नीतीश कटारा हत्याकांड का दोषी सुखदेव यादव, जिसने 20 साल की जेल की सजा पूरी कर मार्च 2025 में जेल से रिहा हुआ था, कुशीनगर में एक सड़क हादसे में मौत हो गई।

कुशीनगर: यह हादसा सोमवार की रात करीब 10 बजे कुशीनगर के फाजिलनगर कस्बे के बघौचघाट मोड़ पर हुआ, जहां एक तेज रफ्तार स्कार्पियो ने बाइक सवार तीन लोगों को टक्कर मारी, जिसमें सुखदेव यादव का मौके पर ही निधन हो गया जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सुखदेव यादव दिल्ली के इस बहुचर्चित हत्याकांड में सह आरोपी था और उसका नाम पूर्व मंत्री डीपी यादव के बेटे विकास यादव और उसके रिश्तेदार विशाल यादव के साथ जुड़ा था। इस केस में सुखदेव को 20 साल की सजा सुनाई गई थी जिसे उसने पूरी की थी और चार महीने पहले ही जेल से बाहर आया था।

हत्या कांड 2002 का था जिसमें नीतीश कटारा को एक शादी समारोह से अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सुखदेव यादव की सजा पूरी होने के बाद रिहाई का आदेश दिया था। इस हादसे में हुई मौत की खबर ने फिर से इस केस को चर्चा में ला दिया है.

​केस टाइमलाइन

  • 16-17 फरवरी 2002: गाजियाबाद में एक शादी समारोह से विकास यादव, विशाल यादव और सुखदेव पहलवान ने नीतीश कटारा का अपहरण किया। यह अपहरण नीतीश की विकास की बहन भारती यादव के साथ दोस्ती के कारण परिवार की अस्वीकृति के चलते हुआ माना गया। नीतीश का अपहरण कर बाद में हत्या कर शव गाजियाबाद के निकट जलाया गया।
  • 20 फरवरी 2002: जलता हुआ शव बुलंदशहर जिले के खुर्जा गांव के पास पाया गया। शव की पहचान नीतीश कटारा के रूप में की गई।
  • 23 अप्रैल 2002: विकास यादव और विशाल यादव को मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया गया।
  • 23 नवंबर 2002: अदालत ने विकास और विशाल यादव के खिलाफ आरोप तय किए और 30 मई 2008 को उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
  • 2005: सुखदेव पहलवान को गिरफ्तार किया गया, और 2011 में उसे भी आजीवन कारावास की सजा मिली।
  • 2014 और 2015: दिल्ली उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा और सजा को 25 साल के कड़े आजीवन कारावास में बदल दिया।
  • 2015 में सर्वोच्च न्यायालय ने विकास और विशाल यादव की मौत की सजा के लिए नीलम कटारा की याचिका खारिज की।
  • 2025: दोषी सुखदेव यादव 20 साल की सजा काट कर मार्च में जेल से बाहर आया था। अक्टूबर 2025 में वह कुशीनगर में एक सड़क हादसे में मौत हो गई।

इस पूरी घटना में नीतीश कटारा की हत्या को ऑनर किलिंग के तौर पर माना गया, क्योंकि अपराध का कारण पारिवारिक अस्वीकृति थी। इस केस की कानूनन प्रक्रिया 23 सालों से जारी रही और कई फैसले आए।
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अदालत ने सुखदेव यादव को किस धाराओं में सजा दी थी

नीतीश कटारा हत्याकांड के दोषी सुखदेव यादव को अदालत ने विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत सजा सुनाई थी। मुख्य रूप से उसे हत्या (धारा 302) और अपहरण जैसी गंभीर धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया था। अदालत ने सुखदेव यादव को उम्रकैद (लगभग 20 साल की सजा) तथा जुर्माने की सजा भी सुनाई थी।

सुखदेव यादव को सह आरोपी के रूप में 20 साल की कारावास की सजा मिली थी जबकि मुख्य आरोपी विकास यादव और विशाल यादव को 25 साल की सजा दी गई। कोर्ट ने उसकी सजा पूरी करने के बाद मार्च 2025 में उसे रिहा किया था। सुखदेव पर लगे आरोपों में नीतीश कटारा के अपहरण और हत्या शामिल थे, जो ऑनर किलिंग के रूप में भी दर्ज किया गया था।

इस सजा में हत्या, अपहरण, आपराधिक साजिश, और फर्जी दस्तावेज बनाने जैसी धाराएँ शामिल थीं, जिनके तहत अदालत ने सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इन सजाों को बरकरार रखते हुए सजा पूरी करने के बाद सुखदेव यादव को रिहा किया था.

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