पंजाब पुलिस के डीआईजी भुल्लर को ₹5 लाख की घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया,घर से करीब ₹5 करोड़ नकद बरामद

यह खबर एक ऐसे मामले से जुड़ी है जिसने पूरे पुलिस महकमे में हलचल मचा दी।

पंजाब पुलिस के डीआईजी (इनस्पेक्टर जनरल) स्तर के अधिकारी हरदीप सिंह भुल्लर पर रिश्वत लेने और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, भुल्लर को कार्यालय में ₹5 लाख की घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। इसके बाद जब उनकी संपत्ति की तलाशी ली गई, तो उनके घर से करीब ₹5 करोड़ नकद बरामद हुए।
भुल्लर पर आरोप है कि वे अपने अधीन आने वाले थानों से हर महीने एक तय रकम “सेवा-पानी” के नाम पर वसूलते थे। यह रकम कथित तौर पर उनके व्यक्तिगत खर्च और ऊपरी अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए ली जाती थी।
सूत्रों के मुताबिक, एंटी-करप्शन ब्यूरो को शिकायत मिली थी कि डीआईजी भुल्लर विभागीय नियुक्तियों और ट्रांसफर-पोस्टिंग में रिश्वत मांग रहे हैं। इसके बाद एजेंसी ने निगरानी रखकर ट्रैप लगाया और उन्हें नकद लेते हुए पकड़ लिया।
अब जांच एजेंसी उनके बैंक खातों, संपत्तियों और रिश्तेदारों के वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह राशि कहां-कहां निवेश की गई। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई और खुलासे हो सकते हैं।
FIR और जांच की शुरुआत
8 अक्टूबर 2025 को फतेहगढ़ साहिब के कबाड़ी कारोबारी आकाश बट्टा ने सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई कि डीआईजी भुल्लर और उनके सहयोगी किर्शनु उससे ₹8 लाख “सेवा-पानी” के नाम पर रिश्वत मांग रहे हैं। भुल्लर ने धमकी दी थी कि अगर भुगतान न किया गया तो उसके खिलाफ पुराना ‘सरहिंद केस’ दोबारा खोला जाएगा ।
टेलीफोन और वॉट्सऐप सबूत
सीबीआई ने प्राथमिक जांच के दौरान वॉट्सऐप कॉल रिकॉर्ड किए जिनमें भुल्लर अपने बिचौलिए किर्शनु को कहते सुने गए – “8 फड़ने ने 8,” यानी ₹8 लाख लेकर आना। इन कॉल्स से रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई ।
ट्रैप ऑपरेशन और गिरफ्तारी
11 अक्टूबर 2025 को सीबीआई ने चंडीगढ़ सेक्टर-21 मार्केट में ट्रैप बिछाया। बिचौलिए किर्शनु को रंगेहाथ ₹8 लाख लेते हुए पकड़ा गया। इसके बाद ‘कंट्रोल्ड कॉल’ पर भुल्लर ने पैसे मिलने की पुष्टि की और दोनों को अपने मोहाली ऑफिस बुलाया। वहां सीबीआई ने डीआईजी भुल्लर को उसी वक्त गिरफ्तार किया ।
तलाशी और बरामदगी
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की 52-सदस्यीय टीम ने मोहाली, रूपनगर और चंडीगढ़ स्थित ठिकानों पर छापे मारे।
बरामद वस्तुएं:
- लगभग ₹5 करोड़ कैश, तीन बैग और एक सूटकेस में
- 1.5 किलो सोना और ज्वेलरी
- 22 लग्जरी घड़ियाँ, 40 बोतल विदेशी शराब, हथियार और 15 संपत्तियों के कागजात
- Mercedes, Audi और BMW जैसी लग्जरी कारों की चाबियाँ
नोटों की गिनती के लिए तीन मशीनें बुलाई गईं। छापे जारी हैं और कुछ खातों को सील किया गया ।
सीबीआई का मामला और आगे की कार्रवाई
सीबीआई ने FIR (RC-2192025A0013) दर्ज की जिसमें आठ धाराएँ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और IPC की शामिल की गईं।
दोनों आरोपी – डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और बिचौलिए किर्शनु – को CBI कोर्ट, चंडीगढ़ में पेश किया गया। एजेंसी अब उनके बैंक खातों, संपत्तियों और रिश्तेदारों के वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है ।
विशेष तथ्य
भुल्लर 2009 बैच के IPS अधिकारी हैं और पहले बीक्रम मजीठिया के खिलाफ ड्रग्स केस की SIT के प्रमुख रह चुके हैं । जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि क्या उस दौरान भी इस तरह की अवैध कमाई हुई थी।
कुल मिलाकर, यह मामला केवल ₹5 लाख की रिश्वत से शुरू हुआ, लेकिन छापों ने भुल्लर की कथित भ्रष्टाचार की विशाल जाल को उजागर किया। अब सीबीआई इसे पंजाब पुलिस सेवा का बड़ा “बेनचमार्क केस” मान रही है, जिसमें नियमित “महीनावार सेवा-पानी” वसूली के सबूत भी सामने आए हैं।

