22 सितंबर 2025 से देशभर में GST 2.0 लागू हो गया है। इस फैसले का सीधा फायदा आम आदमी और छोटे व्यापारियों को मिलेगा। सरकार ने अब सिर्फ दो मुख्य टैक्स स्लैब रखे हैं—5% और 18%—जबकि लक्ज़री या ‘सिन गुड्स’ पर 40% जीएसटी रहेगा। इस बदलाव ने खासतौर पर जूते और रेडीमेड कपड़ों की कीमतों को आम लोगों की पहुंच में ला दिया है.

जूता और कपड़ा सस्ता क्यों?

अब तक 2500 रुपये तक के जूते और कपड़े पर 12 फीसदी जीएसटी लगता था, जिसे घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। इससे उनके दाम करीब 7-10 फीसदी तक कम हो जाएंगे। जूता कारोबार से जुड़े विजय सामा का कहना है कि कच्चे माल के करीब 19 उत्पादों पर भी टैक्स में राहत मिली है, जिससे कुल मिलाकर जूता सस्ता हो जाएगा। कपड़ा व्यापारियों के अनुसार, पहले जहाँ 2500 रुपये तक के कपड़ों पर 12% जीएसटी था, अब 5% ही लगेगा। इस तरह एक 2,000 रुपये के शर्ट की कीमत पर अब 140 रुपये की सीधी बचत होगी.

व्यापार और छोटे कारोबार को राहत

इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा। आगरा के व्यापार संगठनों का आंकलन है कि इससे कच्चा माल भी सस्ता मिलेगा, और रेडीमेड गारमेंट व शू इंडस्ट्री को नई रफ्तार मिलेगी। कारोबार बढ़ेगा तो नए रोज़गार भी सृजित होंगे। खासकर त्योहारी सीजन में व्यापारियों को बिक्री में इज़ाफा होने की उम्मीद है.

आम जनता और उपभोक्ता के फायदे

GST दरों में कटौती का सीधा असर ग्राहक की जेब पर दिखेगा। रोजमर्रा की चीज़ों, जैसे जूते-कपड़े, पर टैक्स कम होने से बड़ी आबादी को राहत मिलेगी। अब कम कीमत में बेहतर क्वालिटी के प्रोडक्ट मिल सकेंगे, और बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी—जिसका फायदा ग्राहक को मिलेगा.

The Daily Briefingमनोरंजनराजनीतिराष्ट्रीय समाचार22 सितंबर 2025 से देशभर में GST 2.0 लागू हो गया है। इस फैसले का सीधा फायदा आम आदमी और छोटे व्यापारियों को मिलेगा। सरकार ने अब सिर्फ दो मुख्य टैक्स स्लैब रखे हैं—5% और 18%—जबकि लक्ज़री या ‘सिन गुड्स’ पर 40% जीएसटी रहेगा। इस बदलाव ने खासतौर पर...For Daily Quick Briefing