साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत का पूरा सच: इंजेक्शन, वायरल पोस्ट और पुलिस जांच

जोधपुर, राजस्थान में 25 वर्षीय प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक और संदिग्ध मौत ने पूरे देश को हिला दिया है। 28 जनवरी 2026 को आश्रम में इंजेक्शन लगने के मात्र 5 मिनट बाद उनकी सांसें थम गईं,

जिसके बाद मौत के चार घंटे ही इंस्टाग्राम पर ‘न्याय’ की मांग वाला पोस्ट वायरल हो गया। पुलिस मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करा रही है, जबकि परिजनों ने इंजेक्शन को मौत का कारण बताया है।
साध्वी प्रेम बाईसा कौन थीं? प्रेरणादायक जीवन परिचय
साध्वी प्रेम बाईसा राजस्थान के जोधपुर की रहने वालीं एक युवा आध्यात्मिक गुरु थीं, जिन्होंने कम उम्र में ही श्रीमद् भागवत कथा वाचन और भक्ति भजनों से लाखों भक्तों के दिलों में जगह बना ली। बाल साध्वी के रूप में प्रसिद्धि पाईं, उन्होंने धार्मिक गुरुओं के सान्निध्य में समय बिताया और सादगी व समर्पण से लोगों को प्रेरित किया।
उनका इंस्टाग्राम अकाउंट (@sadhvi_prembaisa_) पर 6 लाख से अधिक फॉलोअर्स थे, जहां वे मोटिवेशनल स्पीच, भक्ति भजन और सामाजिक संदेश शेयर करतीं। जन जीव कल्याण सेवा संस्थान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और जरूरतमंदों की आर्थिक मदद जैसे कार्य किए।
मथुरा में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की सनातन पदयात्रा में भाग लिया, जो उनकी धार्मिक सक्रियता दर्शाता है। युवा साध्वी के रूप में जानी जातीं, जिनके यूट्यूब वीडियो लाखों व्यूज पाते थे।
मौत कैसे हुई? आश्रम से अस्पताल तक का डरावना घटनाक्रम
28 जनवरी 2026 को जोधपुर के बोरानाडा स्थित आश्रम में साध्वी को खांसी-जुकाम और बुखार की शिकायत हुई। पिता ब्रह्म नाथ (या वीरमनाथ) ने कंपाउंडर को बुलाया, जिसने डेक्सोना इंजेक्शन लगाया। मात्र 5 मिनट बाद साध्वी बेहोश हो गईं और प्रेक्षा अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम 5:30 बजे डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित किया।
पिता के अनुसार, इंजेक्शन का रिएक्शन था, लेकिन पुलिस ने आश्रम सील कर कंपाउंडर को हिरासत में ले लिया। शव को पहले आश्रम ले जाया गया, फिर हंगामे के बाद एमडीएम अस्पताल मोर्चरी में रखा। डॉ. प्रवीण जैन ने पुष्टि की कि बचाने के सभी प्रयास विफल रहे।
डेक्सोना इंजेक्शन सामान्यतः बुखार-एलर्जी के लिए सुरक्षित है, लेकिन गलत डोज या एलर्जी से खतरा हो सकता है। पुलिस थ्योरी: क्या यह जानलेवा साबित हुआ?
वायरल इंस्टाग्राम पोस्ट: सुसाइड नोट या न्याय की गुहार?
मौत के चार घंटे बाद इंस्टाग्राम पर पोस्ट आया: “जीते जी नहीं, मरने के बाद न्याय मिलेगा। सनातन धर्म, अग्नि परीक्षा और ब्लैकमेलिंग का जिक्र।” यह वायरल हो गया, संदेह बढ़ाया।
पिता वीरमनाथ ने खुलासा किया: भक्तों के आग्रह पर स्टाफ से पोस्ट करवाई, साध्वी ने पहले लिखी थी। एनडीटीवी को बताया कि यह अंतिम संदेश था। पुलिस डिजिटल फॉरेंसिक जांच कर रही: समय, डिवाइस और लेखक की पड़ताल।
फॉलोअर्स ने मौत की खबर फर्जी बताई, लेकिन पुष्टि के बाद शोक। पोस्ट ने केस को सस्पेंसफुल बना दिया।
पुराना वायरल वीडियो विवाद: मौत से जुड़ा कनेक्शन?
महीनों पहले पिता-बेटी का भावुक वीडियो वायरल हुआ, जहां साध्वी पिता के गले लगीं। कुछ ने इसे अनुचित बताया, साध्वी ने एडिटेड कहकर खारिज किया: “भगवान ऐसे लोगों को माफ नहीं करेंगे।” FIR दर्ज, ब्लैकमेलिंग के आरोप।
पोस्ट में ‘अग्नि परीक्षा’ का जिक्र उसी विवाद से जुड़ता लगता। ट्रोलिंग से परेशान थीं साध्वी। पुलिस जांच रही कि क्या यह मौत का मोटिव बना?
पोस्टमार्टम और पुलिस जांच: क्या खुलेगा राज?
मेडिकल बोर्ड पोस्टमार्टम कर रहा, रिपोर्ट का इंतजार। शव जास्ती गांव ले जाया, 30 जनवरी को समाधि। भारी हंगामा: समर्थकों ने न्याय मांगा।
पुलिस करीबियों, डॉक्टरों, स्टाफ के बयान ले रही। हनुमान बेनिवाल जैसे नेता शामिल। कोई सुसाइड एंगल नहीं, लेकिन संदेह बरकरार।
अंतिम संस्कार पर सहमति बनी, लेकिन सवाल: इंजेक्शन, पोस्ट या पुराना विवाद?
साध्वी के सामाजिक योगदान: यादें जो अमर रहेंगी
साध्वी ने पर्यावरण संरक्षण अभियान चलाए, पेड़ लगाए। शिक्षा के लिए स्कूलों में भजन गाया। जरूरतमंदों को आर्थिक मदद दी।
श्रीमद् भागवत कथा से लाखों को जोड़ा। यूट्यूब पर वीडियो: भक्ति, मोटिवेशन। धीरेंद्र शास्त्री जैसे संतों से जुड़ाव।
उनकी सादगी युवाओं के लिए प्रेरणा। संस्थान उनके नाम चलेगा।
सोशल मीडिया पर हंगामा: फर्जी खबरें और समर्थन
इंस्टाग्राम-यूट्यूब पर ट्रेंडिंग। फॉलोअर्स: “साजिश लगता है।” वीडियो: पोस्ट का विश्लेषण।
राजनीतिक बयान: न्याय की मांग। पुलिस अपील: अफवाह न फैलाएं।
विशेषज्ञों की राय: इंजेक्शन से मौत संभव?
डॉक्टर: डेक्सोना ओवरडोज से एनाफिलेक्सिस हो सकता। लेकिन 5 मिनट में दुर्लभ। पुलिस रिपोर्ट इंतजार।
भविष्य में सबक: आश्रमों में मेडिकल सुविधा जरूरी
यह घटना आश्रमों में डॉक्टर उपलब्धता पर सवाल। कंपाउंडर की ट्रेनिंग जरूरी। भक्तों की जिम्मेदारी।
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