RJD में घुसपैठियों का कब्जा: रोहिणी आचार्य का तीखा हमला, लालू की बेटी ने बैठक से पहले RJD नेतृत्व पर साधा निशाना

रोहिणी आचार्य ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक से ठीक पहले सोशल मीडिया पर धमाल मचा दिया।

लालू प्रसाद यादव की बेटी ने पार्टी में ‘घुसपैठियों’ और ‘साजिशकर्ताओं’ का कब्जा होने का आरोप लगाया। यह बयान बिहार राजनीति में भूचाल ला सकता है, खासकर जब पटना के होटल मौर्या में बैठक हो रही है।
रोहिणी आचार्य का X पोस्ट: लालूवाद पर खतरा
रोहिणी आचार्य ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर RJD की मौजूदा बदहाली पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि पार्टी की कमान अब उन घुसपैठियों के हाथों में है, जिन्हें विरोधियों ने ‘लालूवाद’ को तहस-नहस करने का टास्क देकर भेजा है। रोहिणी ने असली लालूवादियों से अपील की कि वे इन संदिग्ध लोगों के खिलाफ आवाज उठाएं।
यह पोस्ट 24 जनवरी 2026 को वायरल हो गया, जब RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की चर्चा चरम पर थी। रोहिणी ने नेतृत्व पर सवालों से भागने और भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर चुप्पी साधी गई, तो साजिशकर्ताओं से मिलीभगत साबित हो जाएगी।
RJD राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक: पटना में हंगामा
पटना के होटल मौर्या में 25 जनवरी 2026 को सुबह 11:30 बजे RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक शुरू हुई। लालू प्रसाद यादव खुद अध्यक्षता कर रहे हैं, जबकि तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की चर्चा है। सभागार का नाम ‘लोकनायक जयप्रकाश नारायण सभागार’ रखा गया।
रोहिणी का बयान बैठक से ऐन पहले आया, जो पार्टी के आंतरिक कलह को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुराने लालूवादी नेताओं और तेजस्वी के कोर ग्रुप के बीच टकराव है। बैठक में बिहार विधानसभा चुनाव 2027 की रणनीति पर फोकस होगा।
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बैठक की मुख्य चर्चा के बिंदु
- तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष पद।
- पार्टी की संगठनात्मक मजबूती।
- लालूवाद की विचारधारा को मजबूत करना।
- बिहार NDA सरकार पर हमले की रणनीति।
लालू परिवार में तनाव: रोहिणी vs तेजस्वी?
रोहिणी आचार्य ने बिना नाम लिए तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। उन्होंने नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए, जैसे सवालों से बचना और लालूवादियों के प्रति अभद्र व्यवहार। यह लालू परिवार का पुराना विवाद है, जो तेज प्रताप यादव के साथ भी जुड़ा है।
लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य के बीच परिवारिक खींचतान RJD को कमजोर कर रही है। रोहिणी पहले भी सोशल मीडिया से राजनीतिक मुद्दे उठा चुकी हैं। उनके फॉलोअर्स ने पोस्ट पर हजारों रिएक्शन दिए, जिसमें समर्थन और विरोध दोनों शामिल हैं।
घुसपैठियों का आरोप: RJD में कौन हैं ये लोग?
रोहिणी ने ‘फासीवादी विरोधियों’ द्वारा भेजे गए घुसपैठियों का जिक्र किया। उनका इशारा तेजस्वी के करीबी नेताओं पर है, जो पुराने लालूवादियों को हाशिए पर धकेल रहे हैं। पार्टी सूत्र बताते हैं कि ये लोग लालू की सामाजिक न्याय की विचारधारा से भटक रहे हैं।
राजनीतिक पंडितों का कहना है कि RJD में गुटबाजी 2025 बिहार चुनावों के बाद बढ़ी। तेजस्वी युग में नए चेहरे आ रहे हैं, लेकिन पुराने कार्यकर्ता असंतुष्ट हैं। रोहिणी का हमला इसी असंतोष को आवाज देता है।
RJD के आंतरिक कलह की समयरेखा
| तारीख | घटना | प्रभाव |
|---|---|---|
| 2025 चुनाव | RJD की हार | गुटबाजी शुरू |
| जनवरी 2026 | रोहिणी का पहला हमला | नीतीश सरकार पर |
| 24 जनवरी 2026 | घुसपैठियों पर पोस्ट | बैठक से पहले हंगामा |
| 25 जनवरी 2026 | कार्यकारिणी बैठक | तेजस्वी को कमान? |
बिहार राजनीति पर असर: 2027 चुनावों का खतरा
यह विवाद RJD को बिहार विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कमजोर कर सकता है। NDA सरकार मजबूत है, और JDU-BJP गठबंधन फायदा उठा सकता है। रोहिणी का बयान विपक्षी एकता को प्रभावित करेगा।
विशेषज्ञ कहते हैं कि लालू परिवार अगर एकजुट नहीं हुआ, तो RJD का वोट बैंक खिसक सकता है। तेजस्वी को अब आंतरिक कलह सुलझाना होगा। BJP ने इसे ‘परिवारिक कलह’ बताकर तंज कसा।
रोहिणी आचार्य कौन हैं? लालू की राजनीतिक बेटी
रोहिणी आचार्य लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सबसे बड़ी बेटी हैं। वे अमेरिका में रहती हैं, लेकिन सोशल मीडिया से बिहार राजनीति में सक्रिय रहती हैं। पहले उन्होंने तेज प्रताप के विवाह विवाद पर बोला था। अब RJD की कमान पर सवाल उठा रही हैं।
उनकी पोस्ट्स हमेशा वायरल होती हैं। रोहिणी लालूवाद की सबसे बड़ी पैरोकार मानी जाती हैं। क्या वे जल्द मैदान में उतरेंगी?
लालू प्रसाद यादव की भूमिका: बैठक में क्या होगा?
लालू यादव बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। उनके स्वास्थ्य में सुधार है, लेकिन राजनीतिक फैसले तेजस्वी ले रहे हैं। रोहिणी का बयान लालू को असहज कर सकता है। पार्टी प्रवक्ता अभी चुप हैं।
सूत्र बताते हैं कि बैठक में रोहिणी के बयान पर चर्चा हो सकती है। लालू परिवार की एकता पर जोर दिया जाएगा।
सोशल मीडिया रिएक्शन: समर्थन और विरोध
रोहिणी की पोस्ट पर RJD समर्थकों ने लाइक-शेयर किए। कुछ ने कहा, “रोहिणी सही कह रही हैं, लालूवाद बचाओ।” विपक्षी ट्रोलर्स ने ‘परिवारवाद’ का ताना मारा। तेजस्वी समर्थकों ने चुप्पी साधी।
X पर #RohiniAcharya और #RJDMeeting ट्रेंड कर रहा है। वीडियो क्लिप्स वायरल हो गए।
RJD का भविष्य: चुनौतियां और अवसर
RJD को आंतरिक कलह के अलावा NDA सरकार से चुनौती है। बिहार में बेरोजगारी, महंगाई मुद्दे हैं। अगर लालू परिवार एकजुट हुआ, तो 2027 में वापसी संभव। रोहिणी का हमला जागृति का संकेत है।
पार्टी को लालूवाद को नए रूप देना होगा। युवा नेतृत्व और पुरानी विचारधारा का बैलेंस जरूरी।
विशेषज्ञ विश्लेषण: बिहार सियासत का नया मोड़
राजनीतिक विशेषज्ञ प्रो. रामपुकार सिंह कहते हैं, “रोहिणी का बयान RJD के पुनरुद्धार का संकेत है।” लेकिन डॉ. शंकर दास का मानना है, “परिवारिक कलह पार्टी को तबाह कर देगी।” बिहार की सियासत रोचक बनेगी।
रोहिणी के अन्य हमले: पिछला इतिहास
RJD पर नजर
RJD कार्यकारिणी बैठक के बाद साफ होगा कि रोहिणी का बयान कितना असर डालेगा। लालू परिवार की एकता बिहार राजनीति का भविष्य तय करेगी। घटनाक्रम पर नजर बनी है।
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