को खेतों के पास घूमते देखा था। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर रही है।
प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू किया
जिला प्रशासन ने मृत भेड़ों की गिनती और किसानों के नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि कुल मिलाकर 10 लाख रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है। डीएम कार्यालय से जुड़ी टीम प्रभावित किसानों को सरकारी राहत योजना के तहत मुआवजे का आश्वासन दे रही है।

