बुलेटप्रूफ जैकेट से कैसे ASP अनुज चौधरी की जान बची, जानिए फिरोजाबाद एनकाउंटर की पूरी कहानी

50 हजार रुपये के इनामी बदमाश नरेश पंडित, जो कि 30 सितंबर को हुई 2 करोड़ रुपये की लूट का मास्टरमाइंड था, पुलिस अभिरक्षा से भाग गया था। उसके बाद जिलेभर में उसकी तलाश चल रही थी। 5 अक्टूबर को शाम को पुलिस को सूचना मिली कि नरेश बीएमआर होटल के पास देखा गया है। एएसपी (ग्रामीण) अनुज चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

जब पुलिस ने घेराबंदी की तो नरेश ने फायरिंग शुरू कर दी। इस जवाबी फायरिंग में एक गोली बाल-बाल बचने वाले एएसपी अनुज चौधरी की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी, जिससे उनकी जान बच गई। इस मुठभेड़ में थाना रामगढ़ के एसओ संजीव दुबे घायल हो गए। कुछ देर बाद चली मुठभेड़ में नरेश पंडित गोली लगने से गिर पड़ा और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने नरेश के पास से दो पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस और करीब 40 लाख रुपये की नगदी बरामद की।
नरेश पंडित अलीगढ़ के खैर क्षेत्र का निवासी था, उस पर कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने पहले ही उसके छह साथियों को गिरफ्तार कर नकदी और हथियार बरामद किए थे। नरेश फरार चल रहा था और पुलिस उसे पकड़ने की कोशिश कर रही थी।
संक्षेप में, नरेश पंडित की 2 करोड़ रुपये की कैश लूट की वारदात का मास्टरमाइंड था, जो पुलिस अभिरक्षा से भागकर फिरोजाबाद मकम्मनपुर क्षेत्र में 5 अक्टूबर को मुठभेड़ में मारा गया। इस मुठभेड़ में ASP अनुज चौधरी की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी, जिससे वे सुरक्षित रहे, जबकि एसओ संजीव दुबे घायल हुए।
यह मुठभेड़ फिरोजाबाद पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है और डीआईजी आगरा रेंज द्वारा इस टीम को 50 हजार रुपये का इनाम भी दिया गया है.
नरेश पंडित का आपराधिक पृष्ठभूमि और वारंट की सूची इस प्रकार है:
आपराधिक पृष्ठभूमि
- नरेश पंडित एक खतरनाक अपराधी था, जिसने लगभग एक दशक से लूट और गंभीर अपराधों में भाग लिया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया था।
- वह अलीगढ़ के खैर क्षेत्र का निवासी था और वह कई आपराधिक मामलों में वांछित था। उसके ऊपर 9 मुकदमे दर्ज थे, जिनमें से ज्यादातर लूट, डकैती और अवैध हथियार से संबंधित थे।
- वह हाल ही में 2 करोड़ रुपये की कैश लूट का मुख्य शक्ल था और इस मामले में वह फरार चल रहा था। उसके खिलाफ पुलिस ने पहले ही उसके छह साथियों को गिरफ्तार किया था।
- नरेश ने भी पुलिस पर फायरिंग की थी, और उसकी गोलियों से कई पुलिसवाले घायल हो चुके हैं।
वारंट की सूची
- नरेश के ऊपर कई गिरफ्तारी वारंट थे, जिनमें से मुख्य था 50,000 रुपये का इनाम घोषित, जो कि डीआईजी आगरा रेंज द्वारा जारी किया गया था।
- उसके कई मामले कोर्ट में लंबित थे, जिनमें हत्या, लूट, और अवैध हथियार रखने से संबंधित मुकदमे शामिल थे।
- 30 सितंबर की लूट की घटना के सिलसिले में भी पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया था।
निष्कर्ष
नरेश पंडित एक आपराधिक छवि वाला व्यक्ति था, जो अपराध की दुनिया में लंबे समय से सक्रिय था। उसकी गिरफ्तारी या जान का खतरा देखते हुए उसको पकड़ने के लिए पुलिस ने इनाम घोषित किया था, और अंततः मुठभेड़ में उसकी मृत्यु हो गई।

