NASA ने आर्टेमिस-II मिशन का ईंधन परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया, मार्च में लॉन्च की संभावन

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने अपने बहुप्रतीक्षित आर्टेमिस-II मिशन के लिए एक महत्वपूर्ण चरण को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। नासा ने फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च पैड 39B पर वेट ड्रेस रिहर्सल (Wet Dress Rehearsal) का आयोजन किया, जिसमें स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान में क्रायोजेनिक ईंधन भरा गया और लॉन्च से पहले की सभी प्रमुख प्रक्रियाओं का अभ्यास किया गया।

इस परीक्षण के बाद नासा ने संकेत दिया है कि आर्टेमिस-II मिशन के लिए मार्च 2026 अब सबसे शुरुआती संभावित लॉन्च समय हो सकता है। इससे पहले फरवरी में लॉन्च की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन तकनीकी आंकड़ों की समीक्षा और अतिरिक्त परीक्षणों के लिए समय बढ़ाया गया है।
पूर्ण चंद्रमा के नीचे खड़ा SLS रॉकेट
1 फरवरी 2026 की तड़के, पूर्ण चंद्रमा की रोशनी में नासा का विशाल SLS रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान मोबाइल लॉन्चर पर खड़ा नजर आया। यह दृश्य न केवल तकनीकी उपलब्धि का प्रतीक था, बल्कि मानव अंतरिक्ष अन्वेषण के एक नए युग की झलक भी पेश करता है।
वेट ड्रेस रिहर्सल का उद्देश्य वास्तविक लॉन्च जैसी परिस्थितियां बनाकर यह सुनिश्चित करना होता है कि रॉकेट, ग्राउंड सिस्टम और टीमों के बीच समन्वय पूरी तरह सटीक है।
क्या होता है वेट ड्रेस रिहर्सल?
वेट ड्रेस रिहर्सल किसी भी बड़े अंतरिक्ष मिशन से पहले किया जाने वाला एक अहम परीक्षण होता है। इसमें:
- रॉकेट में तरल ऑक्सीजन और तरल हाइड्रोजन जैसे अत्यंत ठंडे ईंधन भरे जाते हैं
- लॉन्च काउंटडाउन की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया जाता है
- संभावित तकनीकी खामियों की पहचान की जाती है
नासा के अनुसार, यह परीक्षण वास्तविक लॉन्च से पहले जोखिम कम करने में अहम भूमिका निभाता है।
तकनीकी चुनौतियों के बावजूद बड़ी सफलता
नासा के इंजीनियरों ने इस लगभग 49 घंटे लंबे काउंटडाउन के दौरान कई चुनौतियों का सामना किया। 31 जनवरी की रात 8:13 बजे (EST) काउंटडाउन शुरू हुआ था। ठंडे मौसम के कारण कुछ तकनीकी इंटरफेस को उपयुक्त तापमान तक लाने में समय लगा, जिससे ईंधन भरने की प्रक्रिया में देरी हुई।
सबसे बड़ी चुनौती तरल हाइड्रोजन के रिसाव (Liquid Hydrogen Leak) से जुड़ी रही। यह रिसाव उस इंटरफेस में पाया गया, जिससे रॉकेट के कोर स्टेज में ईंधन पहुंचाया जाता है। इंजीनियरों ने:
- ईंधन का प्रवाह रोका
- इंटरफेस को गर्म होने दिया
- सील्स को दोबारा ठीक से बैठाने की कोशिश की
इन प्रयासों के बाद टीमें सभी टैंकों को भरने में सफल रहीं।
काउंटडाउन अंतिम चरण तक पहुंचा
परीक्षण के दौरान नासा ने पहली बार टर्मिनल काउंटडाउन का भी अभ्यास किया। काउंटडाउन लगभग लॉन्च से 5 मिनट पहले तक पहुंचा, लेकिन उसी समय तरल हाइड्रोजन रिसाव की दर बढ़ने के कारण ग्राउंड लॉन्च सीक्वेंसर ने स्वतः काउंटडाउन रोक दिया।
इसके अलावा:
- ओरियन क्रू मॉड्यूल हैच से जुड़ा एक वाल्व दोबारा कसना पड़ा
- क्लोजआउट प्रक्रियाओं में अपेक्षा से अधिक समय लगा
- ठंड के कारण कुछ कैमरों और उपकरणों पर असर पड़ा
हालांकि ये समस्याएं परीक्षण को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं थीं, लेकिन वास्तविक लॉन्च से पहले इन्हें पूरी तरह ठीक करना जरूरी होगा।
क्रू सेफ्टी पर विशेष ध्यान
नासा ने सुरक्षा प्रक्रियाओं में भी बदलाव किए हैं। ओरियन सर्विस मॉड्यूल की कैविटी को अब गैसीय नाइट्रोजन की जगह सांस लेने योग्य हवा से साफ किया गया, ताकि व्हाइट रूम में काम कर रहे कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
नासा ने स्पष्ट किया कि क्रू की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
फरवरी लॉन्च टला, अंतरिक्ष यात्री क्वारंटीन से बाहर
फरवरी लॉन्च विंडो से हटने के कारण आर्टेमिस-II मिशन के चारों अंतरिक्ष यात्रियों को क्वारंटीन से बाहर कर दिया गया है। इनमें शामिल हैं:
- रीड वाइसमैन
- विक्टर ग्लोवर
- क्रिस्टीना कोच (NASA)
- जेरेमी हैनसन (कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी – CSA)
ये सभी 21 जनवरी से ह्यूस्टन में क्वारंटीन में थे। अब वे मार्च में संभावित लॉन्च से लगभग दो सप्ताह पहले फिर से क्वारंटीन में प्रवेश करेंगे।
आगे की रणनीति
नासा की टीमें अब:
- वेट ड्रेस रिहर्सल से मिले सभी डेटा की गहन समीक्षा करेंगी
- तकनीकी समस्याओं को दूर करेंगी
- जरूरत पड़ने पर दोबारा परीक्षण करेंगी
इसके बाद ही आर्टेमिस-II मिशन की आधिकारिक लॉन्च तिथि घोषित की जाएगी।
आर्टेमिस-II मिशन का महत्व
आर्टेमिस-II नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम का पहला मानवयुक्त मिशन होगा, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे। यह मिशन भविष्य में:
- चंद्रमा पर स्थायी मानव उपस्थिति
- और मंगल ग्रह की ओर मानव मिशनों
का रास्ता तैयार करेगा।
आर्टेमिस-II का वेट ड्रेस रिहर्सल नासा के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, भले ही इसमें कुछ तकनीकी चुनौतियां सामने आई हों। मार्च में संभावित लॉन्च की ओर बढ़ते हुए, नासा पूरी सावधानी और तैयारी के साथ आगे बढ़ रहा है। यह मिशन न केवल अंतरिक्ष विज्ञान में एक नया अध्याय जोड़ेगा, बल्कि मानव अंतरिक्ष अन्वेषण के भविष्य को भी नई दिशा देगा।
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