पीएम मोदी ने अपने खास दोस्त पुतिन को फोन कर दी जन्मदिन की बधाई, बोले- भारत में स्वागत करने को उत्सुक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को उनके 73वें जन्मदिन पर फोन कर बधाई दी। उन्होंने पुतिन के अच्छे स्वास्थ्य और उनके सभी प्रयासों में सफलता की कामना की। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-रूस के द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति पर चर्चा की और विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत में स्वागत करने को लेकर उत्सुकता भी जताई। पुतिन दिसंबर के पहले सप्ताह में भारत आ सकते हैं, जहां यह शिखर सम्मेलन होने वाला है। यह दौरा रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पुतिन का पहला भारत दौरा होगा। दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग और साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है.

मोदी मित्र और विश्वसनीय साथी- पुतिन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में पीएम मोदी की तारीफ की थी और उन्हें एक संतुलित, बुद्धिमान और राष्ट्र हितैषी नेता बताया था। उन्होंने कहा था कि वह दिसंबर की शुरुआत में होने वाली भारत की अपनी यात्रा और अपने मित्र और विश्वसनीय साथी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात को लेकर उत्साहित हैं। पुतिन ने कहा था कि वह पीएम मोदी के साथ भरोसेमंद बातचीत में सहज महसूस करते हैं।
भारत पर अमेरिकी टैरिफ के बारे में बातचीत करते हुए कहा था क भारतीय लोग यह बर्दाश्त नहीं करेंगे कि उनके देश को उनके राष्ट्रीय हितों एवं प्राथमिकताओं के विपरीत कोई निर्णय लेने के लिए मजबूर किया जाए। उन्होंने कहा था कि भारत कभी किसी को स्वयं को अपमानित नहीं करने देगा। पुतिन ने कहा था कि अमेरिका के टैरिफ के कारण भारत को होने वाले नुकसान की भरपाई रूस से कच्चे तेल के आयात से हो जाएगी, साथ ही उसे एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठा भी मिलेगी। पुतिन ने कहा था कि भारत और रूस के बीच व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए रूस भारत से अधिक कृषि उत्पाद और दवाइयां खरीद सकता है।
पुतिन के भारत आगमन की संभावित तिथियाँ
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत आगमन की संभावित तिथियाँ 5 और 6 दिसंबर 2025 बताई जा रही हैं। यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए होगा। इस यात्रा की योजना अगस्त 2025 में NSA अजीत डोवाल के मॉस्को दौरे के दौरान पहली बार घोषित हुई थी और तब से तारीखें लगभग तय हो चुकी हैं। पुतिन ने भी इस आगामी भारत यात्रा के लिए अपनी उत्सुकता जाहिर की है और इसे द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का अवसर माना जा रहा है। अभी तक आधिकारिक घोषणा शेष है, लेकिन दोनों पक्ष इस दौरे की तैयारियों में लगे हुए हैं.

