दिल्ली पीरागढ़ी ट्रिपल मर्डर: तांत्रिक कमरुद्दीन ने धनवर्षा लालच में खिलाए जहरीले लड्डू, पिछले साल भी डबल मर्डर

दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में कार के अंदर मिले तीन शवों का रहस्य अब खुल चुका है। पुलिस ने खुलासा किया कि स्वयंभू तांत्रिक कमरुद्दीन उर्फ बाबा ने ‘धनवर्षा’ का झांसा देकर पीड़ितों को जहरीले लड्डू खिलाए, जिससे उनकी मौत हो गई। यह मामला सिर्फ ट्रिपल मर्डर तक सीमित नहीं, बल्कि आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास पिछले साल के डबल मर्डर से जुड़ा है।

पीरागढ़ी ट्रिपल मर्डर केस: कैसे शुरू हुई सनसनीखेज घटना?
पश्चिम विहार ईस्ट के पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास एक कार में तीन शव मिलने से दिल्ली-NCR में सन sensation फैल गया। 76 वर्षीय रणधीर (बापरोला गांव निवासी), 42 वर्षीय शिव नरेश (प्रॉपर्टी डीलर, नागली डेयरी) और 40 वर्षीय लक्ष्मी की लाशें कार के अंदर बरामद हुईं। शुरुआत में इसे हादसा माना गया, लेकिन पोस्टमॉर्टम और विसरा रिपोर्ट में जहर की मौजूदगी साफ हो गई।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन ट्रैकिंग से जांच तेज की। पता चला कि तीनों मृतक घटना से एक दिन पहले गाजियाबाद के लोनी इलाके गए थे, जहां तांत्रिक कमरुद्दीन ने उन्हें तंत्र-मंत्र का लालच दिया। लोनी से दिल्ली लौटते समय शराब, कोल्ड ड्रिंक के साथ जहरीले लड्डू खाने के बाद वे अचेत हो गए। आरोपी ने 2 लाख रुपये लूटकर फरार हो गया।
घटना का टाइमलाइन:
- 8-9 फरवरी 2026: पीड़ित लोनी में तांत्रिक से मिले।
- 10 फरवरी: कार में शव मिले, पुलिस जांच शुरू।
- 11 फरवरी: कमरुद्दीन गिरफ्तार, पूछताछ में जुर्म कबूल।
तांत्रिक कमरुद्दीन कौन है? आपराधिक बैकग्राउंड का खुलासा
72 वर्षीय कमरुद्दीन दिल्ली-NCR में ‘बाबा’ के नाम से कुख्यात था। वह तंत्र-मंत्र, काला जादू और धनवर्षा का दावा करता था। पुलिस जांच में सामने आया कि उसने पीड़ितों को रातों-रात करोड़पति बनाने का सपना दिखाया। अनुष्ठान के नाम पर लड्डुओं में आर्सेनिक जैसे घातक जहर मिलाया।
आरोपी के आश्रम से 50 किलो से ज्यादा जहर, तांत्रिक सामग्री और नकली दवाइयां बरामद हुईं। पूछताछ में उसने बताया कि लूट का इरादा था, लेकिन हत्या पहले से प्लान थी। कमरुद्दीन के मोबाइल नंबर तीनों पीड़ितों के फोन में सेव थे, जो जांच का बड़ा क्लू बने।
पिछले साल का डबल मर्डर: वही जहरीला modus operandi
2025 में भी कमरुद्दीन पर डबल मर्डर का केस दर्ज हुआ। 8 मई 2025 को उसने दो भक्तों को अपने घर बुलाया, तांत्रिक क्रिया का बहाना बनाकर जहरीला पदार्थ दिया। 9 मई को फारूकी ग्लास फैक्ट्री के पास दोनों के शव मिले। प्रारंभिक जांच में जहर पुष्टि हुई, लेकिन आरोपी फरार था।
डबल vs ट्रिपल मर्डर की तुलना:
यह सिलसिला दिखाता है कि तांत्रिक का modus operandi वही रहा – लालच, जहर और लूट।
पुलिस जांच: तकनीक और इंटेलिजेंस का कमाल
आउटर दिल्ली के DCP सचिन शर्मा की टीम ने 72 घंटों में केस क्रैक किया। कॉल डिटेल से संदिग्ध नंबर ट्रेस हुआ, जो कमरुद्दीन का था। कार में चौथे व्यक्ति की मौजूदगी तकनीकी सबूतों से साबित हुई। परिवारवालों के बयानों ने हत्या की आशंका मजबूत की।
विसरा रिपोर्ट लैब में भेजी गई, जो जहर की पुष्टि करेगी। आरोपी से 10 और शिकायतें सामने आ रही हैं। पुलिस ने सभी तांत्रिक आश्रमों पर नजर रखने के आदेश दिए।
पीड़ितों की कहानी: आस्था और लालच का शिकार
- रणधीर (76): बुजुर्ग, बापरोला गांव से। संतान लाभ के चक्कर में फंसे।
- शिव नरेश (42): प्रॉपर्टी डीलर, आर्थिक तंगी में धनवर्षा की चाह।
- लक्ष्मी (40): घरेलू महिला, परिवार की समृद्धि के लिए भटकीं।
ग्रामीण इलाकों से आने वाले ये लोग अंधविश्वास का शिकार बने। विशेषज्ञ कहते हैं कि गरीबी और अशिक्षा ऐसे ढोंगियों को हवा देती है।
तांत्रिकों का काला कारोबार: दिल्ली-NCR में बढ़ता खतरा
दिल्ली-NCR में तांत्रिक बाबाओं का नेटवर्क फैला है। धनवर्षा, संतान प्राप्ति, वैवाहिक समस्या जैसे लालच में लोग फंसते हैं। NCR में पिछले 2 सालों में 20+ ऐसे केस दर्ज। ज्यादातर ग्रामीण पृष्ठभूमि के लोग शिकार।
सुरक्षा टिप्स:
- संदिग्ध बाबाओं से दूर रहें।
- तंत्र-मंत्र के नाम पर पैसे या प्रसाद न लें।
- स्वास्थ्य समस्या पर डॉक्टर जाएं, पुलिस में शिकायत करें।
कानूनी कार्रवाई और भविष्य की चुनौतियां
कमरुद्दीन पर IPC की धारा 302 (हत्या), 420 (धोखाधड़ी) और POCSO जैसी धाराएं लगीं। कोर्ट में चार्जशीट जल्द। पुलिस ने जागरूकता कैंपेन शुरू किया। लेकिन अंधविश्वास खत्म करने के लिए शिक्षा और सख्त कानून जरूरी।
यह केस पूरे देश के लिए चेतावनी है। तंत्र-मंत्र के नाम पर अपराध बढ़ रहे हैं। अपडेट्स के लिए बने रहें।
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