केरल SAI हॉस्टल: पंखे से लटकी 2 नाबालिग लड़कियों की लाश, सुसाइड नोट गायब

केरल के थिरुवनंतपुरम में खेल प्राधिकरण ऑफ इंडिया (SAI) के हॉस्टल में दो नाबालिग लड़कियों की संदिग्ध मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। 14 और 16 वर्षीय दोनों लड़कियां पंखे से लटकी मिलीं, लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस की जांच तेज हो गई है, परिवार वाले हत्या का शक जता रहे हैं।

घटना की पूरी टाइमलाइन
घटना गुरुवार सुबह SAI ट्रेनिंग सेंटर के हॉस्टल रूम नंबर 205 में सामने आई। हॉस्टल वार्डन ने रूटीन चेकिंग के दौरान दरवाजा खटखटाया, लेकिन जवाब न मिलने पर अंदर झांका तो भयानक मंजर देखा।
- दोनों लड़कियां एक ही कमरे में छत के पंखे से लटकी पाई गईं।
- पहचान: 14 वर्षीय अनुष्का (तमिलनाडु) और 16 वर्षीय प्रिया (केरल स्थानीय), राज्य स्तरीय एथलेटिक्स ट्रेनिंग पर थीं।
- समय: सुबह 7:30 बजे वार्डन को शक हुआ, 8 बजे पुलिस पहुंची।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि लड़कियां पिछले 2-3 दिनों से उदास और चुपचाप रह रही थीं। रात 10 बजे लाइट्स ऑफ होने के बाद कोई हलचल नहीं दिखी।
पीड़िताओं का बैकग्राउंड
दोनों लड़कियां SAI की स्पोर्ट्स अकादमी में एथलेटिक्स कोचिंग ले रही थीं। अनुष्का ने हाल ही में जूनियर नेशनल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था, जबकि प्रिया डिस्ट्रिक्ट लेवल चैंपियन।
- परिवारिक स्थिति: अनुष्का के माता-पिता मजदूर, प्रिया के पिता स्कूल टीचर।
- हॉस्टल लाइफ: SAI हॉस्टल में 50 से ज्यादा लड़कियां रहती हैं, सख्त नियम लेकिन काउंसलिंग की कमी।
- पिछली शिकायतें: सहेलियों के मुताबिक, दोनों को होस्टल स्टाफ से ताने मिलते थे – “ट्रेनिंग में कमजोर हो।”
परिवार ने बताया कि लड़कियां घर से खुश थीं, कोई परेशानी नहीं बताई। यह रहस्य और गहरा गया।
पुलिस जांच के नए मोड़
थिरुवनंतपुरम पुलिस ने FIR दर्ज कर फॉरेंसिक टीम बुलाई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट 24 घंटे में आएगी। अभी सुसाइड लग रहा, लेकिन सबूत न मिलना संदेह बढ़ा रहा।
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| जांच का पहलू | वर्तमान स्थिति | अगला कदम |
|---|---|---|
| सुसाइड नोट | नहीं मिला | कमरे की गहन तलाशी |
| CCTV फुटेज | रूम के बाहर मौजूद | 48 घंटे का विश्लेषण |
| मोबाइल फोन | दोनों के फोन रिकवर | कॉल रिकॉर्ड चेक |
| मेडिकल रिपोर्ट | प्रारंभिक: कोई जहर नहीं | टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट |
| गवाह बयान | 10 सहेलियां पूछताछ में | कोच और स्टाफ से पूछताछ |
SP रवि कुमार: “हर एंगल से जांच कर रहे। हत्या का शक हो तो खुलासा करेंगे।”
SAI हॉस्टल सुरक्षा पर सवालों की बौछार
SAI के 200+ हॉस्टलों में ऐसी घटनाएं पहली नहीं। 2024 में तमिलनाडु SAI में एक लड़के की सुसाइड हुई थी। अब सवाल उठ रहे:
- 24/7 CCTV क्यों नहीं हर रूम में?
- काउंसलर की कमी: एक हॉस्टल में सिर्फ 1 काउंसलर 100 बच्चों के लिए।
- ट्रेनिंग प्रेशर: 6-8 घंटे प्रैक्टिस, मानसिक स्वास्थ्य नजरअंदाज।
- अभिभावक नाराज: “हम बच्चे सौंपते हैं, सुरक्षा कौन देगा?”
SAI डायरेक्टर जनरल ने बयान: “पूर्ण जांच, दोषी पर कार्रवाई। सभी हॉस्टलों में काउंसलिंग बढ़ाएंगे।”
परिवारों का गम और गुस्सा
अनुष्का की मां रोते हुए: “बेटी फोन पर बोली सब ठीक, फिर ये क्या?” प्रिया के पिता: “हत्या है, सुसाइड नोट गायब कैसे?” दोनों परिवार थिरुवनंतपुरम पहुंचे, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार।
- सोशल मीडिया पर #JusticeForSAIGirls ट्रेंडिंग।
- राज्य सरकार ने हाई लेवल कमिटी गठित की।
- खेल मंत्री: “SAI फंडिंग पर रिव्यू।”
विशेषज्ञों की राय: क्यों हो रही ऐसी घटनाएं?
साइकोलॉजिस्ट डॉ. मीरा शर्मा: “स्पोर्ट्स होस्टल में प्रेशर, होमसिकनेस, बुलिंग आम। काउंसलिंग जरूरी।”
- कारण 1: अत्यधिक ट्रेनिंग स्ट्रेस।
- कारण 2: सहपाठी दबाव और बुलिंग।
- कारण 3: परिवार से दूरी का trauma।
- रोकथाम: हेल्पलाइन 24/7, मेंटल हेल्थ चेकअप मासिक।
NCPCR ने संज्ञान लिया, SAI को नोटिस।
राज्य स्तर पर हड़कंप
केरल CM पिनारयी विजयन: “पूर्ण सहयोग देंगे।” विपक्ष ने SAI बंद करने की मांग। तमिलनाडु सरकार अनुष्का के परिवार को 10 लाख मदद।
- पड़ोसी राज्य अलर्ट: SAI हॉस्टलों में स्पेशल चेक।
- खेल मंत्रालय: नेशनल गाइडलाइंस रिवाइज।
- अभिभावक यूनियन: “ट्रेनिंग सेंटर बंद करो।”
सोशल मीडिया पर बहस
ट्विटर पर 50K पोस्ट: “SAI फेलियर”। इंस्टाग्राम रील्स में वार्डन की लापरवाही वायरल। फेसबुक ग्रुप्स में पैरेंट्स शेयरिंग स्टोरीज।
भविष्य के लिए सबक
यह tragedy SAI सिस्टम में सुधार की मांग कर रही। मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दो। बच्चों की सुरक्षा पहले।
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